पुणे
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर इशारों में सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि भारत को ‘आत्मनिर्भर भारत’, पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और विश्वगुरु बनाने के बारे में बहुत चर्चा हो रही है, लेकिन लोगों को दूसरों को सलाह देने से पहले खुद में बदलाव लाना चाहिए।सांगली में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर नितिन गडकरी पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी आमंत्रित थे। नितिन गडकरी ने कहा कि लोग आज भी शिवाजी महाराज से प्रेरणा ले सकते हैं।
‘विश्वगुरु बनने की बात होती है लेकिन…’
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘अगर हम उनके किसी गुण को भी अपना लें, तो यह हमारे समाज और देश को बहुत आगे ले जाएगा। अक्सर भारत को ‘आत्मनिर्भर भारत’, पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और विश्वगुरु बनाने की बातें होती हैं। लेकिन अगर हम यह सब हकीकत में लाना चाहते हैं, तो हमें खुद में बदलाव लाना होगा।’
बिना नाम लिए किस पर इशारा?
नितिन गडकरी ने आगे कहा, ‘दूसरों को बदलने के लिए कहना आसान है, लेकिन किसी व्यक्ति को दूसरों को सलाह देने से पहले खुद से शुरुआत करनी होगी।’ नितिन गडकरी का इशारा किसकी तरफ था इसे लेकर उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया न ही कोई विवरण बताया।
लोकसभा चुनाव का किया जिक्र
गडकरी ने कहा कि जाति, नकदी और अपराध राजनीति में सबसे बड़े तत्व बन गए हैं। ‘राजनीति के शुद्धिकरण के लिए नेताओं को शिवाजी महाराज के सिद्धांतों का पालन करना होगा और समाज की बेहतरी के लिए उनके सुशासन के विचार को अपनाना होगा।’ उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा था, तब उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वोट न मिलने पर भी वे जाति आधारित राजनीति में शामिल नहीं होंगे। पवार, जिनकी पहले से ही प्रतिबद्धताएं थीं, ने अपना भाषण दिया और गडकरी के आने से पहले ही कार्यक्रम स्थल से चले गए। केंद्रीय मंत्री तय समय से करीब आधे घंटे देरी से पहुंचे।
