21.5 C
London
Sunday, June 14, 2026
Homeराज्यमहाराष्ट्र: मैच में PAK की हार के बाद भारत विरोधी नारे लगाने...

महाराष्ट्र: मैच में PAK की हार के बाद भारत विरोधी नारे लगाने का आरोपी बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ पहुंचा SC, कोर्ट ने जारी किया नोटिस

Published on

नई दिल्ली,

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के मालवण शहर में पुलिस ने एक कबाड़ व्यापारी किताबुल्ला हमीदुल्ला और उनकी पत्नी को चैंपियंस ट्रॉफी क्रिकेट मैच में पाकिस्तान की हार के बाद भारत विरोधी नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया. इसके बाद उनके घर पर बुलडोजर चला दिया गया. अब इस कार्रवाई के खिलाफ दायर अवमानना अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार और मालवण नगर परिषद को नोटिस जारी किया है.

पिछले महीने चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट के बाद किताबुल्ला और उनके परिवार पर भारत विरोधी नारे लगाए जाने के आरोप के बाद मालवण नगर परिषद के अधिकारियों ने सिंधुदुर्ग के तारकरली रोड पर 38 वर्षीय व्यक्ति किताबुल्ला हमीदुल्ला खान की दुकान को अनधिकृत निर्माण बताते हुए बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया था.

याचिका में क्या कहा गया है?
याचिका में एक मुस्लिम व्यक्ति के घर और दुकान को बिना किसी पूर्व सूचना या चेतावनी के ध्वस्त करने की दलील दी गई है. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की.

पीड़ित किताबुल्ला हमीदुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल कर कहा है कि बुलडोजर की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व में जारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए उनका घर और दुकान को बिना किसी पूर्व सूचना के गिरा दी गई.सूत्रों के मुताबिक, कुछ स्थानीय लोगों ने 23 फरवरी को हुए भारत-पाक मैच वाली रात सिंधुदुर्ग के मालवण थाने में कबाड़ कारोबारी किताबुल्ला हमीदुल्ला खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. वह अपने परिवार के साथ तारकरली रोड पर रहते हैं.

पुलिस के द्वारा दर्ज की गई शिकायत के मुताबिक, “आरोपी खान ने अपनी पत्नी आयशा (35) और 15 साल के बेटे के साथ ‘भारत विरोधी’ नारे लगाए. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा के आउट होने के बाद भी उन्होंने भारत के खिलाफ नारे लगाए थे.”

4 हफ्ते में जवाब का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और स्थानीय अथॉरिटी को नोटिस जारी कर चार सप्ताह मे जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. याचिका में सुप्रीम कोर्ट के 13 नवंबर, 2024 के फैसले का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले में कहा गया था कि बिना कारण बताओ नोटिस और पीड़ित पक्ष को जवाब देने के लिए 15 दिन का वक्त दिए बिना संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई नहीं की जाएगी.

Latest articles

MSME इकाइयों को ₹360 करोड़ की मदद; CM यादव ने कहा – औद्योगिक विकास में मध्य प्रदेश सबसे आगे

भोपाल। राज्य में उद्योग, निवेश और रोज़गार को बढ़ावा देने के मकसद से आयोजित...

जशपुर पहली बार मिलेगा रेल नेटवर्क से जुड़ाव, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना अधिसूचित

जशपुर। जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। भारत...

मुख्यमंत्री जन आवास योजना के 110 लाभार्थियों को मिली घर की चाबी

जयपुर। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत आयोजित “गृह गौरव : खुशियों की चाबी”...

More like this

जशपुर पहली बार मिलेगा रेल नेटवर्क से जुड़ाव, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना अधिसूचित

जशपुर। जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। भारत...

मुख्यमंत्री जन आवास योजना के 110 लाभार्थियों को मिली घर की चाबी

जयपुर। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत आयोजित “गृह गौरव : खुशियों की चाबी”...

2027 चुनाव में भगवंत मान होंगे आप का सीएम चेहरा, बठिंडा में केजरीवाल ने किया ऐलान

बठिंडा। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027...