9.7 C
London
Monday, March 23, 2026
Homeराष्ट्रीयगुजरात में बना नमक पूरा देश खाता है, मामला व्रत का हो...

गुजरात में बना नमक पूरा देश खाता है, मामला व्रत का हो तो पाकिस्तान से भी आता है!

Published on

नई दिल्ली,

आपकी थाली का ‘नमक’ आजकल चर्चा में है. कारण है राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का नमक पर बयान और फिर कांग्रेस नेता उदित राज का उस पर विवादित ट्वीट. दरअसल, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हाल ही में गुजरात दौरे पर गई थीं. इस दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात में देश का 76% नमक बनता है, लिहाजा कहा जा सकता है कि सभी देशवासी गुजरात का नमक खाते हैं. इसके बाद कांग्रेस नेता उदित राज ने ट्वीट कर लिखा, द्रौपदी मुर्मू जैसा राष्ट्रपति किसी देश को न मिले. चमचागिरी की भी हद्द है. कहती हैं 70% लोग गुजरात का नमक खाते हैं. खुद नमक खाकर जिंदगी जिएं तो पता लगेगा.

नमक का सबसे ज्यादा उत्पादन करने में चीन और अमेरिका के बाद भारत तीसरे नंबर पर है. आंकड़ों के मुताबिक, देश में नमक का सबसे ज्यादा उत्पादन गुजरात में होता है. 2021-22 में देश में 266 लाख टन से ज्यादा नमक का उत्पादन हुआ था. इसमें से 227.65 लाख टन यानी 85% नमक का उत्पादन गुजरात में हुआ था. गुजरात के बाद सबसे ज्यादा नमक का उत्पादन तमिलनाडु (17.21 लाख टन) और राजस्थान (16.90 लाख टन) में हुआ था.

नमक विभाग की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, 2020-21 में देश में नमक का जितना उत्पादन हुआ, उसमें से 76 लाख टन नमक घरेलू इस्तेमाल में लाया गया, जबकि 66 लाख टन नमक विदेशों में निर्यात किया गया. बाकी का नमक उद्योगों में भेजा गया.

लेकिन सेंधा नमक के लिए पाकिस्तान पर निर्भर!
नमक का सबसे ज्यादा उत्पादन करने में भारत तीसरे नंबर पर है. 2020-21 में लगभग 870 करोड़ रुपये का 66 लाख टन नमक का निर्यात किया था. भारत का नमक चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, कतर, इंडोनेशिया, वियतनाम, बांग्लादेश, नेपाल और ताइवान जैसे देशों में खाया जाता है. लेकिन सैंधा नमक के लिए हम पाकिस्तान पर निर्भर हैं.

सेंधा नमक का सबसे ज्यादा इस्तेमाल व्रत या उपवास में होता है. भारत में नवरात्रि के समय व्रत रखा जाता है. इसके अलावा कुछ खास मौकों पर भी व्रत रखने की परंपरा है. व्रत के समय बिना नमक के ही खाना खाया जाता है. ऐसे में खाने में आम नमक की बजाय सेंधा नमक डाला जाता है.

भारत में सेंधा नमक का उत्पादन होता ही नहीं है. जबकि, पाकिस्तान इसमें कहीं आगे है. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में खेवड़ा नाम की नमक खदान है. यहां हर साल साढ़े 4 लाख टन से ज्यादा सेंधा नमक निकलता है. सेंधा नमक जिसे सैंधव नमक, लाहौरी नमक, हैलाइट, गुलाबी नमक या हिमालयन नमक के नाम से जाना जाता है.इंडियन ब्यूरो ऑफ माइन्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2018-19 में भारत ने 74,457 टन सेंधा नमक का आयात किया था. इसमें से 74,413 टन यानी 99% से भी ज्यादा सेंधा नमक पाकिस्तान से ही आया था.

हालांकि, सेंधा नमक पर अब भारत ने अपनी निर्भरता कम भी की है. 2019-20 में भारत ने 60,441 टन सेंधा नमक का आयात किया था, जिसमें से 19,037 टन यानी 31% नमक पाकिस्तान से आया था. 2019-20 में सबसे ज्यादा 31,839 टन सेंधा नमक यूएई से आयात किया था. यूएई और पाकिस्तान के अलावा ईरान, मलेशिया, जर्मनी, अफगानिस्तान, तुर्की और ऑस्ट्रेलिया से भी सेंधा नमक आया था.

सबसे बड़ी खदान है खेवड़ा
खेवड़ा की नमक खदान कोह पहाड़ी पर है. ये दुनिया की सबसे बड़ी खदान मानी जाती है. हर साल साढ़े 4 लाख टन नमक यहां से निकलता है. इसमें से 99 फीसदी से ज्यादा सेंधा नमक होता है. कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि ये खदान इतनी बड़ी है कि अगले 450 साल तक यहां से नमक की आपूर्ति की जा सकती है.

इस खदान की खोज की कहानी भी बड़ी रोचक है. कहा जाता है कि अलेक्जेंडर जब झेलम नदी को क्रॉस कर रहा था, तब उसके घोड़ों ने ये खदान चाट ली थी. इससे उसके बीमार घोड़े ठीक हो गए थे. तब पता चला था कि यहां नमक की खदान है. हालांकि, मुगलों के दौर में इस खदान से नमक का कारोबार शुरू हुआ.

Latest articles

बीएचईएल की बड़ी उपलब्धि: 100वें पावर ट्रांसफॉर्मर का सफल निर्माण, ईडी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

भोपाल भेल भोपाल के परिणामित्र (ट्रांसफॉर्मर) विनिर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सफलता का...

आकृति रिट्रीट में विकास कार्यों का शिलान्यास: राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने किया 31.50 लाख के कार्यों का भूमि पूजन

भोपाल राजधानी के बावड़ियाँ कलाँ स्थित आकृति रिट्रीट कॉलोनी में विकास की नई इबारत लिखते...

नगर निगम पेड़ों की कटाई पर सख्ती की तैयारी, जुर्माना और शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव

भोपाल राजधानी की हरियाली को बचाने और अवैध कटाई पर अंकुश लगाने के लिए नगर...

दादाजी धाम में माँ कूष्मांडा का विधि-विधान से पूजन, गुरु गीता और हनुमान चालीसा के पाठ से गूंजा मंदिर

भोपाल रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के प्रतिष्ठित तीर्थ स्थल 'दादाजी धाम मंदिर' में चैत्र...

More like this

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

ट्रंप की दहाड़: ‘ईरान के साथ कोई सीजफायर नहीं!’ चीन और जापान को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात कि मच गई खलबली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 207 नवीन बसों को दिखाई हरी झण्डी: राजस्थान में सुदृढ़ होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी में 207 नवीन बसों को हरी झण्डी...