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Wednesday, May 13, 2026
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इमामों को सैलरी तो पुजारियों और ग्रंथियों को क्यों नहीं… दिल्ली में मंदिर के बाहर लगा बोर्ड

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नई दिल्ली

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव के लिए प्रचार तेज होने के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद प्रवेश वर्मा ने मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों से कहा कि वे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से तनख्वाह दिए जाने की मांग करें। सांसद ने कहा कि सरकार सिर्फ इमामों और मुअज़्ज़िनों को मानदेय देती है। उनकी सलाह पर ततारपुर गांव के एक शिव मंदिर और तिहाड़ गांव के एक गुरुद्वारे की प्रबंधन समितियों ने इस सिलसिले में केजरीवाल को पत्र लिखे हैं। वर्मा ने उनसे यह भी कहा कि अगर सरकार तीन दिन में उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो वे आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं और उम्मीदवारों के लिए मंदिर तथा गुरुद्वारे के दरवाज़े बंद कर दें। वर्मा ने खुद इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।

42 हजार मासिक वेतन की मांग करने का अनुरोध
पश्चिम दिल्ली के सांसद ने कहा, ‘मैं सभी मंदिरों और गुरुद्वारों के पुजारियों और ग्रंथियों से अपील करता हूं कि वे 42,000 रुपये मासिक वेतन के लिए केजरीवाल को पत्र लिखें।’ उन्होंने कहा, ‘अगर वह तीन दिनों में अपना निर्णय बताने में विफल रहते हैं, तो मंदिरों और गुरुद्वारों के बाहर बोर्ड लगा दिया जाना चाहिए और तबतक ‘आप’ के किसी भी नेता, उम्मीदवार और स्वयं मुख्यमंत्री के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया जाए जब तक कि वेतन का भुगतान नहीं किया जाता हो।’

‘टैक्सपेयर्स के 101 करोड़ रुपये इमामों-मुअज्जिनों को दिए’
उन्होंने यह भी दावा किया कि केजरीवाल सरकार ने करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल कर इमामों और मुअज्जिनों को 101 करोड़ रुपये का भुगतान किया। सांसद ने कहा, ‘यह लोगों की ओर से करों के रूप में दिया गया पैसा है और इसे केवल एक धर्म पर खर्च नहीं किया जा सकता है।’ आप ने अबतक इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है।

वक्फ बोर्ड ने दिए आंकड़े
दिल्ली वक्फ बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि उसके पास पंजीकृत मस्जिदों के करीब 150 इमामों को 18,000 रुपये और 58 मुअज्जिनों को 16,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड में अनरजिस्टर्ड मस्जिदों के 2,000 से अधिक इमामों और मुअज्जिनों को क्रमशः 14,000 रुपये और 12,000 रुपये प्रति माह का मानदेय दिया जाता है।

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