नई दिल्ली,
आबकारी नीति ‘घोटाला’ मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के दो दिन बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रविवार को आम आदमी पार्टी के मुख्यालय पहुंचे. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने के बाद सीएम केजरीवाल कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे हैं.
इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘उनकी छोटी सी पार्टी ने देश की राजनीति बदल दी. जेल में सोचने का वक्त मिला. मैंने जेल से एक ही पत्र लिखा था वो भी एलजी साहब को, 15 अगस्त था, स्वाधीनता दिवस के अवसर पर सीएम झंडा फहराते हैं. मैंने कहा कि आतिशी जी को झंडा फहराने की इजाजत दी गई. वो चिट्ठी मुझे वापस कर दी गई और मुझे वार्निंग दी गई कि दूसरी बार अगर चिट्ठी लिखी तो आपको परिवार से भी मुलाकात भी नहीं करने दी जाएगी.’
‘मनीष सिसोदिया जेल गए लेकिन मुझे और सिसोदिया को अलग-अलग जेल में रखा गया. जब मैं जेल में था तो एक दिन संदीप पाठक मुझसे मिलने आया, वो हमारी पार्टी का महासचिव है, वो आकर मुझसे बात करने लगा, स्वाभाविक है वो रोमांटिक बातें तो करेगा नहीं, राजनीति की बातें ही करेगा. बाद में उसे जेल ने ब्लैकलिस्ट कर दिया.’
बताया क्यों नहीं दिया इस्तीफा
केजरीवाल ने कहा, ‘मुझे जेल क्यों भेजा इन्होंने, ऐसा नहीं कि केजरीवाल ने भ्रष्टाचार किया. इनका मकसद था आम आदमी पार्टी को तोड़ना, केजरीवाल को तोड़ना. इनका फॉर्मूला है कि पार्टी तोड़ दो, विधायक तोड़ दो, ईडी छापेमारी कर दो. इनको लग रहा था कि केजरीवाल को जेल में डालकर पार्टी तोड़ देंगे.’
सीएम ने कहा, ‘मैंने इस्तीफा इसलिए नहीं दिया क्योंकि मैं देश के जनतंत्र को बचाना चाहता हैं. अगर मैं इस्तीफा दे देता.. ये एक-एक करके सबको जेल में डालते क्योंकि इन्होंने सिद्धारमैया, ममता दीदी, पिनाराई विजयन सबके खिलाफ केस कर रखा है…. आज इनके हर षडयंत्र से मुकाबला करने की ताकत AAP में है क्योंकि हम ईमानदार हैं. ‘
शनिवार को पहुंचे थे हनुमान मंदिर
इससे पहले शनिवार को वह कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की. इस मौके पर उनके साथ उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह तथा सौरभ भारद्वाज मौजूद रहे. केजरीवाल ने तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद कहा था कि भगवान हर मुश्किल में उनके साथ खड़े रहे हैं क्योंकि उन्होंने हमेशा सच्चाई का साथ दिया है.
