18.7 C
London
Tuesday, June 23, 2026
Homeराजनीतिविकास के नाम पर लगी है होड़...जोशीमठ संकट के बीच सुषमा स्वराज...

विकास के नाम पर लगी है होड़…जोशीमठ संकट के बीच सुषमा स्वराज का भाषण क्यों हो रहा वायरल?

Published on

नई दिल्ली

उत्तराखंड के जोशीमठ संकट के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का लोकसभा में दिया गया एक भाषण काफी वायरल हो रहा है। सुषमा स्वराज का ये भाषण साल 2013 का है, जब वो केदारनाथ आपदा पर सदन में बोल रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड में विकास के नाम पर जो होड़ लगी है, ये उसी का नतीजा है। प्रकृति एक दिन क्रोधित होकर ऐसी विनाश लीला करती है कि सब बर्बाद हो जाता है। इस भाषण को लोग जोशीमठ संकट से जोड़कर देख रहे हैं।

केदारनाथ आपदा के बाद दिया था संसद में भाषण
लोकसभा में 16 जून 2013 को सुषमा स्वराज ने ऐतिहासिक भाषण दिया था। उन्होंने कहा था, ‘उत्तराखंड में विकास के नाम पर जो होड़ लगी है, प्रकृति से छेड़-छाड़ करने की, पर्यावरण को प्रदुषित करने की, नादियो पर बांध बनाने की… ये उसका नतीजा है। हम किसके लिए विकास कर रहे हैं? हम अरबो-खरबों रुपये खर्च करके विकास करते जाते हैं। प्रकृति एक दिन क्रोधित होती है और ऐसी विनाश लीला करती है कि सब कुछ तबाह कर जाती है। कब आंखें खुलेगी हमारी? क्या इस त्रासदी के बाद भी नहीं? क्या इस आपदा के बाद भी नहीं?’ गंगा हमारे लिए साधारण नदी नहीं है, गंगा हमारे लिए मां है। अमूल्य जिंदगियां जा रही हैं। पूरा उत्तराखंड आज संकट पर खड़ा है।’

सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे बीजेपी से सवाल
सुषमा स्वराज के इस भाषण को शेयर करके लोग बीजेपी सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। रत्न सेन सिंह नाम के यूजर ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘जोशीमठ और उत्तराखंड के विषय में तत्कालीन नेता विपक्ष सुषमा स्वराज जी का वीडियो वायरल है। कांग्रेस की सरकार में सवाल उठाने वाली सुषमा जी दुर्भाग्यवश अपनी पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार के मुखिया मोदी को यही बात नहीं समझा पायीं।’सविता सिकरवार ने लिखा, ‘जोशीमठ कोई ठोस जमीन पर तो बना नही था, उस पर टनल बनाकर पहाड़ो को डायनामाइट से उड़ा दिया। पानी की निकास की व्यवस्था ठीक नहीं है। सुषमा स्वराज ने ये मुद्दा उठाया था पर बहरी सरकार ने नहीं सुना। दरअसल 4 साल पहले गलती से पानी का स्रोत हिस्सा फूट गया था, जिसकी वजह से बाढ़ आ गई थी।’

संकट के दौर से गुजर रहा जोशीमठ
बता दें कि उत्तराखंड का जोशीमठ इलाका इन दिनों संकट के दौर से गुजर रहा है। जोशीमठ में कई घरों और जमीनों में गहरी दरारें आ गई हैं। हालात से निपटने के लिए इलाके में SDRF की टीमों को तैनात किया गया है। सैकड़ों घरों को खाली कराया गया है। कई घरों के बाहर खतरे का निशान लगाया गया है और लोगों से घर खाली करने के लिए कहा गया है। ऐसे में जोशीमठ के लोग बेहद भयाभह दौर से गुजर रहे हैं। वो अपनी आंखों से अपने आशियाने को टूटते देख रहे हैं।

जोशीमठ संकट को लेकर कई लोगों ने NTPC की टनल को वजह बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि टनल बनने के बाद पहाड़ धंसने शुरू हो गए हैं। हालांकि जमीन धंसने की घटनाएं सामने आने के बाद जोशीमठ में सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि ग्लेशियरों के पिघलने और अनियंत्रित निर्माण की वजह से जोशीमठ में ऐसे हालात पैदा हो रहे हैं। ये इलाका समुद्र तल से 1800 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ है। पिछले साल फरवरी में भी जोशीमठ और आस-पास के इलाकों में बाढ़ की वजह से 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। तब भी इसके लिए अत्यधिक विकास को जिम्मेदार बताया गया था।

Latest articles

सोमनाथ मंदिर राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक...

जिला आधारित विकास मॉडल विकसित राजस्थान का आधार : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिला आधारित विकास मॉडल विकसित राजस्थान की...

विकसित भारत शिक्षा अधिनियम विधेयक-2025 पर सीएम भगवंत मान की आपत्ति, केंद्र से पुनर्विचार की मांग

चंडीगढ़। भगवंत मान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर प्रस्तावित ‘विकसित...

More like this

भेल में अत्याधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणालियों का उद्घाटन— ईडी ने किया शुभारंभ

भोपाल। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) भोपाल के कार्यपालक निदेशक (ईडी) पीके उपाध्याय ने...

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...