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Friday, April 3, 2026
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मोदी सरकार ने बुलाया संसद का विशेष सत्र, 5 दिन के सत्र में पेश हो सकते हैं कई अहम बिल

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नई दिल्ली,

केंद्र की मोदी सरकार की ओर से संसद का विशेष सत्र कुछ ही दिनों बाद 18 से 22 सितंबर को बुलाया गया है। इसमें पांच बैठकें होंगी। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि संसद का विशेष सत्र (17वीं लोकसभा का 13वां सत्र और राज्यसभा का 261वां सत्र) 18 से 22 सितंबर को बुलाया गया है। संसद के इस विशेष सत्र के एजेंडे के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है। हालांकि यह सत्र 9 और 10 सितंबर को राष्ट्रीय राजधनी में जी20 शिखर बैठक के कुछ दिनों बाद आयोजित होने जा रहा है।

जोशी ने कहा कि संसद के इस विशेष सत्र में पांच बैठकें होंगी। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि अमृत काल के बीच आयोजित होने वाले इस विशेष सत्र के दौरान संसद में सार्थक चर्चा को लेकर आशान्वित हैं।सरकार का यह फैसला काफी चौंकाने वाला माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस सत्र में दस से ज्यादा महत्वपूर्ण बिल पेश किए जाएंगे। इसकी वजह से ही संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है।

हालांकि इस ऐलान के बाद ही इसको लेकर कई तरह के कयास भी लगाए जाने लगे हैं। संसद का मॉनसून सत्र अब भी हाल ही में समाप्त हुआ है। संसद का यह मॉनसून सत्र 20 जुलाई से 11 अगस्त के बीच चला था। इस दौरान मणिपुर के मुद्दे पर काफी हंगामा देखने को मिला था।

इस सत्र को समाप्त हुए अधिक दिन नहीं हुए और इसके बाद शीतकालीन सत्र भी है। ऐसे में सरकार की ओर से यह विशेष सत्र क्यों बुलाया गया। इस सत्र को बुलाने की टाइमिंग को लेकर भी चर्चा शुरू है। एक ओर विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A की बैठक मुंबई में आज ही शुरू है। विपक्षी दल मोदी को चुनाव में घेरने की रणनीति बना रहे हैं वहीं सरकार की ओर से यह विशेष सत्र बुलाया गया है।

मॉनसून सत्र में हुआ था जमकर हंगामा
इससे पहले 20 जुलाई से 11 अगस्त तक संसद का मॉनसून सत्र चला था. सत्र में मणिपुर हिंसा को लेकर जमकर हंगामा हुआ था. विपक्ष मणिपुर पर पीएम मोदी के बयान के साथ चर्चा पर अड़ा था, जबकि सरकार गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के साथ चर्चा की बात कह रही थी. इसे लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जमकर गतिरोध रहा.

इसके बाद कांग्रेस मणिपुर मुद्दे पर लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई थी. इस दौरान राहुल गांधी ने मणिपुर हिंसा का जिक्र कर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा था. अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब पीएम मोदी ने दिया था. इसके साथ ही विपक्ष का प्रस्ताव भी गिर गया था दरअसल, मणिपुर में 3 मई से हिंसा जारी है. वहां हिंसा में 160 लोगों को मौत हुई है. 10 हजार घर हिंसा की आग में तबाह हो गए. 50 हजार से ज्यादा लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं.

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