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Wednesday, April 1, 2026
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चीन जैसी नौबत नहीं आने वाली… भारत में कोरोना के हालात पर एक्सपर्ट कांग की भविष्यवाणी

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नई दिल्ली

चीन में कोरोना विस्फोट और सर्दियों की आहट के बाद भारत में कोरोना के फिर से वापसी को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। चीन से आ रही खबरों ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। लोगों को लग रहा है कि सर्दियों में कोरोना वापसी कर सकता है। हालांकि, सरकार की तरफ से लोगों से मास्क लगाने और बूस्टर डोज लेने की सलाह दी गई है। सरकार की तरफ से राज्यों को कोरोना के मामलों की जीनोम सिक्वेंसिंग समेत अन्य ऐहतियाती उपाय करने को कहा गया है। इसके अलावा राज्य भी अपने स्तर पर संक्रमण रोकने के लिए कई कदम उठा रहे हैं। ऐसे में देश में महामारी की वापसी को लेकर एक्सपर्ट ने लोगों को पैनिक नहीं होने को कहा है। चीन वाले मौजूदा वेरिएंट के बारे में दूसरी लहर के दौरान लोगों को अहम जानकारी देने वाली देश की मशहूर वायरोलॉजिस डॉ. गगनदीप कांग ने कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं।

देश में स्थिति बिल्कुल ठीक…उछाल नहीं
देश में कोरोना की मौजूदा स्थिति को लेकर डॉ. गगनदीप कांग ने कहा है कि चीन में भले ही कोरोना के मामले बढ़ रहे हों लेकिन फिलहाल देश में स्थिति ठीक है। डॉ. कंग का कहना है कि हमारे पास कुछ मामले आए हैं। इनमें से कुछ मामले वेरिएंट XBB और वेरिएंट BF.7 हैं। हालांकि, इससे देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में कोई उछाल नहीं आया है। डॉ. कांग ने कहा कि इससे भी अधिक संक्रामक वेरिएंट नहीं आता है तो, मुझे संक्रमण के मामलों में उछाल की उम्मीद नहीं है।

वैक्सीन के बाद इम्युनिटी की स्थिति कैसी?
कोरोना महामारी को लेकर जिस तरह रिपोर्ट आ रही हैं उससे से लोगों में डर पैदा हो गया है। ऐसे में सवाल है कि क्या टीका लगवा चुके लोगों को भी कोरोना हो सकता है। इस तरह के खतरों को लेकर डॉ. कांग कहती हैं हमारी आबादी को प्रारंभिक स्तर पर वैक्सीन लगाई गई थी। यहां संक्रमण की उच्च दर (90% अनुमानित) है। उन्होंने कहा कि देश में अधिकांश संक्रमण ओमिक्रॉन के दौरान थे। इस तरह से इससे हमारे यहां लोगों को हाइब्रिड इम्युनिटी मिल चुकी है।

नए वेरिएंट का पता लगाने में कितने सक्षम?
देश में चीन वाले वेरिएंट के अलावा कोई और नया वेरिएंट अगर आता है तो इसका पता कैसे लगेगा? इस बारे में डॉ. कंग का कहना है कि हमारे पास सीक्वेंसिंग को लेकर पर्याप्त सुविधाएं हैं। उन्होंने कहा कि यदि रियल टाइम सिक्वेंसिंग होगी तो हम निश्चित रूप से नए वेरिएंट का जल्द से जल्द पता लगाने में सक्षम होंगे। इसका फायदा होगा कि जब अस्पतालों में गंभीर मामले आने लगेंगे तो हमें इसकी जानकारी मिल जाएगी। वायरोलॉजिस्ट ने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह से जो ट्रेंड दिख रहा है उससे भविष्य का संकेत मिलता है। इससे स्पष्ट है कि भारत कि स्थिति क्या है? हमारें यहां अभी मामले बढ़ने का संकेत नहीं है और हम सतर्क हैं।

दूसरी लहर की तरह मुश्किल में चीन
डॉ. कांग ने कहा कि चीन की मौजूदा स्थिति बिल्कुल वैसी है जैसी भारत की दूसरी लहर अप्रैल-मई 2021 और जनवरी 2022 के दौरान थी। डॉ. कांग ने कहा कि चीन ऐसे समय में खुल रहा है जब इसकी आबादी में प्राकृतिक संक्रमण के जोखिम का स्तर कम है। चीनी वैक्सीन के निष्प्रभावी होने को लेकर डॉ. कांग ने कहा कि वे टीके जो गंभीर बीमारी और मृत्यु को रोकने के लिए अच्छी तरह से काम करते हैं, लेकिन वे mRNA टीकों की तुलना में कम प्रभावी हैं। उन्होंने कहा कि जब बहुत सारे लोग संक्रमण का शिकार हो जाते हैं, जिसमें स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं, ऐसे में कर्मचारियों की कमी के कारण अस्पतालों पर बोझ बढ़ जाता है। ऐसे में रोगियों की ठीक से देखभाल नहीं हो पाती है।

पिछले 24 घंटे में 163 केस, 9 मौत
देश में पिछले 24 घंटों में 163 ताजा कोविड मामले सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को यह सूचना दी है। इसी अवधि में, देश में नौ कोविड से संबंधित मौतें दर्ज हुई। इसके बाद मौत का आंक़ड़ा 5,30,690 तक पहुंच गया। इस बीच, कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 3,380 रह गई है। यह देश के कुल पॉजिटिव केसों का 0.01 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटों में 176 रोगी ठीक हुए। नतीजतन, भारत की रिकवरी रेट 98.80 प्रतिशत है। साथ ही इसी अवधि में, देश भर में कुल 1,25,361 टेस्ट किए गए।

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