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पुलिसवाले का बेटा, सहता रहा ‘अन्याय’, वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम इंडिया ने बाहर निकाला

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नई दिल्ली

जब-जब भारतीय क्रिकेट इतिहास में बदकिस्मत खिलाड़ियों की गाथा लिखी जाएगी, संजू सैमसन का नाम सबसे ऊपर आएगा। नैसर्गिंक प्रतिभा के धनी और नेचुरल स्ट्रोक मेकर संजू आज 29 साल के हो गए हैं। बर्थडे बॉय संजू सैमसन में टैलेंट कूट-कूटकर भरा है, लेकिन हर बार किस्मत दगा दे जाती है। केरल के तिरुवनंतपुरम जिले में 11 नवंबर 1994 को पैदा हुए संजू के पिता पुलिसवाले थे। मगर बेटे के करियर के लिए उन्होंने अपनी नौकरी भी कुर्बान कर दी। चलिए आपको केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के विझिंजम के पास एक तटीय गांव पुल्लुविला में पैदा हुए इस क्रिकेटर के बारे में कुछ बातें बताते हैं।

लैटिन कैथोलिक मलयाली परिवार
केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के विझिंजम के पास एक तटीय गांव पुल्लुविला में पैदा हुए संजू जब शॉट्स मारते हैं तो एफर्टलेस लगते हैं। मानो इतना लंबा छक्का मारने के लिए उन्हें कोई मेहनत ही नहीं करनी पड़ी। लंबे-लंबे शॉट्स लगाने में माहिर इस युवा विकेटकीपर बल्लेबाज को दुनिया ने पहली बार साल 2013 में आईपीएल में खेलते देखा। राहुल द्रविड़ की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 11 मैच में कुल 206 रन बनाए थे।

सबसे कम उम्र में फिफ्टी
संजू सैमसन के नाम आईपीएल में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड था। अपने ओपनिंग सीजन में 18 साल 169 दिन की उम्र में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के खिलाफ उन्होंने 41 गेंदों में 63 रन बनाए थे। बाद में रियान पराग ने 17 साल की उम्र में ही IPL फिफ्टी ठोककर रिकॉर्ड तोड़ दिया था। राजस्थान के बाद संजू ने दिल्ली डेयरडेविल्स (दिल्ली कैपिटल्स) की ओर से भी दम दिखाया। अब वो राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी करते हैं।

पिता ने छोड़ी पुलिस की नौकरी
संजू सैमसन के पिता दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल थे, लेकिन अपने बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए उन्हें वीआरएस (स्वैच्छिक रिटायरमेंट) ले लिया। दरअसल, संजू अपने पिता के साथ दिल्ली में ही रहते थे, लेकिन जब उनका सिलेक्शन दिल्ली की अंडर-13 टीम में नहीं हुआ तो पिता सपरिवार तिरुवनंतपुरम लौट गए। यहीं संजू सैमसन के करियर का टर्निंग पॉइंट रहा। आज संजू की फैन फॉलोइंग हैरान करती है। सोशल मीडिया से लेकर दुनिया के हर क्रिकेट प्लेइंग नेशन तक उनके चाहने वाले फैले हुए हैं। जब संजू टीम में नहीं चुने जाते तो उनके फैंस का गुस्सा देखते ही बनता है।

वर्ल्ड कप से पहले टीम से बाहर
बीते दो-तीन साल से संजू सैमसन टीम इंडिया का हिस्सा जरूर रहे, लेकिन उन्हें लगातार मौके नहीं मिले। कभी उन्हें स्क्वॉड में जगह नहीं मिलती। कभी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन पाते। जब मैच में खिलाया जाता तो संजू उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाते। वर्ल्ड कप से ठीक पहले उन्हें एशिया कप के स्क्वॉड में बतौर बैकअप शामिल किया गया था। मगर केएल राहुल के फिट होने के बाद ईशान किशन वर्ल्ड कप स्क्वॉड में जगह बनाने में कामयाब रहे और संजू को एकबार फिर निराशा ही हाल लगी। 2015 में अपना टी-20 इंटनेशनल डेब्यू करने वाले संजू को पहला वनडे खेलने में छह साल लग गए। 2021 में उन्हें श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय डेब्यू का मौका मिला। 13 वनडे और 24 टी-20 इंटरनेशनल में इस बल्लेबाज के नाम क्रमश: 390 और 374 रन है, जिसमें तीन और एक अर्धशतक शामिल है।

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