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क्या मोदी सरकार ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का मान घटा दिया? इन आंकड़ों से समझते है

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नई दिल्ली:

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को इस बात से घोर आपत्ति है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने अभिभाषण में मोदी सरकार के कामों की ही बखान करती रहती हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति का भाषण सुनते हुए वो फोकस नहीं कर पा रहे थे क्योंकि राष्ट्रपति बार-बार पुरानी बातें ही दोहरा रही थीं। राहुल गांधी ने कहा, ‘बार-बार वही बातें, वही उपलब्धियों की सूची। हमने ये किया, हमने वो किया… सरकार ने क्या-क्या किया, इसकी एक लंबी फेहरिस्त। पिछली बार भी यही सुना था, उससे पिछली बार भी, और उससे भी पहले भी।’ उन्होंने आगे कहा कि आखिर ‘हमने ये किया, हमने वो किया’ के अलावा और क्या कहा जा सकता है? फिर उन्होंने बताया कि अगर वो खुद राष्ट्रपति का अभिभाषण लिखते तो वह कैसा होता।

राष्ट्रपति के अभिभाषण में सरकार के गुणगान से राहुल नाराज
राहुल गांधी की आपत्तियों पर सबसे गंभीर सवाल यह उठता है कि क्या मोदी सरकार ने परंपरा तोड़कर राष्ट्रपति के अभिभाषण में अपना गुणगान ही करवाने लगी? क्या भारत के संसदीय इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने अभिभाषण में सरकार के काम गिना रही हैं? क्या राष्ट्रपति के अभिभाषण में सरकार की कमियां, देश के भविष्य की चर्चा या सरकार के गुणगान से इतर कुछ और चीजें हुआ करती थीं जिसका प्रारूप मोदी सरकार ने बदल दिया? इसकी पड़ताल के लिए हमने मोदी सरकार से ठीक पहले देश पर लगातार दो कार्यकाल तक राज करने वाली कांग्रेस नीत यूपीए की मनमोहन सिंह सरकार के दौरान राष्ट्रपतियों के अभिभाषणों पर गौर किया।

राष्ट्रपति का नाम अभिभाषण की तिथि मेरी सरकार सरकार यह सरकार केंद्र सरकार कुल
एपीजे अब्दुल कलाम 7 जून, 2004 26 66 2 3 106
एपीजे अब्दुल कलाम 25 फरवरी, 2005 64 43 1 1 121
एपीजे अब्दुल कलाम 16 फरवरी, 2006 57 3 1 0 86
एपीजे अब्दुल कलाम 23 फरवरी, 2007 68 6 0 0 78
प्रतिभा देवी सिंह पाटिल 25 फरवरी, 2008 39 1 0 1 74
प्रतिभा देवी सिंह पाटिल 12 फरवरी, 2009 77 9 1 1 111
प्रतिभा देवी सिंह पाटिल 4 जून, 2009 51 3 0 1 78
प्रतिभा देवी सिंह पाटिल 27 फरवरी, 2010 28 3 0 2 58
प्रतिभा देवी सिंह पाटिल 21 फरवरी, 2011 53 0 0 1 61
प्रतिभा देवी सिंह पाटिल 12 मार्च, 2012 78 11 0 1 97
प्रणब मुखर्जी 21 फरवरी, 2013 52 22 0 1 88
593 167 5 12 958

मनमोहन सरकार में राष्ट्रपति के अभिभाषण में क्या होता था, देखिए
मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के कार्यकाल में पहली बार 22 मई, 2004 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उन्होंने अपना दूसरा कार्यकाल खत्म किया और सत्ता से बाहर हुए तब प्रणब मुखर्जी देश के राष्ट्रपति थे। इस बीच प्रतिभा देवी सिंह पाटिल भी राष्ट्रपति बनीं। मनमोहन सरकार के 10 वर्षों में इन तीनों राष्ट्रपतियों के 11 अभिभाषण हुए। किस राष्ट्रपति ने किस तारीख के अभिभाषण में कितनी बार ‘मेरी सरकार’, ‘सरकार’, ‘यह सरकार’ और ‘केंद्र सरकार’ जैसे टर्म्स का इस्तेमाल किया, इसका आंकड़ा नीचे टेबल में दिया गया है। आखिर में यह भी बताया गया है कि किस अभिभाषण में किसी ना किसी संदर्भ में ‘सरकार’ शब्द का कुल कितनी बार प्रयोग हुआ था।

राष्ट्रपति का नाम अभिभाषण की तिथि मेरी सरकार सरकार यह सरकार केंद्र सरकार कुल
प्रणब मुखर्जी 9 जून, 2014 65 23 0 0 98
प्रणब मुखर्जी 23 फरवरी, 2015 61 5 0 1 86
प्रणब मुखर्जी 23 फरवरी, 2016 78 6 0 0 94
प्रणब मुखर्जी 31 जुलाई, 2017 51 1 0 0 58
रामनाथ कोविंद 29 जनवरी, 2018 58 6 0 1 81
रामनाथ कोविंद 31 जनवरी, 2019 88 31 0 1 139
रामनाथ कोविंद 20 जून, 2019 39 14 0 2 67
रामनाथ कोविंद 31 जनवरी, 2020 58 41 0 2 120
रामनाथ कोविंद 29 जनवरी, 2021 52 19 0 2 81
रामनाथ कोविंद 31 जनवरी, 2022 42 33 0 3 93
द्रौपदी मुर्मू 31 जनवरी, 2023 48 11 0 1 87
द्रौपदी मुर्मू 31 जनवरी, 2024 67 5 0 1 87
द्रौपदी मुर्मू 26 नवंबर, 2024 0 3 0 0 3
द्रौपदी मुर्मू 27 जून, 2024 55 24 0 1 89
द्रौपदी मुर्मू 31 जनवरी, 2025 58 17 0 1 84
820 239 0 16 1267

नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में राष्ट्रपतियों के अभिभाषण का हिसाब
नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई, 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। तब प्रणब मुखर्जी देश के राष्ट्रपति थे। मुखर्जी के बाद रामनाथ कोविंद और फिर द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति बनीं। इस बीच मोदी सरकार का तीसरा कार्यकाल चल रहा है। इस दौरान इन राष्ट्रपतियों के कुल 15 अभिभाषण हो चुके हैं। इनमें एक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 26 नवंबर, 2024 को ‘संविधान दिवस’ पर आहूत संसद के विशेष सत्र में दिया गया अभिभाषण भी शामिल है। अगर हम मनमोहन सिंह के 10 वर्ष के कार्यकाल के मुकाबले मोदी सरकार के भी 10 वर्ष के ही कार्यकाल का आकलन करें तो मनमोहन सरकार में राष्ट्रपतियों के 11 तो मोदी सरकार में 12 अभिभाषण हुए। इस लिहाज से नीचे के टेबल में तीसरी पंक्ति में आंकड़े दिए गए हैं।

UPA vs NDA अभिभाषणों की संख्या मेरी सरकार सरकार यह सरकार केंद्र सरकार कुल
मनमोहन सिंह सरकार 11 593 167 5 12 958
नरेंद्र मोदी सरकार 12 707 195 0 14 1,091
नरेंद्र मोदी सरकार 11 640 190 0 13 1,004

कैसे की पड़ताल, जान लीजिए
हमने संसद की डिजिटल लाइब्रेरी में उपलब्ध राष्ट्रपतियों के अंग्रेजी अभिभाषणों की पड़ताल की है। अंग्रेजी भाषण में उल्लिखित My government के लिए ‘मेरी सरकार’, The government के लिए ‘सरकार’, This government के लिए ‘यह सरकार’ जबकि Central government के लिए ‘केंद्र सरकार’ का कॉलम तैयार किया है। ‘कुल’ वाले कॉलम में पूरे अभिभाषण में जिस किसी भी तरह से सरकार शब्द का उपयोग हुआ हो, उन सबका कुल योग है।

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