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Monday, May 4, 2026
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ट्रकवालों को हिट ऐंड रन मामलों को ऑनलाइन रिपोर्ट करने दिया जाए, ट्रांसपोर्ट सेक्रटरी ने दिया सुझाव

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नई दिल्ली:

देशभर में नए हिट एंड रन कानून को लेकर बवाल मचा हुआ है। नए कानून के खिलाफ ट्रक ड्राइवरों ने हड़ताल की। कुछ जगहों पर अभी भी हड़ताल जारी है। इस दौरान सड़क परिवहन मंत्रालय ने प्रस्ताव रखा है कि सड़क हादसा होने के बाद तुरंत बाद ड्राइवरों को ऑनलाइन रिपोर्ट करने की सुविधा दी जाएगी। इस प्रस्ताव का उद्देश्य भारतीय न्याय संहिता के हिट एंड रन के प्रावधानों के तहत सजा और मॉब लिचिंग के खतरे से ड्राइवरों को बचाना है। मंत्रालय के सीनियर अधिकारी ने कहा कि इस प्रस्ताव पर आखिरी फैसला गृह मंत्रालय का होगा।

ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल से देशभर में जरूरी सामान की किल्लत
गौरतलब है कि भारतीय न्याय संहिता के तहत, जो ड्राइवर पुलिस को बिना जानकारी दिए घटनास्थल से भाग जाते हैं, तो उन्हें सात साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। हालांकि, यह कानून अभी तक लागू नहीं हुआ है, लेकिन ट्रक, बस और टैक्सी ड्राइवरों ने इस प्रावधान को लेकर अपनी चिंता जताई है। ड्राइवरों की हड़ताल के बाद देशभर में जरूरी सामान की किल्लत हो गई है। सरकार ने ट्रक चालकों और ट्रांसपोर्टर संगठनों को आश्वासन दिया है कि इस प्रावधान को लागू करने से पहले उनसे सलाह ली जाएगी।

मंत्रालय ऑनलाइन कंप्लेन पर कर रहा विचार
ट्रक और अन्य कर्मशियल वाहन चालकों की आशंकाओं को दूर करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन ने स्वीकार किया कि दुर्घटना के बाद घायल या मृत्यु होने पर चालकों का घटनास्थल छोड़कर जाना एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने ट्रक चालकों की वास्तविक चिंताओं को भी स्वीकार किया, जैसे कि दुर्घटनास्थल पर रुकने पर उनके वाहनों में आग लगाने या भीड़ हिंसा का सामना करने का डर। इस समस्या का समाधान खोजने के लिए मंत्रालय टेक्नॉलोजी के उपयोग पर विचार कर रहा है। एक सुझाव यह है कि ड्राइवर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दुर्घटना की रिपोर्ट करें, जो इसे नॉन-हिट-एंड-रन केस के रूप में वर्गीकृत करेगा। इसके बाद ड्राइवर घटनास्थल से 25-50 किमी दूर स्थित पुलिस स्टेशन पर पुलिस को घटना की सूचना दे सकता है।

गृह मंत्रालय लेगा अंतिम फैसला
जैन ने आगे कहा कि पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराने का मौका मिलने से पहले हिट-एंड-रन के आरोप में गिरफ्तार होने के डर से, ड्राइवरों के लिए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने का प्रावधान हो सकता है। हालांकि, इस मामले पर अंतिम निर्णय गृह मंत्रालय का होगा। अधिकारियों ने साफ किया कि बीएनएस की धारा 106 (2), जो हिट-एंड-रन मामलों से संबंधित है, में यह कहा गया है कि दुर्घटनास्थल से पुलिस को सूचित करना अनिवार्य नहीं है। इसलिए, ड्राइवरों के पास हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके या अपनी सुविधानुसार किसी पुलिस स्टेशन पर घटना की सूचना देने का विकल्प है। प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ितों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिले।

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