पटना
बिहार में दो सीटों पर हुए उपचुनाव का परिणाम आ गया है। एक सीट बीजेपी को तो एक सीट आरजेडी को मिली है। चुनाव परिणाम आने के बाद साफ हो गया है कि बिहार में अब सियासी लड़ाई बीजेपी और आरजेडी के बीच में ही है। आगे भी दोनों दल ही आमने-सामने होंगे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो उपचुनाव प्रचार से लगभग दूर रहे। कहीं भी प्रचार करने नहीं गए। हालांकि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंहऔर अन्य नेता और कार्यकर्ता जरूर प्रचार करते दिखे। लेकिन बीजेपी अभी से ही कहने लगी है कि गोपालगंज में बीजेपी और आरजेडी के बीच लड़ाई थी। वहीं मोकामा में बीजेपी और अनंत सिंह के बीच!
इधर, बिहार विधान परिषद् के नेता विरोधी दल सम्राट चौधरीने महागठबंधन सरकार पर हमला बोला है। सम्राट चौधरी ने कहा कि गोपालगंज में बीजेपी की जीत हुई है। मोकामा में महागठबंधन सरकार की हार हुई है। सम्राट चौधरी ने कहा कि मोकामा में छोटे सरकार अनंत सिंह की निजी जीत है। सम्राट चौधरी ने कहा कि जिस तरह गोपालगंज की जनता ने पिछले पांच बार से बीजेपी पर अपना भरोसा जताया है, वह बताता है कि लोगों के मन भी बीजेपी को लेकर कितना भरोसा है।
मोकामा में आरजेडी को नुकसान
सम्राट चौधरी ने मोकामा को लेकर कहा कि वहां सरकार की जीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के साथ जाने के बाद भी वहां आरजेडी को 2 हजार वोटों का नुकसान हुआ। इसका मतलब साफ है कि अब नीतीश कुमार का कोई कैडर वोट नहीं है। बीजेपी नेता ने कहा कि मोकामा में बीजेपी का 18 हजार वोट बढ़ गया। उन्होंने कहा कि पिछली बार मोकामा में एनडीए को 43 हजार वोट आया था इस बार लगभग 63 हजार मत अकेला बीजेपी को मिला है। यह प्रतीक है कि नीतीश कुमार का कैडर वोट अब नहीं रहा।
बराबरी नहीं, बीजेपी की जीत है
इधर, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि उपचुनाव का जो परणाम आया है, वह बराबरी नहीं है, बल्कि बीजेपी की जीत है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गोपालगंज हम जीते हैं और मोकामा में बिहार सरकार की हुई है। यहां पर महागठबंधन हार गया है। विजय सिन्हा ने कहा कि मोकामा में तो छोटे सरकार अनंत सिंह की पर्सनल जीत है। इसके अलावा उन्होंने सरकार पर प्रशासनिक दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया है। ता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार की जनता बीजेपी को कितना पसंद करती है, ये वोटों की संख्या देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
तो अब लड़ाई बीजेपी और आरजेडी के बीच होगी?
चुनाव परिणाम देखकर तो यही लगता है कि बिहार में अब सियासी लड़ाई आरजेडी और बीजेपी के बीच में ही है और आगे भी दोनों दल ही आमने सामने होंगे। बीजेपी नेता स्पष्ट तौर पर तो कुछ नहीं बोल रहे हैं, लेकिन उनका इशारा साफ है कि नीतीश कुमार अब लड़ाई से बाहर हो चुके हैं। नीतीश कुमार का उपचुनाव प्रचार से दूर होना। बराबरी पर राजनैतिक लड़ाई खत्म होना, तो सियासी संदेश यही दे रहा है। शायद यही कारण है कि मोकामा हरकर भी बीजेपी अपनी जीत और ‘सरकार’ की हार बता रही है।
