नई दिल्ली,
महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से अजित पवार की बगावत के बाद विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. विपक्षी दल केंद्रीय एजेंसियों की जांच का दबाव डालकर नेताओं को बीजेपी के साथ लाने का आरोप लगा रहे हैं. महाराष्ट्र के अलावा बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल समेत कई अन्य राज्यों में भी विपक्ष के कई नेताओं के खिलाफ मामलों में केंद्रीय एजेंसियां अब शिकंजा कसने लगी हैं.
ऐसे में अब ये अटकलें लगाई जाने लगी हैं कि महाराष्ट्र के बाद अब अगला नंबर किसका? इसमें सबसे अधिक चर्चा बिहार को लेकर हो रही है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक दिन पहले ही बिहार सरकार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के खिलाफ पूरक चार्जशीट दायर किया है. इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू यादव और राबड़ी देवी पहले से ही आरोपी हैं. अब तेजस्वी को भी आरोपी बनाए जाने के बाद बीजेपी ने उनको मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है.
नीतीश ने साल 2017 में करप्शन के मुद्दे पर ही महागठबंधन को झटका दिया था. आईआरसीटीसी घोटाले में तेजस्वी का नाम आने के बाद नीतीश ने उनसे स्पष्टीकरण देने के लिए कहा था. तेजस्वी की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने पर नीतीश ने महागठबंधन से अलग होकर दोबारा बीजेपी के साथ सरकार बना ली थी. नीतीश ने हाल के दिनों में अपनी पार्टी के विधायकों और सांसदों के साथ बैठकें भी की थीं जिसके बाद उनके अगले कदम को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी हैं.
झारखंड में सीएम सोरेन के खिलाफ भी चल रही जांच
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी अवैध खनन के मामले में ईडी की रडार पर हैं. ईडी हेमंत सोरेन से इस मामले में पूछताछ भी कर चुकी है. कांग्रेस विधायक अनूप सिंह, प्रदीप यादव और शिवशंकर यादव के ठिकानों पर भी आयकर विभाग की टीम छापेमारी कर चुकी है. ईडी सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं से जुड़े आधा दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है.
बंगाल में टीएमसी नेताओं के खिलाफ चल रही जांच
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी समेत कई नेता केंद्रीय एजेंसियों की रडार पर हैं. अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी से ईडी कई बार पूछताछ भी कर चुकी है. टीएमसी की सरकार में मंत्री रहे पार्थ चटर्जी शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी ने गिरफ्तार किया है. पशु तस्करी मामले में अनुव्रत मंडल भी गिरफ्तार चल रहे हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मुकुल रॉय समेत टीएमसी के ऐसे तमाम नेता बीजेपी में शामिल हो गए थे जिनके खिलाफ किसी न किसी मामले में केंद्रीय एजेंसियां जांच कर रही थीं. 2020 के पश्चिम बंगाल चुनाव में टीएमसी की जीत के बाद कई नेताओं ने अपनी पुरानी पार्टी में वापसी कर ली थी.
कर्नाटक में डीके शिवकुमार के खिलाफ केस
कर्नाटक सरकार के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के खिलाफ भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस है. डीके शिवकुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति, मनी लॉन्ड्रिंग समेत कुल 19 केस दर्ज हैं जिनकी जांच सीबीआई और ईडी कर रहे हैं. डीके शिवकुमार को मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने गिरफ्तार भी किया था. साल 2019 में डीके शिवकुमार 50 दिन जेल में रहे थे.
तेलंगाना सीएम की बेटी के खिलाफ ईडी जांच
तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर की बेटी के खिलाफ भी ईडी की जांच चल रही है. भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) प्रमुख केसीआर की बेटी कविता का नाम दिल्ली शराब नीति घोटाले में आया था. ईडी ने कविता के करीबी धनंजय पिल्लई को गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले में कविता से भी केंद्रीय एजेंसी ने मैराथन पूछताछ की थी. कविता पर दिल्ली शराब घोटाले में सक्रिय भागीदारी का आरोप है. पिछले कुछ समय से बीजेपी को लेकर बीआरएस के नरम रुख, विपक्षी एकजुटता की कवायद से पार्टी की दूरी की वजह से बीआरएस के एनडीए में शामिल होने के भी कयास लगाए जा रहे हैं.
तमिलनाडु के मंत्री को भी ईडी ने किया है गिरफ्तार
तमिलनाडु में बीजेपी का एआईएडीएमके के साथ गठबंधन है. सूबे में डीएमके और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है. हाल ही में तमिलनाडु सरकार के मंत्री सेंथिल बालाजी से जुड़े ठिकानों पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी ने छापेमारी की थी. ईडी ने कैश फॉर जॉब केस में लंबी पूछताछ के बाद सेंथिल बालाजी को गिरफ्तार कर लिया था. ईडी की इस कार्रवाई को भी विपक्षी दलों ने राजनीतिक दबाव में उठाया गया कदम बताया था.
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के ये नेता भी जांच के दायरे में
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कई नेता भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच का सामना कर रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड केस में ईडी की जांच चल रही है. पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके पुत्र कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम भी सीबीआई और ईडी की जांच के दायरे में हैं.
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दिल्ली शराब नीति से जुड़े मामले में सीबीआई पूछताछ कर चुकी है. शराब नीति से जुड़े मामले में मनीष सिसोदिया गिरफ्तार चल रहे हैं. सत्येंद्र जैन हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आए हैं. महाराष्ट्र की बात करें तो शिवसेना यूबीटी के संजय राउत को पात्रा चॉल घोटाले में ईडी ने गिरफ्तार किया था. संजय राउत जमानत पर बाहर हैं. वहीं, अनिल परब के खिलाफ भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस चल रहा है.
एनसीपी के अजित पवार के खिलाफ भी चल रही जांच
दूसरे राज्यों को लेकर बहस इसलिए भी छिड़ गई है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में बीजेपी के चुनाव अभियान का शंखनाद करते हुए भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की गारंटी दी थी. पीएम मोदी ने अनसीपी के घोटाले भी गिनाए थे. इसके चंद दिन बाद ही अजित पवार ने एनडीए में शामिल होकर मंत्री पद की शपथ ले ली. अजित पवार के साथ छगन भुजबल भी मंत्री बने हैं. अजित पवार महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक और सिंचाई घोटाले में आरोपी हैं. पीएम मोदी ने इन दोनों घोटालों का भी जिक्र किया था. छगन भुजबल और प्रफुल्ल पटेल के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की जांच चल रही है.
