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समन पर आया बृजभूषण का जवाब, 3 धाराओं में केस, जानें कितने साल की हो सकती है सजा

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नई दिल्ली,

भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को यौन शोषण मामले में कोर्ट ने समन जारी कर दिया है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने पुलिस की चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए बृजभूषण को 18 जुलाई को पेश होने का आदेश दिया है. वहीं बृजभूषण ने एक न्यूज एजेंसी ने कहा- मैं 18 जुलाई को कोर्ट के सामने पेश होऊंगा. मुझे अदालत में पेश होने से कोई छूट नहीं चाहिए. कोर्ट WFI के सहायक सचिव विनोद तोमर को भी समन जारी किया है.

छह बालिग महिला पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. पुलिस ने अपनी चार्जशीट बृजभूषण पर कई धाराएं लगाई हैं. अगर उन पर यौन शोषण के आरोप साबित हो जाते हैं तो उन्हें कई साल की सजा हो सकती है. आइए जानते हैं कि पुलिस की चार्जशीट में उन पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं और उन्हें कितने साल तक की सजा हो सकती है.

– IPC की धारा 354: यानी स्त्री की मर्यादा और मान सम्मान को क्षति पहुंचाने के लिए उस पर हमला किया गया है या उसके साथ गलत मंशा के साथ जोर जबरदस्ती की गई है. इस धारा में दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 5 साल की सजा का प्रावधान है और ये एक गैर जमानती धारा है.

– IPC की धारा-354 ए: अगर कोई व्यक्ति शारीरिक संपर्क या अवांछित और स्पष्ट यौन संबंध का प्रस्ताव देता है या यौन अनुग्रह की मांग या अनुरोध करता है, महिला की इच्छा के बिना उसे अश्लील कंटेंट दिखाता या यौन संबंधी टिप्पणियां करता है, तो वह यौन उत्पीड़न के अपराध का दोषी होगा. इस धारा के तहत अधिकतम एक साल की सजा का प्रावधान है और ये एक जमानती धारा है.

– IPC की धारा 354D: अगर कोई पुरुष किसी महिला का पीछा करता है और संपर्क करता है, या महिला की इच्छा के विरुद्ध या साफ मना करने के संकेत के बावजूद बार-बार व्यक्तिगत बातचीत को बढ़ाने के लिए संपर्क करने का प्रयास करता है; या इंटरनेट, ईमेल या इलेक्ट्रॉनिक संचार के किसी अन्य माध्यम का इस्तेमाल कर महिला की निगरानी करता है, वह स्टॉकिंग के तहत दोषी माना जाएगा. इस धारा के तहत 5 साल की अधिकतम सजा का प्रावधान है. हालांकि यह जमानती धारा है.
क्या है पूरा मामला?

बृजभूषण शरण सिंह को WFI चीफ पद से हटाने के लिए सबसे पहले जनवरी में दिल्ली में मंतर-मंतर पर पहलवानों ने धरना दिया था. तब जांच कमेटी का आश्वासन मिलने से पहलवान वापस लौट गए थे. फिर अचानक तीन महीने बाद अप्रैल में पहलवानों का दिल्ली में जमावड़ा लगा और बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न के मामले में FIR की मांग की गई.

सुप्रीम कोर्ट के दखल पर रिपोर्ट दर्ज हुई. लेकिन, गिरफ्तारी ना होने को मुद्दा बनाकर घेराबंदी तेज कर दी गई. इस बीच, जून के दूसरे हफ्ते में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी और बृजभूषण को नाबालिग के यौन उत्पीड़न के आरोपों पर क्लीन चिट दे दी. हाल ही में पहलवान साक्षी मलिक ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के बाद बयान दिया था.

पॉक्सो केस में इसलिए मिली राहत
पिछले महीने दिल्ली पुलिस ने नाबालिग पहलवान से यौन शोषण केस में बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को क्लीन चिट दे दी थी. पुलिस ने पटियाला कोर्ट में पेश अपनी 550 पेज की कैंसिलेशन रिपोर्ट में बताया था कि POCSO की शिकायत को लेकर कोई सबूत नहीं मिला है. इतना ही नहीं पुलिस का कहा था कि POCSO मामले में जांच पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता यानी पीड़िता के पिता और स्वयं पीड़िता के बयानों के आधार पर इस मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की है.

नाबालिग महिला पहलवान ने पहले बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. लेकिन बाद में उसने बयान में बदलाव करते हुए कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष पर भेदभाव का आरोप लगाया थे. दूसरे बयान में नाबालिग ने यौन शौषण का आरोप वापस लेते हुए कहा कि मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ था, मैंने बहुत मेहनत की थी, मैं डिप्रेशन में थी. इसलिए गुस्से में यौन शौषण का मामला दर्ज करवाया था. हालांकि बाकी महिला पहलवानों ने पीड़ित परिवार को धमकी देकर बयान बदलने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया.

पहलवानों ने ये की है शिकायत

पहली शिकायत- होटल के रेस्तरां में रात के खाने के दौरान मुझे अपनी मेज पर बुलाया, मुझे टच किया, छाती से पेट तक छुआ. रेसलिंग फेडरेशन के ऑफिस में बिना मेरी इजाजत के मेरे घुटनों, मेरे कंधों और हथेली को छुआ गया. अपने पैर से मेरे पैर को भी टच किया गया. मेरी सांसों के पैटर्न को समझने के बहाने से छाती से पेट तक टच किया गया.

दूसरी शिकायत- जब मैं चटाई पर लेटी हुई थी, आरोपी (बृजभूषण सिंह) मेरे पास आया, मेरे कोच उस वक्त नहीं थे, मेरी अनुमति के बिना मेरी टी-शर्ट खींची, अपना हाथ मेरे ऊपर रख दिया छाती पर और मेरी श्वास की जांच के बहाने इसे मेरे पेट के नीचे सरका दिया. फेडरेशन के ऑफिस में मैं अपने भाई के साथ थी, मुझे बुलाया और भाई को रुकने को कहा गया, फिर कमरे में अपनी तरफ खींचा जबरदस्ती करने की कोशिश की.

तीसरी शिकायत- उसने मुझे मेरे माता-पिता से फोन पर बात करने के लिए कहा, क्योंकि उस समय मेरे पास मेरा मोबाइल फोन नहीं था . आरोपी (सिंह) ने मुझे अपने बिस्तर की ओर बुलाया जहां वह बैठा था और फिर अचानक, मेरी अनुमति के बिना उसने मुझे गले लगा लिया. अपने यौन इरादों को पूरा करने के लिए, उसने मुझे सप्लीमेंट खरीदने की पेशकश करके मुझे रिश्वत देने की भी कोशिश की.

चौथी शिकायत – बृजभूषण सिंह ने मुझे बुलाया और मेरी टी-शर्ट खींची और अपना हाथ मेरे पेट के नीचे खिसका दिया. मेरी सांस की जांच के बहाने मेरी नाभि पर हाथ रख दिया.

पांचवीं शिकायत- मैं लाइन में सबसे पीछे थी, तभी गलत तरीके से छुआ, मैने जब दूर जाने की कोशिश की तो कंधे को पकड़ लिया.

छठी शिकायत- तस्वीर के बहाने कंधे पर हाथ रखा, मैंने विरोध किया.

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