नई दिल्ली,
आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने 13 मई को अपने साथ हुई मारपीट के बारे में बात करते हुए कहा, ‘मैं 13 मई को सुबह 9 बजे के करीब अरविंद केजरीवाल से मिलने उनके आवास पर गई थी. मुझे वहां स्टाफ ने ड्रॉइंग रूम में बिठाया और बताया कि अरविंद जी घर पर हैं और वह मुझसे मिलने आ रहे हैं. उतने में विभव कुमार जो उनके पीएस थे, वो वहां पर धनधनाते हुए आते हैं. मैंने उनसे बोला भी कि क्या हुआ, अरविंद जी आ रहे हैं, क्या हो गया. इतने में ही उन्होंने हाथ छोड़ दिया.’
स्वाति ने आगे बताया कि , ‘उन्होंने (विभव ने) मुझे 7-8 थप्पड़ पूरी जोर से मारे. जब मैंने उन्हें पुश करने की कोशिश की तो उन्होंने मेरा पैर पकड़ लिया और मुझे नीचे घसीट दिया, उसमें मेरा सिर सेंटर टेबल से टकराया. मैं नीचे गिरी और फिर उन्होंने मुझे लातों से मारना शुरू किया. मैं बहुत जोर-जोर से चीख-चीखकर हेल्प मांग रही थी लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया.’
उनके पूछा गया कि यह कैसे हो सकता है कि सीएम के घर में पिटाई हो रही हो और कोई कमरे से बाहर ही न निकले? स्वाति ने कहा, ‘वही तो अजीब बात है. मैं बहुत जोर-जोर से चीख रही थी, चिल्ला रही थी लेकिन सच यही है कि कोई मदद के लिए बाहर नहीं आया.’
‘मैं किसी को क्लीन चिट नहीं दे रही’
स्वाति ने कहा कि मैं दिल्ली पुलिस के साथ मैं जांच में सहयोग कर रही हूं। आप सांसद ने साफ कहा कि मैं किसी को क्लीन चिट नहीं दे रही हूं। उन्होंने कहा कि फैक्ट ये है कि मैं ड्राइंग रूम में थी, अरविंद जी घर में थे और मुझे बहुत बुरी तरीके से पीटा गया। उन्होंने कहा कि मैं चीख रही थी चिल्ला रही थी पर कोई मदद के लिए नहीं आया।
स्वाति से पूछा गया, आप कह रही हैं कि किसी के कहने पर यानी विभव में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह खुद पीटे? उन्होंने कहा, ‘विभव ने अकेले मारा, क्या किसी के कहने पर मारा, ये सभी चीजें जांच के दायरे में आती हैं. मैं दिल्ली पुलिस के साथ पूरा सहयोग कर रही हूं. हां लेकिन मैं किसी को क्लीन चिट नहीं दे रही क्योंकि फैक्ट यह है कि मैं ड्रॉइंग रूम में थी, अरविंद जी घर पर थे और मुझे बहुत बुरी तरह से पीटा गया. मैं चीख रही थी, चिल्ला रही थी पर कोई नहीं आया.’
स्वाति मालीवाल ने कहा, ‘मैंने ये नहीं सोचा कि मेरा क्या होगा, मेरे करियर का क्या होगा, मेरे साथ ये लोग क्या करेंगे. मैंने सिर्फ ये सोचा कि जो चीज मैंने सभी महिलाओं से कही है कि आप हमेशा सच के साथ खड़े रहो, आप सच्ची कंप्लेंट करो, आपके साथ कुछ गलत हुआ है तो आप जरूर लड़ो तो आज मैं खुद कैसे नहीं लड़ सकती.’
