नई दिल्ली,
दुनिया पर एक बार फिर परमाणु हमले का खतरा मंडराने लगा है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से जुड़ी नई नीति को मंजूरी दे दी है. अब अगर कोई देश किसी परमाणु संपन्न देश के साथ मिलकर हमला करता है तो इसे साझा हमला माना जाएगा और ऐसी स्थिति में रूस परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकता है.
पुतिन ने ये फैसला तब लिया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन को अमेरिका की मिसाइलों और हथियारों को रूस के खिलाफ इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है. बाइडेन से मंजूरी मिलने के बाद यूक्रेन ने रूस पर अमेरिकी मिसाइलों से हमला भी कर दिया.
बाइडेन के इस फैसले से रूस भड़क गया है. रूस ने इसे उकसाने वाला कदम बताया है. रूस ने कहा कि अगर पश्चिमी हथियार रूस के अंदर तक दागे गए, तो यूक्रेन को नहीं, बल्कि उन देशों को निशाना बनाया जाएगा, जिन्होंने इसकी इजाजत दी है. रूसी सांसद व्लादिमीर दजाबरोव ने इसे तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ाया गया कदम बताया है.
इससे पहले पिछले साल ही पुतिन ने उस अंतर्राष्ट्रीय संधि से बाहर निकलने का फैसला लिया था, जो किसी देश को न्यूक्लियर टेस्ट करने से रोकती थी. वैसे तो जब से यूक्रेन जंग शुरू हुई है, तब से कई बार बात न्यूक्लियर अटैक तक आ चुकी है. पुतिन से लेकर उनके मंत्री तक कई बार परमाणु हमले की धमकी दे चुके हैं. लेकिन अब नई नीति को मंजूरी मिलने के बाद न सिर्फ परमाणु हमले का खतरा बढ़ा है, बल्कि तीसरे विश्व युद्ध का खतरा भी बढ़ गया है.
नई परमाणु नीति का मतलब है कि अगर अमेरिका या कोई भी NATO देश की मिसाइल से हमला होता है तो रूस उसका जवाब परमाणु हथियार से दे सकता है. हालांकि, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का कहना है कि रूस न्यूक्लियर वॉर न शुरू करने की हर मुमकीन कोशिश करेगा.
कब न्यूक्लियर अटैक कर सकता है रूस?
1. किसी परमाणु संपन्न देश की मदद से रूस की जमीन पर मिसाइल अटैक होता है तो रूस परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकता है.
2. कोई देश अगर ड्रोन से भी रूस पर हमला करता है तो इसका जवाब परमाणु हथियार से दिया जा सकता है.
3. अगर रूस के खिलाफ बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल भी होता है तो जवाब में परमाणु हमला किया जा सकता है.
4. अगर कोई हवाई हमला होता है तो इसे रूस के खिलाफ जंग माना जाएगा और ऐसी स्थिति में परमाणु हमला कर सकता है.
5. अगर रूस को लगता है कि देश और उसके लोगों को खतरा है तो वो सुरक्षा में एटमी मिसाइल और मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात कर सकता है.
क्या पुतिन ऐसा कर सकते हैं?
रूस और यूक्रेन की जंग जब से शुरू हुई है, तब से ही परमाणु हमले का खतरा बढ़ गया है. 22 फरवरी 2022 को जब पुतिन ने जंग का ऐलान किया था, तब उन्होंने कहा था, ‘अगर इस लड़ाई में कोई भी बाहरी आता है तो उसका वो अंजाम होगा जो कभी इतिहास में भी नहीं देखा होगा.’ इसे परमाणु हमले की धमकी से जोड़कर देखा गया था.
इतना ही नहीं, पुतिन ने एक बार चेताते हुए कहा था कि रूस अपनी रक्षा के लिए परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने से भी नहीं चूकेगा. इस पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के प्रमुख विलियम बर्न्स ने कहा था कि पुतिन की धमकियों को गंभीरता से लेना होगा, क्योंकि इससे सबकुछ दांव पर लगा है.
अब जब पुतिन ने नई परमाणु नीति को मंजूरी दे दी है तो इससे NATO देशों में हलचल बढ़ गई है. नॉर्वे ने अपने नागरिकों को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा है. स्वीडन ने भी अपने नागरिकों के लिए युद्ध की स्थिति से निपटने के लिए गाइडलाइन से जुड़ी एक बुकलेट जारी की है. साथ ही परमाणु युद्ध के दौरान निकलने वाली रेडिएशन से बचने के लिए आयोडिन की गोलियां रखने की सलाह भी दी है. फिनलैंड ने भी युद्ध की स्थिति में बिजली कटौती से बचने के लिए पावर बैकअप रखने को कहा है.
