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दादा प्लीज दादा… बच्ची को रोता देख आंध्र पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने रोका काफिला, चूमा माथा, सेल्फी भी ली

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अमरावती

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी हाल ही में विजयवाड़ा के दौरे पर थे। इस दौरान एक छोटी बच्ची के साथ उनकी मुलाक़ात ने सबका दिल जीत लिया। यह घटना सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। जगन रेड्डी की गाड़ियों का काफिला विजयवाड़ा की सड़कों पर आगे बढ़ रहा था। हज़ारों समर्थक सड़क के दोनों ओर खड़े होकर उनका स्वागत कर रहे थे। इसी भीड़ में एक छोटी बच्ची की नज़र अपने चहेते नेता पर पड़ी। उसे देखते ही वह भावुक हो गई और ज़ोर-ज़ोर से ‘जगन अन्ना’ पुकारने लगी। भीड़ की वजह से वह उन तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रही थी।

छोटी बच्ची का उत्साह देखकर जगन रेड्डी ने अपना काफिला रुकवा दिया। बिना एक पल गंवाए, उन्होंने बच्ची को अपने पास बुलाया, उसके माथे पर प्यार से चूमा और फिर उसके साथ एक सेल्फी ली। सेल्फी लेते वक़्त बच्ची की आंखों में आंसू थे। उसने जगन रेड्डी को कसकर गले लगा लिया। यह नजारा देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।

वहीं गुंटूर के मिर्ची यार्ड में जगन मोहन रेड्डी ने टीडीपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे वे परेशान हैं। मीडिया से बात करते हुए, उन्होंने दावा किया कि नई सरकार बनने के बाद से ही किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं मिल रहा है। उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए खरीदार ढूंढने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे काला चना हो, हरा चना हो, टमाटर हो या कपास, किसी भी फसल का किसानों को MSP नहीं मिल रहा है।

जगन रेड्डी ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से मिर्ची यार्ड का दौरा करने और किसानों की मदद के लिए कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि मिर्च का भाव 27,000 रुपये प्रति क्विंटल से गिरकर 8,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। पिछले साल के मुकाबले प्रति एकड़ पैदावार भी कम हुई है। बढ़ती खेती की लागत से हालात और भी बदतर होते जा रहे हैं। खासकर बटाईदार किसानों के लिए यह स्थिति बहुत चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि कृष्णा, एनटीआर, गुंटूर, बापटला, प्रकाशम, कुरनूल और अनंतपुरम जिलों के किसान भी इसी तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं।

सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद, सरकार की तरफ से कोई समीक्षा नहीं की जा रही है। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को किसानों की कोई चिंता नहीं है, उन्हें मुसीबत में छोड़ दिया गया है। चंद्रबाबू नायडू और उनकी गठबंधन सरकार ने न केवल किसानों को निराश किया है, बल्कि YSRCP सरकार द्वारा लाए गए सभी क्रांतिकारी सुधारों को भी बंद कर दिया है।

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