जोधपुर
साहब! नदी के जहरीले पानी और इसकी बदबू के कारण हम बेहाल रहे हैं, अब बर्दाश्त नहीं होता है, हम बहुत लाचार हो गए हैं। आप ही बताइए, आप हमारे यहां कब आएंगे? हाथ जोड़कर बोल रहे युवक की पीड़ा सुनकर राजस्थान के जोधपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल भी हैरान रह गए। दरअसल यह मामला राजस्थान के जोधपुर में जनसुनवाई के दौरान का है, जहां एक युवक ने जोजरी नदी में फैक्ट्रियों और सीवरेज से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी को लेकर अपनी पीड़ा जाहिर की। यहीं नहीं युवक ने कलेक्टर को अपने गांव आने के लिए पीले चावल देकर भी आंमत्रित कर दिया। इस पर जोधपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने आश्वासन दिया कि इस पर जल्द ही एक्शन किया जाएगा।
15 सालों से भोग रहे हैं दूषित जल की पीड़ा
दरअसल, जनसुनवाई में युवक ने लूणी जिले के धवा और मलवा क्षेत्र के लोग जोजरी नदी के दूषित और जहरीले पानी का मुद्दा उठाया। इसको लेकर जोधपुर कलेक्टर की जनसुनवाई में एक युवक ने हाथ जोड़कर अपने गांव की दयानीय स्थिति बताई। इस दौरान युवक कलेक्टर के सामने कहता है कि हम 15-20 सालों से जोजरी नदी के जहरीले और दूषित पानी के बीच में रह रहे हैं। इसके कारण हमारा जीवन दुभर हो गया है। उसने कलेक्टर को बोतल में भरे हुए पानी को दिखाते हुए कहा कि नदी के पानी में केमिकल होने से जमीने बंजर हो गई हैं। साथ ही खेतों में पेड़ जल गए हैं। वन्य जीव भी मरने लगे हैं।
कलेक्टर को पीले चावल देकर गांव आने के लिए आमंत्रित किया
युवक का कहना है कि जोधपुर की फैक्ट्रियों और सीवरेज से निकलने वाले केमिकल जोजरी नदी में मिलता हैं। जिसके कारण पानी पूरी तरह दूषित और जहरीला हो गया है। इस पानी की दुर्गंध से सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। युवक ने बताया कि इस पानी का सैंपल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी लेकर गए हैं, लेकिन उसका क्या हुआ? किसी को कुछ पता नहीं। अपनी पीड़ा सुनाते हुए युवक ने जोधपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल को अपने गांव आने के लिए पीले चावल देकर भी आमंत्रित किया। इस पर कलेक्टर अग्रवाल ने उनके गांव आने की बात कही और आश्वासन दिया कि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई होगी।
