नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले एआई अतुल सुभाष की आत्महत्या का मामला लगातार गहराता जा रहा है। कानूनी धाराओं का फायदा उठाकर कथित तौर पर निकिता सिंघानिया ने अतुल सुभाष को इतना प्रताड़ित किया, उसे अपनी जान देनी पड़ी। सुभाष ने 24 पन्नों के नोट में बताया कि कैसे उनको इस तरह का कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। अतुल से अलग रह रही पत्नी निकिता सिंघानिया कथित तौर पर दो से चार लाख रुपये भरण-पोषण के लिए मांग रही थी।
एआई इंजीनियर के दोस्त जैक्सन ने अब इस बात का खुलासा किया है कि कोरोना महामारी के दौरान दोनों के बीच में चीजें कैसे खराब होती चली गईं। जैक्सन ने कहा कि अतुल की पत्नी ने उनके खिलाफ करीब 9 केस दर्ज करवाए थे और वह काफी टेंशन में थे। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में जैक्सन कहा कि ऐसा लगता है कि उन्होंने यह सब सिस्टम से मिल रहे उत्पीड़न की भावना की वजह से किया है। इसलिए यह सिस्टम को बताने का उनका तरीका था कि यह पुरुषों की मदद नहीं कर रहा है और इससे बहुत ही ज्यादा भेदभाव है।
कोराना काल में ऐसा क्या हुआ?
एआई इंजीनियर अतुल सुभाष के दोस्त जैक्सन ने बताया कि कोरोना का टाइम था और अतुल की पत्नी कोरोना से संक्रमित हो गई। इसकी वजह से उसे काफी तकलीफ हुई और वह उसके लिए दवाईं लेने गए। अतुल की पत्नी टाइम पर दवाई नहीं ले रही थीं। इसकी वजह से मनमुटाव हुआ और फिर यहीं से बात आगे बढ़ती चली गई। वह अपने बच्चे के साथ अतुल को छोड़कर चली गई और वह अपने बेटे को भी नहीं देख पाए। जैक्सन ने यह भी बताया है कि हाल ही में एक खास बात यह पता चली कि उन्हें अपने बेटे के लिए 40 हजार रुपये का भरण-पोषण का आदेश मिला है। उनका बेटा तो अभी केवल चार से पांच ही साल का है।
सुभाष ने अपने भाई को किया ईमेल
इंजीनियर सुभाष के भाई विकास ने भी मामले पर विस्तार से जानकारी दी है। विकास ने बताया कि मेरे भाई को सिस्टम ने बहुत परेशान कर दिया है। सुभाष ने सुसाइड करने से पहले अपने भाई को ईमेल किया। सुभाष के पिता ने कहा कि उसकी पत्नी एक के बाद एक आरोप लगाती ही रहती थी। उन्होंने कहा कि हम अपने बेटे के दुख को बयां नहीं कर सकते हैं।
सुभाष ने वीडियो में क्या बताया
अतुल सुभाष का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें सुभाष को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘मुझे लगता है कि मुझे खुद को मार देना चाहिए क्योंकि मैं जो पैसा कमा रहा हूं, उससे मेरे दुश्मन मजबूत हो रहे हैं। उसी पैसे का इस्तेमाल मुझे बर्बाद करने के लिए किया जाएगा और यह सिलसिला चलता रहेगा। मेरे टैक्स के पैसे से यह कोर्ट और पुलिस सिस्टम मुझे, मेरे परिवार और अन्य अच्छे लोगों को परेशान करेगा।’
अतुल सुभाष ने मांग की कि उनके मरने के बाद में उनकी पत्नी और उनके परिवार को उनके शव के पास भी नहीं जाने दिया जाना चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने अपने परिवार से आग्रह किया है कि उन्हें प्रताड़ित करने वालों को दोषी नहीं पाया जाता है तो वे उनकी अस्थियों को कोर्ट के नाले में बहा दें। उनके परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उनकी पत्नी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है
