10.1 C
London
Sunday, April 19, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयसऊदी अरब में सच होगी पैगंबर मोहम्मद की कयामत की भविष्‍यवाणी, रेगिस्तान...

सऊदी अरब में सच होगी पैगंबर मोहम्मद की कयामत की भविष्‍यवाणी, रेगिस्तान बन सकता है हरा मैदान

Published on

रियाद:

अरब प्रायद्वीप का नाम सुनकर आपके दिमाग में रेगिस्तान की तस्वीर बनती है। लंबे समय से यह अपने कठोर जलवायु के लिए जाना जाता है। लेकिन यह एक दिन हरे-भरे मैदानों और बहती नदियों में बदल सकता है। जलवायु विशेषज्ञ डॉ. अब्दुल्ला अल-मिसनद का ऐसा मानना है। अब्दुल्ला अल-मिसनद कासिम यूनिवर्सिटी में पूर्व प्रोफेसर और सऊदी मौसम और जलवायु सोसायटी के उपाध्यक्ष रहे हैं। न्यू अरब की रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में उन्होंने इस नाटकीय परिवर्तन के चार संभावित परिदृश्यों का वर्णन किया।

अल मिसनद ने कहा कि बड़े पैमाने पर जलवायु परिवर्तन न केवल वैज्ञानिक रूप से संभव है, बल्कि यह इस्लामी भविष्यवाणियों से जुड़ा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक हदीस के एक प्रसिद्ध कथन के मुताबिक पैगंबर मोहम्मद ने कहा था, ‘कयामत तब तक नहीं आएगी जब तक अरब की भूमि हरे-भरे मैदानों और नदियों में न बदल जाए।’ कई विद्वान इसे कयामत से पहले दुनिया में आने वाले परिवर्तनों के संकेत के रूप में मानते हैं।

हालांकि अल-मिसनद का परिदृश्य जलवायु विज्ञान पर आधारित हैं। लेकिन वह विश्वास जताते हैं कि असाधारण परिस्थितियों में अरब प्रायद्वीप अपनी पहले की उपजाऊ स्थिति में लौट सकता है।

क्यों होगा बदलाव?
अल मिसनद के मुताबिक पहला परिदृश्य वैश्विक तापमान में वृद्धि और बदलते मौसम के पैटर्न से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि अरब प्रायद्वीप में वायुमंडलीय दबाव प्रणाली में बदलाव हो सकता है, जिससे अरब सागर और हिंद महासागर से नमी क्षेत्र में आ सकती है। यह नमी भारी वर्षा का कारण बन सकती है, जिससे क्षेत्र की जलवायु 7000 साल पहले जैसी हरी-भरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब में पिछले दो वर्षों में हुई भारी बारिश इस संभावित बदलाव का संकेत हो सकता है।

ये भी हो सकते हैं बदलाव के कारण

  • दूसरे परिदृश्य के मुताबिक सऊदी अरब में एक विशाल ज्वालामुखी विस्फोट जलवायु को वर्षों तक के लिए बदल सकता है। अरब प्रायद्वीप के पश्चिमी क्षेत्र में अरब शील्ड के भीतर कई ज्वालामुखी हैं। उनका कहना है कि ज्वालामुखी की राख सूर्य की किरणें रोक सकती हैं, जिससे वैश्विक तापमान में गिरावट आएगी और क्षेत्र की जमीन में नमी आ सकती है। इससे रेगिस्तान उपजाऊ भूमि में बदल सकता है।
  • तीसरा परिदृश्य सबसे भयानक और विनाशकारी है। इसके मुताबिक पृथ्वी से एक बड़ा उल्कापिंड टकराएगा, जिसका धूल और मलबा वायुमंडल में फैल जाएगा, जिससे महीनों या वर्षों तक सूर्य की किरणें पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाएंगी। इससे अरब प्रायद्वीप में नॉर्वे और स्वीडन जैसी ठंड होगी।
  • चौथा परिदृश्य खगोलीय परिवर्तन हो सकता है। यह पृथ्वी की धुरी के झुकाव में बदलाव से जुड़ा हो सकता है।

Latest articles

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...

छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया सम्मानित

रायपुर। भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक दिलाने वाली छत्तीसगढ़...

राजस्थान की बेटियां हर क्षेत्र में बना रही हैं अपनी विशिष्ट पहचान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की छात्राओं के साथ वर्चुअल संवाद के माध्यम...

77वें राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की शिरकत

जयपुर। राजस्थान पुलिस के 77वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...