12.4 C
London
Monday, April 20, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयचीन और भूटान में सीमा को लेकर गुपचुप बातचीत, डोकलाम पर क्या...

चीन और भूटान में सीमा को लेकर गुपचुप बातचीत, डोकलाम पर क्या नई चाल चल रहा ड्रैगन?

Published on

बीजिंग

भारत के दो सबसे अहम पड़ोसी देशों चीन और भूटान के बीच शुक्रवार को कुन‍मिंग शहर में बातचीत हुई है। चीन और भूटान दोनों के ही अधिकारी तीन चरणों वाले रोडमैप को ‘आगे बढ़ाने’ पर सहमत हुए हैं। बताया जा रहा है कि चीन और भूटान के बीच यह पूरी बातचीत दो विवादित इलाकों पर फोकस रही। इसमें पहला- डोकलाम तथा उससे लगी भूटान की पश्चिमी सीमा, साथ ही भारत-चीन-भूटान ट्राईजंक्‍शन और दूसरा भूटान के उत्‍तरी सीमा पर स्थित जाकरलुंग और पासमलुंग घाटी। विश्‍लेषकों का मानना है कि चीन और भूटान के बीच सीमा को लेकर कोई भी बातचीत बेहद अहम है और नई दिल्‍ली को इसे लेकर सतर्क रहना होगा।

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक भूटान और चीन के बीच बातचीत के बाद जारी संयुक्‍त बयान में कहा गया है, ‘चीन-भूटान सीमा बातचीत को तेज करने के लिए तीन चरणों वाले रोडमैप को लागू करने पर विचारों का गहन आदान-प्रदान किया गया। इसमें एक सकारात्‍मक सहमत‍ि भी बनी है।’ भूटान के प्रत‍िनिधिमंडल का नेतृत्‍व अंतरराष्‍ट्रीय सीमा को देखने वाले दाशो लेथो तोबधेन तांगबी ने किया। उन्‍होंने चीन के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की जिसका नेतृत्‍व होंग लियांग कर रहे थे जो चीनी विदेश मंत्रालय में सीमा विवाद को देखते हैं। यह बातचीत मंगलवार से लेकर शुक्रवार तक चली।

चीन ने भूटान पर दबाव बनाने के लिए चली चाल
इस बातचीत के बाद जारी बयान में कहा गया है कि दोनों ही पक्ष तीन चरणों वाले रोडमैप को एक के बाद एक क्रियान्वित करने को लेकर सहमत हुए हैं। इसके अलावा दोनों देश लगातार संपर्क में बने रहेंगे और सीमा विवाद को लेकर 25वें दौर की बातचीत को जल्‍द से जल्‍द आयोजित करेंगे। इस तीन चरणों वाले रोडमैप पर अक्‍टूबर 2021 में सहमति बनी थी। चीन और भूटान के बीच साल 1984 से लेकर अब तक 24 दौर की सीमा बातचीत हो चुकी है। इस दौरान बातचीत केवल डोकलाम और भारत-चीन-भूटान ट्राइजंक्‍शन तथा जाकरलुंग और पासमलुंग घाटी को लेकर फोकस रही है।

इस बातचीत के बाद भी चीन ने भूटान के साथ विवाद को बढ़ाते हुए हाल ही में भूटान के पूर्वी सीमा पर साकटेंग वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍य के कई इलाकों पर अपना दावा ठोक दिया है। इस अभ्‍यारण्‍य की सीमा भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्‍य से मिलती है। चीन के विदेश मंत्रालय ने इन विवादों को पश्चिमी, मध्‍य और पूर्वी सेक्‍शन करार दिया है। कई विश्‍लेषकों का मानना है कि चीन भूटान पर दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रहा है ताकि वह थ‍िंपू की सरकार चीन के पहले दिए गए डोकलाम को आपस में बदलने के ऑफर को स्‍वीकार कर ले। चीन का मानना है कि भारत से सटा डोकलाम का इलाका उसके लिए रणनीतिक रूप से अहम है।

चीन ने डोकलाम में अपने सैनिकों की संख्‍या को बढ़ाया
इसके बदले में चीन भूटान के उत्‍तरी इलाके में स्थित भूटानी जमीन पर दावा छोड़ देगा। पश्चिमी इलाके को लेकर चीन और भारत के बीच विवाद है जो करीब 269 वर्ग किलोमीटर है जो भारत की सीमा से सटा हुआ है। साल 2017 में भारतीय सेना की ओर से चीन की चाल को फेल कर देने के बाद डोकलाम को लेकर ड्रैगन नए सिरे से तैयारी कर रहा है। इस‍ विवाद के बाद चीन ने डोकलाम में अपने सैनिकों की संख्‍या को काफी बढ़ा दिया है। भूटान पर दबाव बनाने के लिए चीन अब उसकी जमीन में गांव तक बसा रहा है।

Latest articles

भोपाल तमिल संगम ने सफलतापूर्वक किया बीटीएस तमिल उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह और भव्य तमिल नव वर्ष समारोह का आयोजन 

भोपाल। मध्य भारत में तमिल समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से...

नारी शक्ति वंदन विधेयक गिरने के विरोध में भाजपा आज निकालेगी आक्रोश रैली

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने रविवार को...

राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश

वार्ड 68 में 1 करोड़ 37 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन और...

भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर बैरसिया भगवामय, जयघोषों के बीच निकली भव्य विशाल बाइक रैली

राजेन्द्र शर्मा बैरसिया। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर रविवार को नगर बैरसिया भगवान...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...