नई दिल्ली,
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शिरकत की. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित किया. हालिया वर्षों में यह पहली बार था जब नेता प्रतिपक्ष के किसी नेता ने इस समारोह में हिस्सा लिया. लोकसभा में विपक्षी दलों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व न होने के कारण 2014 से यह पद खाली पड़ा था.
राहुल गांधी पारंपरिक सफेद कुर्ते में नजर आए. लालकिले पर रेड कार्पेट से होते हुए वह उस जगह (पांचवी लाइन) पर पहुंचे जहां उनके लिए सीट रिजर्व थी. उनके अगल-बगल में ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ी बैठे थे. राहुल के ठीक आगे ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य ललित उपाध्याय बैठे थे. इसके अलावा यहां अग्रिम पंक्ति में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला मौजूद थे.
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi arrives at the Red Fort for India's 78th #IndependenceDay celebrations.
Prime Minister Narendra Modi is set to deliver his 11th Independence Day address, from the ramparts of the Red Fort this morning. pic.twitter.com/GQwUNSzZl5
— ANI (@ANI) August 15, 2024
रक्षा मंत्रालय ने दिया स्पष्टीकरण
यह चर्चा विपक्ष के नेता के तौर पर उन्हें पीछे की पंक्ति में बैठाए जाने को लेकर हो रही है. लेकिन अब इस पूरे मामले पर रक्षा मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया है. रक्षा मंत्रालय ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान आगे की पंक्तियों में ओलंपिक मेडल विजेता खिलाड़ियों के बैठने का इंतजाम किया गया था, जिस वजह से राहुल गांधी को पीछे की पंक्ति में बैठाया गया. अन्यथा प्रोटोकॉल के मुताबिक विपक्ष के नेता को आगे की पंक्ति में बैठाया जाता है. बता दें कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों के आयोजन और इस तरह के आयोजन में बैठने की व्यवस्था का काम रक्षा मंत्रालय का होता है.
10 साल बाद शामिल हुआ नेता प्रतिपक्ष
लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद 2014 से 2024 तक खाली रहा. ऐसा इसलिए था क्योंकि उस अवधि के दौरान किसी भी विपक्षी दल के पास इस पद के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए पर्याप्त सांसद नहीं थे. हालांकि, हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी की सीटों की संख्या 99 पहुंचने के बाद, 25 जून, 2024 को राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया.
पीएम ने 11वीं बार किया देश को संबोधित
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लगातार 11वीं बार लालकिले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित किया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई ईमानदारी के साथ जारी रखने की प्रतिबद्धता जताते हुए भ्रष्टाचारियों के कथित महिमामंडन के चलन पर चिंता प्रकट की.
78वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हमारा हर देशवासी भ्रष्टाचार के दीमक से परेशान रहा है, इसलिए हमने व्यापक रूप से भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़ी है.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इसकी कीमत भी चुकानी पड़ती है लेकिन उनकी प्रतिष्ठा राष्ट्र से बड़ी नहीं हो सकती.
