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Wednesday, April 29, 2026
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प्रदर्शनकारी जो चीन में गायब हो गए… जिनपिंग के विरोधियों को खौफनाक सजा दे रहा ड्रैगन

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बीजिंग

चीन में नवंबर में हुए ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शनों में शामिल अधिकतर लोग गायब हैं। इन लोगों ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कठोर जीरो कोविड पॉलिसी का विरोध किया था। दावा किया जा रहा है कि विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ चीनी अधिकारियों ने चुपचाप गहरी कार्रवाई की है। इस दौरान असंतुष्टों को पकड़ा गया और उन्हें गायब कर दिया गया है। आशंका है कि इनमें से कई विरोधियों को चीनी अधिकारियों ने मौत के घाट उतार दिया है। चीन में सत्ता विरोधी प्रदर्शनों और शी जिनपिंग की आलोचना को काफी दुर्लभ घटना बताया गया था। पुलिस ने उस समय कुछ गिरफ्तारियां की थी। चीनी कार्यकर्ताओं का कहना है कि महीनों बाद अब भी पुलिस की हिरासत में 100 से अधिक प्रदर्शनकारी हैं।

विरोधियों को गायब कर रहा चीन
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों और विदेशी विश्वविद्यालयों ने इन प्रदर्शनकारियों के रिहाई की मांग की है। चीनी कार्यकर्ताओं ने उन गिरफ्तार कैदियों की सूची प्रकाशित की है। इसमें वे लोग शामिल हैं जिन्होंने बीजिंग के साथ-साथ अन्य शहरों जैसे शंघाई, ग्वांगझू और नानजिंग में विरोध किया था। चीनी अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए लोगों के सवालों का जवाब नहीं दिया है। लेकिन दोस्तों और वकीलों के साथ बातचीत के जरिए बीबीसी बीजिंग में गिरफ्तार किए गए 12 लोगों के नामों की पुष्टि करने में सफल रहा।

प्रदर्शनकारियों पर दंगे भड़काने का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में से कम से कम पांच को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। लेकिन, अब भी हिरासत में रहने वालों में चार महिलाओं में काओ झिक्सिन, ली सिक्की, ली युआनजिंग और झाई डेंगरूई शामिल हैं। इन महिलाओं को “झगड़ा करने और दंगे भड़काने” के लिए गिरफ्तार किया गया है। चीनी दंड संहिता के अनुसार, ऐसे आरोपों में अधिकतम पांच साल की सजा होती है, और आलोचकों का कहना है कि इसका इस्तेमाल अक्सर असंतोष को दबाने के लिए किया जाता है।

गिरफ्तार प्रदर्शनकारी काफी पढ़े-लिखे
गिरफ्तार किए गए लोगों में से कई काफी पढ़े लिखे हैं। इनमें से कुछ ब्रिटेन और अमेरिका के विश्वविद्यालयों में पढ़ते हैं। इनमें लेखक, पत्रकार, एक संगीतकार, एक शिक्षक और एक वित्तीय उद्योग पेशेवर शामिल हैं। बीजिंग के अधिकांश बंदी आपसी दोस्त भी थे और ये अक्सर बुक क्लब, मूवी स्क्रीनिंग और चर्चाओं में मिलते थे। इनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं, जिनसे पुलिस की पूछताछ जारी है। पुलिस का आरोप है कि ये महिलाएं देश विरोधी गतिविधियों में शामिल थीं और महिलाओं को भड़का रही थीं। चीनी अधिकारियों ने हाल के वर्षों में महिला अधिकार कार्यकर्ताओं पर तेजी से नकेल कसी है या उन्हें सेंसर किया है।

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