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SC ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड, 2023 में दर्ज 96% केस निपटा दिए लेकिन ये आंकड़े मायूस करेंगे

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नई दिल्ली

नैशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड (NJDG) की स्थापना के आठ साल बाद सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को इस प्लैटफॉर्म से जुड़ गया। एनजेडीजी के आंकड़ों ने मामले के निपटान के कई उत्साहजनक वर्तमान रुझानों और सुप्रीम कोर्ट में पिछली पेंडेंसी के कुछ काले धब्बों को उजागर किया है। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के नेतृत्व में 2023 में 95.7% का अकल्पनीय निपटान दर हासिल किया क्योंकि उच्चतम न्यायालय की पीठों ने इसी अवधि के दौरान शीर्ष अदालत में दर्ज 75,554 मामलों की तुलना में अब तक 72,328 मामलों पर अंतिम फैसला सुना दिया है। आंकड़े बताते हैं कि देशभर की सभी अदालतों में लंबित कुल मामलों का महज 0.16% ही सुप्रीम कोर्ट में है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की प्रशंसा
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, ‘सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ का प्रशंसनीय कदम। टेक्नॉलजी के इस तरह के दोहन से हमारे देश में पारदर्शिता को और बढ़ावा मिलेगा और न्याय वितरण प्रणाली को बेहतर बनाया जाएगा।’ वर्ष 2015 में स्थापित एनजेडीजी पर हर राज्य के हाई कोर्ट से लेकर वहां तालुका स्तर की अदालतों में लंबित मामलों के आंकड़े उपलब्ध हैं।

सुप्रीम कोर्ट में देश के सिर्फ 0.16% लंबित केस

कोर्ट लंबित मुकदमों की संख्या
जिला/तालुका अदालत 4,44,16,735
हाई कोर्ट 60,72,047
सुप्रीम कोर्ट 80,344

इस वर्ष सुप्रीम कोर्ट में सिविल और आपराधिक, दोनों मामलों पर दायर मुकदमों को खूब खारिज किया गया। दीवानी मामलों में 61% मुकदमे खारिज किए गए, जबकि 22% निपटाए गए जिनमें आंशिक राहत शामिल हो सकती है। वहीं, केवल 17% मामलों में याचिकाओं को स्वीकार किया गया। आपराधिक मामलों में भी सुप्रीम कोर्ट ने 64.4% मामलों को खारिज कर दिया है और बाकी निपटाते हुए 13.2% मामलों को स्वीकार किया है।

सुप्रीम कोर्ट में कोरम वाइज लंबित केस

बेंच                                                                                 लंबित मुकदमों की संख्या
दो जजों की बेंच 79,379
तीन जजों की बेंच 513
पांच जजों की बेंच 297
सात जजों की बेंच 20
नौ जजों की बेंच 135

हालांकि सुप्रीम कोर्ट में सिविल और आपराधिक याचिकाओं को मिलाकर देखें तो कुल 15.6% मुकदमे ही निपटाए गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मुकदमों के दर्ज होने का रुझान अधिक रहा, जो न्यायपालिका में लोगों के विश्वास को दर्शाता है। 15 सितंबर, 2023 तक सुप्रीम कोर्ट में 80,344 मामले लंबित हैं। इनमें लगभग 16 हजार वो मामले भी हैं जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने अब तक केस के रूप में रजिस्टर नहीं किया है।

सीजेआई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट को एनजेडीजी प्लैटफॉर्म से जुड़ने को ऐतिहासिक बताया। हालांकि, ऐसे मामले हैं जो अदालत के इतिहास में दबे हुए हैं। एनजेडीजी डैशबोर्ड के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के लिे 1982 में दायर दो रिट याचिकाएं अभी भी लंबित हैं। दशकों से वार्षिक मामलों के बोझ में वृद्धि के साथ, सुप्रीम कोर्ट का ध्यान उन मामलों पर फैसला देने में रहा है जो दो या तीन जजों की बेंच द्वारा तय किए जा सकते हैं। हालांकि हाल के वर्षों में पांच न्यायाधीशों की पीठों द्वारा सुनवाई के लिए मामलों को उठाने का प्रयास किया गया है। फिर भी ऐसे 306 मामले लंबित पड़े हैं। इसके अलावा, 21 मामलों में सात न्यायाधीशों की पीठ और 135 मामलों में नौ न्यायाधीशों की पीठ के गठन की प्रतीक्षा है।

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