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बेरहम दिसंबर! 2022 में भी वही कहानी, फिर सबको रुला कर जा रहा गुजरता साल

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ब्राजील के दिग्‍गज फुटबॉलर पेले नहीं रहे। हीरा बा पंचतत्‍व में विलीन हुईं। ये दो झटके पिछले 24 घंटों में लगे हैं। युवा क्रिकेटर ऋषभ पंत की कार उत्‍तराखंड के रुड़की में हादसे का शिकार हो गई। टीवी ऐक्‍ट्रेस तुनिषा शर्मा के स्‍यूसाइड पर रोज नए अपडेट आ रहे हैं। झारखंड की ऐक्‍टर रिया कुमारी की गोली मारकर हत्‍या भी हफ्ते भर के भीतर ही हुई है। इस दिसंबर हमने कई मशहूर हस्तियों को गंवाया है। कोरोना वायरस की ताजा लहर ने चीन, जापान, दक्षिण कोरिया समेत कई देशों में लाशों का अंबार लगा दिया है। हर बार दिसंबर में जब दुनिया नए साल के स्‍वागत की तैयारियों में लगी होती है, कुछ न कुछ ऐसा हो जाता है जिससे मन उचट जाता है।

जाते-जाते रुलाकर जा रहा 2022 का दिसंबर
30 दिसंबर 2022
– भारत में यह तारीख शुरू ही हुई थी कि महानतम एथलीट्स में से एक, पेले के निधन की खबर आई। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। पेले 82 साल के थे। पेले को फुटबॉल जगत के दिग्गज खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। उनके निधन के बाद से ही फुटबॉल जगत में शोक की लहर है। ब्राजील में तो सरकार ने 3 दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान कर दिया है।
– रात के झटके के बाद किसी तरह नींद के आगोश में गए भारतीय सुबह उठे तो एक और खबर ने आंखें नम कर दीं। खबर गुजरात से थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन गुजर चुकी थीं। दो दिन पहले ही तबीयत बिगड़ने पर उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती किया गया था। मोदी खबर पाते ही घर के लिए निकल पड़े। मां का अंतिम संस्‍कार पूरा करने के बाद मोदी वापस सरकारी कामों में लग गए।
– अभी हीरा बा की यादें जेहन में ताजा ही थीं कि क्रिकेट जगत से डरा देने वाली खबर आई। रात के अंधेरे में विकेटकीपर बल्‍लेबाज ऋषभ पंत की कार का भयानक एक्‍सीडेंट हो गया था। उत्‍तराखंड के रुड़की के बाद हादसे में पंत को खासी चोटें आई हैं। राहत की बात रही कि वह खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

हर साल रुला जाता है दिसंबर
3 दिसंबर 1915 को भूटान और अरुणाचल प्रदेश में भयानक भूकंप आया। 170 लोग मारे गए और हजारों विस्थापित हुए।
3 दिसंबर 1984 को भोपाल में यूनियन कार्बाइड की फैक्टरी से जहरीली गैस का रिसाव। 3,000 से ज्यादा लोग मारे गए, हजारों लोग विकृतियों के साथ जन्‍मे। लाखों लोगों पर असर पड़ा।
5 दिसंबर 1943 को जापानी विमान ने कोलकाता में बम बरसाए।
6 दिसंबर 1992 को हिंदू कारसेवकों ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहा दी। इसके बाद देश के कई हिस्सों में दंगे भड़क उठे।
8 दिसंबर 2021 को भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की हेलिकॉप्‍टर हादसे में मौत। उनकी पत्नी और 10 अन्य सहयात्री भी मारे गए।
13 दिसंबर 2001 को भारत के संसद भवन पर आतंकवादियों ने हमला किया। नौ लोग मारे गए, 18 घायल हुए।
14 दिसंबर 2011 को पश्चिम बंगाल में जहरीली शराब पीने से 166 लोगों की मौत।
16 दिसंबर 2012 को नई दिल्‍ली में चलती बस में ‘निर्भया’ का गैंगरेप। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। देशभर में प्रदर्शन हुए।
23 दिसंबर 1995 को हरियाणा के सिरसा जिले में डीएवी पब्लिक स्‍कूल के पुरस्कार वितरण समारोह में आग लगी। कम से कम 400 लोगों की मौत हुई, 150 से ज्यादा घायल हुए।
24 दिसंबर 1999 को इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC 814 का आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया। कई दिन चली बातचीत के बाद जैश-ए-मोहम्‍मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को रिहा किया गया। पूरे प्रकरण के दौरान एक व्‍यक्ति की मौत हुई और 17 यात्री घायल हुए थे।
26 दिसंबर 2004 को हिंद महासागर में सुनामी आई। भारत, श्रीलंका और इंडोनेशिया में लाखों लोग मारे गए।
27 दिसंबर 1975 को स्‍वतंत्र भारत के इतिहास की सबसे बड़ी खान दुर्घटना घटी। धनबाद के चासनाला स्थित माइन में बना रिजर्वायर टूट गया और बाढ़ आ गई। हादसे में 350 से ज्यादा लोग मारे गए।

दिसंबर में किन प्रमुख हस्तियों का निधन हुआ?
जनरल बिपिन रावत (8 दिसंबर 2021)
फारूख शेख (27 दिसंबर 2013)
शंकर दयाल शर्मा (26 दिसंबर 1999)
सुमित्रानंदन पंत (28 दिसंबर 1977)
विक्रम साराभाई (31 दिसंबर 1971)
सी. राजगोपालाचारी (25 दिसंबर 1972)
जैल सिंह (25 दिसंबर 1994)
पेरियार ईवी रामास्वामी (24 दिसंबर 1973)
पी वी नरसिम्हा राव (23 दिसंबर 2004)
सरदार वल्‍लभभाई पटेल (15 दिसंबर 1950)
स्मिता पाटिल (13 दिसंबर 1986)
रामानंद सागर (12 दिसंबर 2005)
रविशंकर (11 दिसंबर 2012)
एमएस सुब्बालक्ष्मी (11 दिसंबर 2004)
देव आनंद (3 दिसंबर 2011)
मेजर ध्यानचंद (3 दिसंबर 1979)

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