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इंदिरा गांधी का जिक्र कर निर्मला सीतारमण ने ऐसा क्‍या कहा कि कांग्रेस होगी खुश? बिजनेस स्कूल में चौंका दिया

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बेंगलुरु

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सीएमएस बिजनेस स्कूल में छात्रों से बातचीत के दौरान महिला सशक्तिकरण पर चर्चा की। इस दौरान सीतारमण ने सवाल किया है कि अगर पितृसत्ता भारत में महिलाओं को आगे बढ़ने से रोक रही होती तो इंदिरा गांधी कैसे प्रधानमंत्री बन सकती थीं? वित्त मंत्री ने उस इंटर्नशिप योजना के बारे में भी बात की जो एक करोड़ युवाओं को कौशल से लैस करेगी। सीतारमण ने स्टार्टअप्स और एमएसएमई को सरकारी मदद पर प्रकाश डाला। इससे भारत में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स और 130 यूनिकॉर्न स्थापित हुए हैं।

महिला सशक्तीकरण के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि पितृसत्ता एक कॉन्‍सेप्‍ट है जिसका आविष्कार वामपंथियों ने किया है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं को सलाह दी, ‘आप शब्दावली के बहकावे में न आएं। यदि आप अपने लिए खड़ी होंगी और तार्किक ढंग से बात करेंगी, तो पितृसत्ता आपको अपने सपने पूरे करने से नहीं रोकेगी।’

इंदिरा गांधी का द‍िया उदाहरण
इसके लिए सीतारमण ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण दिया। उन्‍होंने कहा कि पितृसत्ता महिलाओं की सफलता में बाधा नहीं बनती। ऐसा होता तो इंदिरा गांधी पीएम कैसे बन जातीं।

हालांकि, सीतारमण ने स्वीकार किया कि महिलाओं को पर्याप्त सहूलियत नहीं मिल पाती और उन्हें और सहूलियतों की जरूरत है। सीतारमण ने शनिवार को यहां सीएमएस बिजनेस स्कूल के विद्यार्थियों से मुलाकात की और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए तमाम कदमों और युवाओं के लिए शुरू की गईं सरकारी योजनाओं पर चर्चा की। इनमें 21 से 24 वर्ष आयु वर्ग के ‘बेरोजगार युवाओं’ के लिए एक करोड़ प्रशिक्षु भत्ता (इंटर्नशिप) की योजना भी शामिल है।

इनोवेटर्स के लिए मौकों पर द‍िया जवाब
केंद्रीय मंत्री ने भारत में इनोवेटर्स के लिए संभावनाओं के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मोदी सरकार नवोन्मेषकों के लिए अनुकूल महौल बना रही है। उन्होंने कहा, ‘हम केवल नीति बनाकर इनोवेटर्स का समर्थन नहीं कर रहे हैं। अलबत्‍ता, भारत सरकार सुनिश्चित कर रही है कि इन इनोवेटर्स के इनोवेशन के लिए बाजार भी मिले।’

उन्होंने इस संदर्भ में उदाहरण के तौर पर एमएसएमई के लिए उपलब्ध सहायता तंत्र का हवाला दिया। उनके अनुसार, सरकारी खरीद में उन्हें प्राथमिकता दी जाती है। सीतारमण ने कहा कि सरकार की 40 फीसदी खरीद एमएसएमई से हो रही है। उन्होंने कहा, ‘यही कारण है कि आज भारत में दो लाख से अधिक स्टार्टअप हैं और 130 से अधिक यूनिकॉर्न बन चुके हैं। अवसर बहुत अधिक हैं, लेकिन उनका पूरा उपयोग नहीं हो रहा है।’

ड‍िज‍िटल बैंकिंग से बदलाव
सीतारमण ने कहा कि इसी तरह का डिजिटल बैंकिंग बदलाव है जो भारत में हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि जन धन योजना से आम लोगों के लिए अवसर पैदा किए गए। केंद्रीय वित्तमंत्री ने कहा, ‘डिजिटल नेटवर्क का विस्तार करने के लिए भारत के दृष्टिकोण को सरकार की ओर से वित्त पोषित किया गया था। जबकि कई अन्य देश निजी खिलाड़ियों के माध्यम से आगे बढ़े। इसके चलते कहीं-कहीं नाममात्र शुल्क लगे। इसके कारण, यहां तक कि छोटे स्तर के यूजर भी बिना भुगतान किए डिजिटल बैंकिंग का उपयोग कर रहे हैं और भविष्य में यह और विकसित ही होगा।’

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