13.8 C
London
Tuesday, May 5, 2026
Homeराज्य'मुंबई अगर गुजरात चली जाए तो हैरानी नहीं'... 1.54 लाख करोड़ के...

‘मुंबई अगर गुजरात चली जाए तो हैरानी नहीं’… 1.54 लाख करोड़ के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट पर गरमाई सियासत

Published on

नागपुर

भारतीय समूह वेदांता और ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी फॉक्सकॉन का 1.54 लाख करोड़ रुपये का सेमीकंडक्टर प्रोजेक्‍ट गुजरात में स्थापित होने की घोषणा के बाद स‍ियासत तेज हो गई है। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने बुधवार को कहा कि अगर भविष्य में मुंबई गुजरात चली जाए तो उन्हें आश्चर्य नहीं होगा। पटोले ने कहा क‍ि यह परियोजना गुजरात चली गई क्योंकि महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं की अधिक दिलचस्पी दिल्ली में अपने आकाओं को खुश करने में है। वे चाहते हैं कि उन्हें गुजरात के उनके नेताओं का आशीर्वाद मिलता रहे। मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर कल मुंबई गुजरात चली जाए। महाराष्ट्र में ही ऐसी स्थिति ही पैदा हो गई है।

नाना पटोले ने महंगाई और बेरोजगारी को लेकर केंद्र और महाराष्ट्र की सरकारों पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के 15 जिलों में राशन की दुकानों में स्टॉक नहीं बचा है। उन्होंने कहा क‍ि अन्य जिलों में राशन की दुकानों में भी स्टॉक समाप्त होने वाला है, लेकिन केंद्र सरकार ने मदद देने से इनकार कर दिया है। क्या गरीबों को बिना भोजन के रहना चाहिए?

इस घटनाक्रम पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि क्या एकनाथ शिंदे को वेदांता-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर परियोजना गुजरात के हाथों गंवाने की कीमत पर महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाया गया था। एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे ने सवाल किया कि शिवसैनिक शिंदे महाराष्ट्र के हितों की रक्षा कर रहे हैं या गुजरात की।

‘पुणे के पास तालेगांव को परियोजना लगाने के लिए चुना गया था’
इस प्रोजेक्‍ट को पहले महाराष्ट्र में स्थापित करने का प्रस्ताव था और पिछली महा विकास आघाडी सरकार ने इस संबंध में फॉक्सकॉन के साथ कई दौर की चर्चा भी की थी। तापसे ने कहा कि पहले की महागठबंधन सरकार ने निवेश के लिए फॉक्सकॉन के साथ बातचीत शुरू की थी और पुणे के पास तालेगांव को परियोजना लगाने के लिए चुना गया था। उन्होंने कहा कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की पिछली गठबंधन सरकार ने वेदांता-फॉक्सकॉन परियोजना को सर्वोत्तम प्रोत्साहन देने की पेशकश की थी ताकि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकें।

महाराष्ट्र के लोगों को कारण बताएं शिंदे
एनसीपी नेता ने कहा क‍ि यह शर्म की बात है कि नवगठित ‘ईडी’ (एकनाथ और देवेंद्र) सरकार वेदांता- फॉक्सकॉन को महाराष्ट्र में नहीं रख सकी। यह राज्य के विकास के प्रति मुख्यमंत्री शिंदे के उदासीन रवैये को जाहिर करता है क्योंकि उन्होंने महाराष्ट्र के आर्थिक नुकसान की कीमत पर गुजरात के सामने घुटने टेक दिए। तापसे ने कहा कि शिंदे को महाराष्ट्र के लोगों को स्पष्टीकरण देना चाहिए।

देश का पहला सेमीकंडक्टर प्‍लांट अब गुजरात में
दरअसल वेदांता और फॉक्सकॉन 1.54 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ गुजरात में देश का पहला सेमीकंडक्टर प्‍लांट स्थापित करेगी। सेमीकंडक्टर या माइक्रोचिप का इस्तेमाल कई डिजिटल उपभोक्ता उत्पादों में होता है। इसका इस्तेमाल कारों से लेकर मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड तक के उत्पादन में किया जाता है।

Latest articles

भारतीय राजनीति के कई पुराने किले ढहे, बंगाल में दीदी तो तमिलनाडु में स्टालिन हारे, शुभेंदु और विजय का चला जादू

नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजे लगभग साफ...

वैष्णव छीपा समाज भोपाल का प्रांतीय युवक युवती परिचय सम्मेलन सम्पन्न

भोपाल। वैष्णव छीपा समाज भोपाल का नौवां प्रांतीय युवक युवती परिचय सम्मेलन गुफा मन्दिर...

भोपाल में शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, भूमाफियाओं द्वारा प्लॉटिंग और निर्माण जारी

भोपाल। राजधानी भोपाल के ग्राम हताईखेड़ा में शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण...

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

More like this

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...