नई दिल्ली
पूरे देश में दिल्ली एनसीआर और उत्तर भारत की खराब आबो-हवा चिंता का विषय बनी हुई है। अब भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के बढ़ते स्तर की वजह से मॉर्निंग वॉक पर जाना बंद कर दिया है।
पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में CJI DY चंद्रचूड़ ने कहा कि उनके डॉक्टर ने उन्हें सलाह दी है कि वे सुबह के समय बाहर न निकलें क्योंकि क्योंकि सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित होने के बजाय घर के अंदर रहना ही उनके लिए बेहतर है।
न्यूज एजेंसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने पत्रकारों से हवा में बढ़ते प्रदूषण का जिक्र करते हुए कहा, “मैंने मॉर्निंग वॉक के लिए आज (24 अक्टूबर) से बाहर निकलना बंद कर दिया है। मैं आम तौर पर सुबह चार- सवा चार बजे मॉर्निंग वॉक के लिए जाता हूं।”
पत्रकारों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने गुरुवार को यह भी ऐलान किया कि अब सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही को कवर करने वाले पत्रकारों को मान्यता देने के लिए कानून की डिग्री रखने की अनिवार्य शर्त नहीं है। उन्होंने कहा कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों को अब सुप्रीम कोर्ट परिसर में अपने वाहन पार्क करने की सुविधा मिलेगी।
इस दौरान उन्होंने रिकॉर्ड्स और ज्यूडिशियल प्रक्रिया के डिजिटलाइजेशन औऱ सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट को क्षेत्रीय भाषाओं में ट्रांसलेट करने के लिए AI के इस्तेमाल पर भी बात की। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड्स के डिजिटलाइजेशन से जजों को iPads और फ्लाइट्स में केस पढ़ने में मदद मिली है। रिटायरमेंट के बाद के प्लान से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि वो शुरुआत के कुछ दिन रेस्ट करेंगे।
