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Thursday, May 7, 2026
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बात तो संविधान की करते हैं लेकिन… खरगे का पीएम मोदी पर सीधा हमला, जानिए क्या कहा

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नई दिल्ली:

संसद सत्र के छठवें दिन आज दोनों सदनों में विपक्ष ने खूब हंगामा किया। लोकसभा से विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया तो वहीं राज्यसभा में सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। खरगे ने संविधान के बहाने उच्च सदन में सीधा हमला करते हुए कहा कि 10 साल में संविधान को कमजोर किया गया। सरकार संविधान की बात तो करती है लेकिन संविधान को मानती नहीं है। खरगे ने कहा कि संविधान बचेगा तभी सारे काम हो पाएंगे। संविधान की रक्षा का मसला अभी भी कायम है।

सदन में संविधान के बहाने मोदी सरकार पर अटैक
राज्यसभा सांसद खरगे ने कहा कि भारत की जनता ने इसकी असली मंशा सोच और इरादो को देख परख लिया है। इसीलिए संविधान माथे पर लगान से काम नहीं चलेगा, बल्कि इसके मूल्यों पर आपको चलकर दिखाना होगा। बीते एक दशक में संसदीय परंपराओं को लगातार कमजोर किया गया है, विपक्ष को नजरअंदाज किया गया है, संसद में हमें अपनी बातें रखने के लिए संघर्ष किया गया। खरगे ने कहा कि सोच में ऐसी संसद थी जिसमें विपक्ष न हो। सोच होती तो 17वीं लोकसभा में पहली बार डिप्टी स्पीकर का पोस्ट खाली नहीं होता। आज लोकतंत्र की बात करते हैं एक कानून संविधान में प्रावधान है, डिप्टी स्पीकर, चेयरमैन डिप्टी चेयरमैन आपने 5 साल तक उस पोस्ट को खाली रखा।

खड़गे ने उठाया नौकरियों और महंगाई का मुद्दा
मल्लिकार्जुन खड़गे ने भर्तियों का मुद्दा उठाया. इस पर सभापति धनखड़ ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को जवाब देने के लिए कहा. अश्विनी वैष्णव ने नौकरियों के आंकड़े बताए. खड़गे ने महंगाई का मुद्दा उठाया और 2014 के चुनाव में बीजेपी का चुनावी नारा याद दिलाया- घटेगी महंगाई, बढ़ेगी कमाई. उन्होंने सरकार को काम करने की नसीहत दी और महात्मा गांधी का एक वक्तव्य कोट किया.

चुनावी नतीजे ने बता दिया कौन भारी
खरगे ने पूछा कि क्या आप संविधान के तहत चल रहे हो। कहते तो बाहर ये हैं कि हम संविधान के तहत काम कर रहे हैं लेकिन आप उसके उल्टा और विपरीत करते हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण में न दिशा और दिशा। इसी राज्यसभा में पीएम ने छाती ठोकते हुए कहा था कि एक अकेला सबपर भारी। लेकिन मैं ये पूछना चाहता हूं कि एक अकेले पर कितने लोग भारी है, संसद में और यहां पर। लेकिन चुनावी नतीजे ने दिखा दिया है कि देश का संविधान और जनता सबपर भारी है। लोकतंत्र में अहंकारी नारों को जगह नहीं है।

गांधी, आंबेडकर की मूर्तियों को हटाने का काम किया
खरगे ने आगे कहा कि लाखों लोग वहां आकर श्रद्धांजलि अर्पित करते थे, लेकिन आपने डरकर जहां विरोध प्रदर्शन होता है, वहां से महापुरुषों की मूर्तियों को कोने में लगा दिया। किसकी मूर्ति? जिस महात्मा गांधी ने आजादी दिलाई, जिसने संविधान बनाया भीमराव आंबेडकर, क्षत्रपति महाराज ऐसे लोगों को आप पीछे हटाकर क्या दिखाना चाहते हैं। उसके लिए लड़ाई हमने लड़ी।

‘हम किसानों की बात करते हैं तो मोदीजी…’, संसद में बोले खड़गे
हम किसानों की बात करते हैं तो मोदी जी भैंस खोल ले जाने की बात करते हैं. हम बीजेपी के बांटने की बात करते हैं तो मोदीजी औरंगजेब की बात करने लगते हैं, हम पेपरलीक की बात करते हैं तो मोदीजी मंगलसूत्र की बात करने लगते हैं. हम रोजगार की बात करते हैं तो मोदीजी मन की बात करने लगते हैं. इतिहास को लेकर निर्णय लेने में जनता सक्षम है. असत्य बोलना, लोगों को बांटना, ये सब काम पहली बार हुआ है. ये काम पहले किसी प्रधानमंत्री ने किया नहीं. खड़गे ने विदेशी मीडिया की कवरेज का भी उल्लेख किया और कहा कि हम नहीं, विश्वगुरु को लेकर दुनिया के लोग बोल रहे हैं. पीएम ने चुनाव में जो बातें रखीं, वो नफरत की बातें थीं.

खड़गे ने याद दिलाए पीएम के स्लोगन
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को स्लोगन देने में माहिर बताते हुए कहा कि विपक्ष 10 साल से कह रहा है कि स्लोगन मत दीजिए, काम कीजिए. मैं पूछता हूं साहब मणिपुर जल रहा है, आप एक दिन तो जाकर आएं. आप तो 14 देशों को गए, इलेक्शन में सैकड़ों भाषण किए, मणिपुर क्यों नहीं गए. कुछ लोगों का साथ दिया, कुछ का विकास किया, गरीबों का सत्यानाश किया. 2024 का चुनाव अहंकार तोड़ने वाला चुनाव था. पिछली सरकार के 17 मंत्री हार गए, किसानों को जीप से रौंदने वाले मंत्री को जनता ने ही रौंद दिया और खत्म हो गए. एक शायर ने कहा है- कभी घमंड मत करना, तकदीर बदलती रहती है… शीशा वही रहता है, तस्वीर बदलती रहती है. हमको घमंडी बोलते रहते थे, अरे घमंड तो टूट गया आपका. आज आपको चार सौ पार का नारा नहीं लगाना पड़ेगा. दो सौ पार में हैं और वह भी बड़ी मुश्किल से आए.

‘…प्रॉसीडिंग में बनाए रखिएगा’, जब धनखड़ ने की सभापति से अपील
विपक्ष के नेता खड़गे ने कहा कि सत्ता आती है जाती है, लेकिन सत्ता के लालच में बात बात पर झूठ बोलने की बात नहीं होनी चाहिए जैसा मोदीजी ने किया है. उनके दो से ज्यादा भाषण हैं जिसमें उन्होंने क्या क्या कहा है, ये है मेरे पास. मोदीजी के तीन बयान कोट करना चाहूंगा और उम्मीद है कि आप प्रॉसीडिंग में बनाए रखेंगे. इस पर सभापति ने कहा कि आप जो अनुरोध कर रहे हैं कि भाषणों को बनाए रखेंगे, ऑथेंटिकेट कर दीजिए कि कब दिया और कहां दिया. कोई इश्यू नहीं है. इस पर विपक्ष की ओर से शक्ति सिंह ने कहा कि सब झूठ बोलते हैं उसको नहीं बोलते हैं ऑथेंटिकेट करने के लिए. इस पर सभापति धनखड़ ने नाराजगी जताई और विपक्ष के नेता से उनको कंट्रोल करने के लिए कहा. खड़गे ने कहा कि आप हमेशा ऑथेंटिकेट करने के लिए कहते हो, इसीलिए पूरी कटिंग लाया हूं. इस पर खड़गे ने कहा कि आप ऑथेंटिकेट करना बोले न. सभापति ने विपक्ष के नेता से बैठने के लिए कहा. इस पर खड़गे ने कहा- साहब मुझे उठने-बैठने में दिक्कत है. सभापति ने कहा कि न्यूज पेपर ऑथेंटिकेट नहीं करता, प्राइमरी मटेरियल. इस पर पी चिदंबरम ने सवाल किया कि पीएम मोदी देश के किसी इलाके में पीएम कोई स्पीच करते हैं, तो कोई सदस्य किस तरह ऑथेंटिकेट कर सकता है, बताइए. इस पर सभापति धनखड़ ने कहा कि वीडियो क्लिप के जरिए कर सकते हैं.

पीएम ने किया विपक्षी दलों का अपमान- खड़गे
सभापति धनखड़ ने कहा कि आप अपनी बात रखिए, चैंबर में बात करते हैं. इस पर खड़गे ने कहा कि मुझे चैंबर में कोई काम नहीं है आपसे. खड़गे ने पीएम के संपत्ति बांटने वाले बयान समेत पीएम के चुनावी संबोधनों का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों को इंसल्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम ने कहा कि अगर इनको अपने वोटबैंक के सामने मुजरा करना है तो करें. इस पर सदन में हंगामा हो गया

प्रधानमंत्री मोदीजी की अमृतवाणी है… राज्यसभा में बोले खड़गे
खड़ने ने शायराना अंदाज में कहा कि सच बोलने वाले अक्सर बहुत ही कम बोलते हैं, झूठ बोलने वाले निरंतर, हरदम बोलते हैं.. एक सच के बाद और सच की जरूरत नहीं होती, एक झूठ के बाद सैकड़ों झूठ आदतन बोलते हैं… प्रधानमंत्री मोदीजी की अमृतवाणी है, इसे मैंने यहां रखा. यदि आपको दुख हुआ या उनको दुख हुआ तो क्षमा चाहता हूं. राष्ट्रपति ने ऐसे बयानों पर चिंता प्रकट नहीं की. चुनाव आयोग का बयान भी खड़गे ने याद दिलाया और कहा कि पीएम ने 421 बार मंदिर-मस्जिद और दूसरे धर्मों की बात की. 224 बार पाकिस्तान, माइनॉरिटी की बातें की. कांग्रेस का मेनिफेस्टो धर्म विशेष से जोड़ दिया. 75 साल में विभिन्न दलों के प्रधानमंत्रियों ने चुनाव प्रचार किया, ऐसा कभी नहीं देखा. हमने 117 शिकायतें चुनाव आयोग को दीं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.ये चीजें जो हुई हैं, हमने शिकायत किया, उस पर कोई एक्शन नहीं. चुनाव के दौरान कांग्रेस के खाते सीज कर दिए, इनकम टैक्स के नोटिस आए. आप लेबल प्ले ग्राउंड चुनाव बोलते हैं और चुनाव आने पर विपक्षी पार्टी के खाते फ्रीज कर देते हैं. जहां हमारे खाते फ्रीज हुए, वहीं सत्ताधारी दल के चंदा दो धंधा लो, वो गिन गिनकर इलेक्टोरल बॉन्ड से इलीगल तरीके से हजारों करोड़ कमाए पार्टी के लिए.

खड़गे ने उठाया संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का मुद्दा
राज्यसभा में विपक्ष के नेता खड़गे ने संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इनका उपयोग वसूली के लिए किया गया. खड़गे ने सभापति से कहा कि मुझे उम्मीद है कि आप सच्चाई का साथ देंगे. इस पर सभापति ने कहा कि मैं तो हमेशा ही सच्चाई का साथ देता हूं. सभापति ने कहा कि सदन के नेता इंटरवेंशन करना चाहते हैं. इस पर खड़गे ने कहा कि मेरा फ्लो टूट जाएगा. सदन के नेता जेपी नड्डा ने सभापति को लेकर विपक्ष के नेता के बयान पर आपत्ति जताई. खड़गे ने कहा कि मैं यहां किसी का अपमान करने के लिए सदन में नहीं आया हूं. सभापति धनखड़ ने भी इस तरह के आरोपों पर दुख जताया. खड़गे ने इस पर कहा कि आपको दुख पहुंचा तो ठीक है, आई रिग्रेट.

खड़गे ने राज्यसभा में उठाया पेपर लीक का मुद्दा
खड़गे ने कहा कि आपने हमारी कई सरकारों को तोड़ा. आपने इंडिया गठबंधन के दो मुख्यमंत्रियों को जेल में डाला. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बेल देकर हाईकोर्ट ने कहा कि प्राइमाफेशिया सबूत नहीं है. दिल्ली के मुख्यमंत्री छूटकर आए, आपने फिर से डाला. आपके पास कई तरीके हैं सताने के. आप हमारी 10 साल की सरकार को गाली देते थे. मोदी साहब कहते थे खिचड़ी सरकार है. देश की छवि खराब हुई. कहते थे मिलीजुली सरकारों ने 30 साल खराब किए. अब जनता ने आपको गठबंधन की सरकार पर ला दिया है. अब एनडीए की सरकार बोल रहे हो, बीजेपी की सरकार भी नहीं बोलते थे. कहते थे ये मोदी की सरकार. पीएम ने ढेरों सभाओं में कहा- 10 साल तो बस ट्रेलर था, असली पिक्चर बाकी है. पिछले एक महीने में इसका अंदाजा लगा है. नीट पेपर लीक से लेकर रद्द परीक्षाओं, राम मंदिर लीक, बिहार में पांच पुल टूटने, ट्रेन हादसों का जिक्र किया और विपक्ष के नेता ने कहा कि 20 लाख बच्चों का भविष्य बर्बाद हो गए. सात साल में 70 पेपर लीक हुए और दो करोड़ नौजवानों का भविष्य बर्बाद हुआ है. आप दुरुस्त करो, आपको कौन रोका है.

शिक्षण संस्थाओं पर संघ ने कब्जा कर लिया है- खड़गे
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि शिक्षण संस्थाओं पर संघ और बीजेपी के लोगों ने कब्जा कर लिया है. इस पर आपत्ति जताते हुए सभापति धनखड़ ने कहा कि आपके इस बयान को एक्सपंज करता हूं और इसका कारण भी बताता हूं. सभापति ने कहा कि क्या किसी संस्था का सदस्य होना अपराध है? अगर कोई संघ का सदस्य है तो वह कोई अपराध है क्या. दुनिया में सबसे ज्यादा उनमें योग्यता देख सकते हैं आप. नथिंग विल गो ऑन रिकॉर्ड. खड़गे ने कहा कि ये मनुवादी है. ये खतरनाक है. इस पर सभापति ने कहा- नथिंग विल गो ऑन रिकॉर्ड.

नड्डा ने खड़गे के बयान पर जताई आपत्ति
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के संघ को लेकर बयान पर आपत्ति जताते हुए इसे एक्सपंज करने की मांग की. सभापति ने इस पर कहा कि इसे ऑलरेडी हटा दिया गया है. खड़गे ने सदन में अग्निवीर योजना को समाप्त करने की मांग की. इस पर सभापति धनखड़ ने गिनाना शुरू किया कि किसान का बेटा आज क्या-क्या कर रहा है. खड़गे ने इस पर कहा- ये हमारी वजह से. धनखड़ ने दलितों के खिलाफ अपराध के आंकड़े गिनाए और कहा कि ये असली लोग हैं जो भेदभाव झेलते आ रहे हैं. जब तक छुआछूत है, मेरे विचार यही रहेंगे. खड़गे ने मध्य प्रदेश में आदिवासी के मुंह में पेशाब किए जाने के साथ ही दलित-आदिवासी के खिलाफ अपराध की कई घटनाएं गिनाईं .

संघ नेताओं के नाम गिनाकर बोले खड़गे, ये समाज को खत्म करने में लगे हैं
खड़गे ने सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़े का हवाला देते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किसने किया था? उन्होंने एमएसपी को लेकर कानून बनाने की मांग करते हुए कहा कि आप बनाइए, विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार के साथ हैं. उन्होंने मणिपुर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इंडिया ब्लॉक के सांसद मणिपुर गए. सरकार उनके अनुभव सुन सकती थी, लेकिन सरकार अभिभाषण में लगी रही. खड़गे ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के मणिपुर पर बयान का जिक्र करते हुए कहा कि पहली बार संघ किसी विषय पर सच बोल रहा है. मेरी आप नहीं सुनते, उनकी तो सुन लीजिए. इस पर धनखड़ ने उन्हें टोका. सभापति ने कहा कि कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं जाएगा. धनखड़ ने गोवलकर से देवरस तक संघ प्रमुखों के नाम गिनाए और कहा कि इनके नाम इसीलिए याद हैं क्योंकि ये समाज को खत्म करने में लगे हुए हैं.

तुम्हारी इज्जत करता हूं, तुम्हारे पिताजी की वजह से… जब नीरज शेखर पर भड़के खड़गे
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने रेल का मुद्दा उठाया. इस पर बीजेपी के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने कुछ कहा. इस पर खड़गे ने उनसे कहा कि तुम्हारे पिताजी को रिसीव करने गया था, वे चार बार गुलबर्गा आए. तब रेल ही थी. तुम्हारी इज्जत करता हूं तुम्हारे पिताजी की वजह से.

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