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Monday, May 4, 2026
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सबकुछ तो किया, लेकिन ये बात बहुत कचोटती है… जानिए क्या नहीं कर पाने से दुखी हैं नितिन गडकरी

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नई दिल्ली

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने देश में हो रहे सड़क हादसों पर दुख जताया। एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में गडकरी ने कहा कि मैं ट्रांसपोर्ट मंत्री के नाते हादसे से हो रही मौतों को रोक नहीं पा रहा हूं। उन्होंने कहा कि सबकुछ तो किया, लेकिन ये बात बहुत कचोटती है। गडकरी ने कहा कि 2014 के बाद से देश की सड़कें तो अच्छी बनी हैं और इसे आगे और अच्छी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुझे इसमें स्वीकार करने में कोई संकोच नहीं है कि मैं मंत्री रहते लोगों की जान नहीं बचा पाया। गडकरी ने यह भी कहा कि बिना लोगों के सहयोग के इन सड़क हादसों को कम नहीं किया जा सकता।

‘ट्रांसपोर्ट मंत्री रहते मैं लोगों की जान नहीं बचा पाया’
निजी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान गडकरी से पूछा गया कि सड़कों के बेहतरीन नेटवर्क के अलावा कोई चीज है जिसे सोचकर आपको लगता है, मलाल है कि नहीं कर पाए। इसपर नितिन गडकरी ने कहा कि देखिए सड़कें तो अच्छी बन रही हैं, इसे और बेहतर बनाने की जरूरत है। तभी गडकरी ने कहा कि मैं एक बात से दुखी हूं। मुझे यह स्वीकार करने में भी कोई संकोच नहीं है। गडकरी ने कहा कि ट्रांसपोर्ट मंत्री होने के नाते मैं लोगों की जान बचाने में ठीक तरह से सफल नहीं हुआ। गडकरी ने कहा कि मैंने मंत्री रहते सबकुछ किया, लेकिन यह बात बहुच कचोटती है।

गडकरी ने हादसों को रोकने के लिए मांगा सहयोग
आंकड़ों का हवाला देते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि हमारे देश में 5 लाख एक्सीडेंट होते हैं और 1.5 लाख मौते होती हैं। 3 लाख लोगों के हाथ-पैर टूट जाते हैं। हम ऑटो मोबाईल इंजीनयरिंग, हाईवे इंजीनियरिंगऔर रोड कार इंजीनियरिंगमें हम लगातार सुधार कर रहे हैं। ब्लैक स्पॉट को भी खोज रहे हैं। इसके अलावा हम सड़क नियमों के बारे में भी लोगों को शिक्षित कर रहे हैं। इसकी मदद से हम उन्हें संवेदनशील नागरिक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि गडकरी ने यह भी कहा कि जबतक लोगों का स्वभाव नहीं बदलेगा तबतक एक्सीडेंट में कमी नहीं आ सकती। उन्होंने आंकड़ा देते हुए कहा कि एक्सीडेंट में 60 फीसदी लोग 20 से 34 वर्ष के होते हैं। गडकरी ने अंतिम में कहा कि मीडिया और एनजीओ समेत तमाम लोगों के सहयोग से ही हम देश में सड़क हादसों को कम कर सकते हैं।

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