भोपाल,
देश में अब से चंद घंटों बाद लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होना है लेकिन इससे पहले मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बड़ा झटका लगा है. राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. माना जा रहा है कि अजय प्रताप सिंह लोकसभा चुनाव में टिकट ना मिलने से नाराज थे. अजय प्रताप सिंह ने अपना इस्तीफा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को भेज दिया है और इसकी कॉपी सोशल मिडिया पर पोस्ट कर दी है. बीजेपी ने एमपी की सभी 29 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है और उन्हें टिकट नहीं दिया गया है. सीधी में बीजेपी ने राजेश मिश्रा को अपना प्रत्याशी बनाया है.
अजय प्रताप सिंह का बयान
अजय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा शेयर किया है। उन्होंने सभी संगठनों को समाज का प्रतिनिधित्व की भावना में विश्वास रखने की सलाह दी। अजय प्रताप सिंह ने कहा कि मैं व्यक्तिगत राजनीति में विश्वास नहीं करता हूं, लेकिन लोकतंत्र में सभी समाज का प्रतिनिधित्व की भावना में विश्वास रखता हूं। उन्होंने कहा कि उनका पार्टी की कार्यप्रणाली पर से विश्वास उठ गया है। इसके अलावा भाजपा की करनी और कथनी में अंतर दिखाई दे रहा है।
भाजपा में स्थानीय स्तर पर विरोध
भाजपा ने सीधी में राजेश मिश्रा को प्रत्याशी बनाया है, जिसके खिलाफ स्थानीय स्तर पर विरोध है। इससे पहले भी कई पुराने नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक प्रत्याशी का विरोध कर चुके हैं।
बीजेपी ने हाल ही में लोकसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश की 29 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी. पार्टी ने सीधी सीट से राजेश मिश्रा, छिंदवाड़ा सीट से विवेक ‘बंटी’ साहू, बालाघाट सीट से भारती पारधी, उज्जैन सीट से अनिल फिरोजिया, धार से सावित्री ठाकुर और इंदौर से शंकर लालवानी को चुनावी मैदान में उतारा है. पार्टी छोड़ने वाले अजय प्रताप सिंह सीधी से ही चुनाव लड़ना चाहते थे. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अब अजय प्रताप सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं.
बता दें कि विवेक ‘बंटी’ साहू छिंदवाड़ा से कांग्रेस कैंडिटेट नकुलनाथ से चुनावी मुकाबला करेंगे. बंटी को इस सीट पर रिपीट किया गया है. वहीं, इंदौर से शंकर लालवानी और उज्जैन से अनिल फिरोजिया पर पार्टी ने दोबारा भरोसा जताया है. जबकि बालाघाट से भारती पारधी को पहली बार टिकट मिला है. जबकि धार से सावित्री ठाकुर को दूसरी बार टिकट, इससे पहले वह 2014 में निर्वाचित हुई थीं.

