नई दिल्ली
दिल्ली सेवा कानून लागू होने के बाद दिल्ली में एक्शन शुरू कर दिया गया है। दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव बिभव कुमार के बंगले का आवंटन रद्द कर दिया है। निजी सचिव बिभव को दिल्ली में टाइप-6 बंगला आवंटित किया गया था। सतर्कता विभाग के मुताबिक इसमें नियमों की अनदेखी की गई है। निजी सचिव को जो बंगला दिया गया है वह उनकी हैसियत से कहीं अधिक है।
सतर्कता विभाग की ओर से लोक निर्माण विभाग को एक पत्र लिखा गया है। इसमें पूछा गया कि जल बोर्ड के आवास को बिभव कुमार को क्यों आवंटित किया गया। खास बात यह है कि बिभव कुमार जल बोर्ड का हिस्सा भी नहीं हैं। बिभव कुमार इस बंगले में पिछले कई सालों से रह रहे हैं। बता दें कि यह बंगला सिर्फ जल बोर्ड के लिए है। इसका आवंटन दिल्ली सरकार में सचिव स्तर से अधिकारी को भी नहीं किया जा सकता है। सचिव स्तर के अधिकारी की टाइप-4 बंगला ही आवंटित किया जा सकता है। इसे लेकर सतर्कता विभाग की ओर से सवाल उठाए गए।
बीजेपी ने भी उठाए थे सवाल
बिभव कुमार पर बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने भी कई सवाल उठाए थे। कपिल मिश्रा की शिकायत पर 2017 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने टैंकर घोटाले में बिभव कुमार से घंटों पूछताछ की थी। जिसमें दिल्ली में 400 करोड़ रुपये के टैंकर घोटाला का जिक्र किया था। इसी साल फरवरी महीने में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी शराब घोटाले में बिभव कुमार से पूछताछ की थी। बिभव कुमार को सीएम अरविंद केजरीवाल का करीबी माना जाता है।
