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‘ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक की हत्या हो सकती है’, आशंका जताने वाली चंद्रिमा भट्टाचार्य कौन?

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कोलकाता

पूर्वी मिदनापुर के कोंटाई से 30 किमी दूर स्थित एक घर में शुक्रवार की रात बम विस्फोट हुआ। इस घटना में बूथ स्तर के तृणमूल नेता और उनके भाई सहित तीन लोगों की मौत हो गई। इस ब्लास्ट को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि यह TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की सभा के पहले हुआ। बम विस्फोट के बाद तमाम नेताओं ने बीजेपी पर आरोप मढ़ने शुरू कर दिए। मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने यहां तक कहा कि अभिषेक बनर्जी की हत्या हो सकती है। मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सुवेंदु अधिकारी को टैग कर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘यह स्पष्ट रूप से एक खुली हत्या की साजिश है, जिसे भाजपा ने स्वीकार किया है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के कांथी में बमों का इस्तेमाल करवा रहे हैं। वहां तृणमूल के महासचिव अभिषेक बनर्जी की रैली होनी थी। उनके ट्वीट की बातें से ही उनकी साजिश का पता चलता है।’

चंद्रिमा भट्टाचार्य के पास वित्त, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के साथ-साथ शरणार्थी राहत और पुनर्वास मंत्रालय भी है। भट्टाचार्य दम दम उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) की विधायक हैं। वह कॉमर्स से स्नातक हैं। उन्होंने पोस्ट ग्रैजुएशन और लॉ भी किया है। वह 2011 तक कोलकाता हाई कोर्ट में वकील भी रही हैं।

ममता बनर्जी की खास
चंद्रिमा का जन्म 5 दिसंबर 1955 को कोलकाता में ही हुआ था। उनकी शादी समीर बोस से हुई है। सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलन के दौरान चंद्रिमा ममता बनर्जी के करीब आईं। 2009 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गईं और जल्द ही टीएमसी की महिला विंग की अध्यक्ष बन गईं। चंद्रिमा को ममता बनर्जी के बेहद करीब माना जाता है। ममता उनके ऊपर बहुत विश्वास करती हैं।

2012 से लगातार 3 बार मंत्री
वह 2012 में पहली बार मंत्री बनी थीं। अक्टूबर 2012 में ममता बनर्जी ने उन्हें कनिष्ठ कानून मंत्री भी बनाया गया था। नवंबर 2012 में उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में पदोन्नत किया गया और कानून और न्यायिक विभाग पश्चिम बंगाल सरकार का स्वतंत्र प्रभार दिया गया।

LLB के बाद करती थीं वकालत
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से 1976 में एलएलबी किया। वह वकालत करती थीं और उसके बाद राजनीति में आईं। वह 2011 और 2021 में दम दम उत्तर (विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र) से और 2017 में कंठी दक्षिण (विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र) से अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर विधान सभा की सदस्य चुनी गईं।

बीजेपी और केंद्र पर रहती हैं हमलावर
चंद्रिमा ममता की खास मानी जाती हैं। टीएमसी में आने के बाद से वह मंत्री बनीं और लगातार बीजेपी और विपक्ष पर हमलावर रहती हैं। बीते दिनों ईडी और सीबीआई की कार्रवाई पर भी वह केंद्र सरकार पर बिफरी थीं और प्रदर्शन किया गया। वह बीजेपी नेताओं पर खुलकर निशाना साधती हैं।

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