9.9 C
London
Tuesday, March 17, 2026
Homeराज्यमोदी को 2019 में स्पष्ट कर दिया था, बीजेपी के साथ कोई...

मोदी को 2019 में स्पष्ट कर दिया था, बीजेपी के साथ कोई समझौता संभव नहीं… शरद पवार ने लिखा उस मुलाकात का किस्सा

Published on

मुंबई

बीजेपी महाराष्ट्र में 2019 में एनसीपी के साथ चुनाव-बाद गठबंधन करना चाहती थी, लेकिन शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्पष्ट कर दिया था कि उनकी पार्टी का कोई समझौता नहीं हो सकता है। पवार ने मंगलवार को विमोचित अपनी संशोधित जीवनी ‘लोक माझे सांगाती’ में यह भी स्वीकार किया कि महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद जब सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता थी तब एनसीपी और बीजेपी के कुछ नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत हुई थी।

पवार की संशोधित जीवनी में 2015 के बाद की घटनाओं पर रोशनी डाली गई है। पवार ने लिखा है, ‘बीजेपी ने यह संभावना टटोलनी शुरू कर दी थी कि क्या एनसीपी के साथ गठबंधन की कोई संभावना हो सकती है, लेकिन मैं इस प्रक्रिया में शामिल नहीं था। यह सिर्फ बीजेपी की इच्छा थी और बीजेपी के साथ कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई थी। लेकिन दोनों दलों के चुनिंदा नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत हुई।’

तब पवार ने कुछ बताने से इनकार कर दिया था
उन्होंने कहा कि चूंकि एनसीपी की दिलचस्पी कम थी, इसलिए उसने बीजेपी के साथ नहीं जाने का फैसला किया और बीजेपी को ये साफ-साफ बताना जरूरी था। पवार ने अपनी किताब में लिखा है, इसी के अनुरूप उन्होंने नवंबर 2019 में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।

एनसीपी नेता ने 20 नवंबर, 2019 को मोदी से मुलाकात की और उन्हें महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद किसानों के संकट से अवगत कराया। पवार ने तब टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था कि उनके और मोदी के बीच क्या बातचीत हुई थी, क्योंकि राज्य में सरकार गठन पर अनिश्चितता की स्थिति थी और एनसीपी, अविभाजित शिवसेना और कांग्रेस गठबंधन की बातचीत कर रहे थे।

‘वाजपेयी के समय भी गठबंधन चाहती थी बीजेपी’
पवार ने अपनी किताब में कहा है, ‘मैंने मोदी से मुलाकात की और उन्हें बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि हमारे (एनसीपी और बीजेपी) के बीच कोई राजनीतिक समझौता नहीं हो सकता है। लेकिन यह ध्यान रखना होगा कि जब मैं यह कह रहा था तब पार्टी में नेताओं का एक तबका था जो बीजेपी से संबंध चाहता था।’

पवार के भतीजे अजित पवार ने पाला बदला और अल्पकालिक देवेंद्र फडणवीस सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। पवार ने दावा किया कि अटल बिहारी वाजपेयी के समय में भी बीजेपी, एनसीपी के साथ गठबंधन चाहती थी। पवार ने कहा कि 2014 में भी भाजपा की ओर से एनसीपी को अपने पाले में लाने की कोशिश की गई थी।

‘बीजेपी पर भरोसा करना उचित नहीं’
राज्य में 2014 के विधानसभा चुनावों के बाद बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन उसके पास बहुमत नहीं था। शिवसेना, बीजेपी, कांग्रेस और एनसीपी ने विधानसभा चुनाव में अलग-अलग चुनाव लड़ा था।पवार ने कहा, ‘मैं बीजेपी के साथ 2014 में हुई बातचीत के दौरान मौजूद नहीं था, लेकिन मुझे इसकी जानकारी थी। लेकिन अचानक, बीजेपी ने शिवसेना के साथ अपना नाता सुधार लिया और शिवसेना सरकार का हिस्सा भी बन गई। इससे हमारे नेताओं को यह अहसास हुआ कि बीजेपी पर भरोसा करना उचित नहीं है।’पवार ने मंगलवार को किताब के विमोचन के मौके पर घोषणा की थी कि वह एनसीपी के प्रमुख का पद छोड़ देंगे। उन्होंने 1999 में इस राजनीतिक संगठन की स्थापना की थी।

Latest articles

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात, शिक्षा सुधारों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान...

हमीदिया अस्पताल फायरिंग: पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर, घायल हिस्ट्रीशीटर के साथ पहुंचे जवान भी थे निहत्थे

भोपाल हमीदिया अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर शनिवार सुबह हुई फायरिंग की घटना में पुलिस...

मप्र में पेंशन भुगतान की नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू, एसबीआई बनेगा एग्रीगेटर बैंक

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के करीब साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते...

ग्रुप-5 भर्ती परीक्षा 2026: स्वास्थ्य विभाग में 373 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू

भोपाल मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल और...

More like this

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...

मप्र में अवैध कॉलोनियों पर सख्ती की तैयारी, 90 दिन में एफआईआर और 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव

भोपाल मप्र में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य...