छिंदवाड़ा
लोकसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी बीजेपी पूर्व सीएम कमलनाथ के वफादार साथियों को एक-एक कर तोड़ रही है। इससे कमलनाथ आहत हैं। वह अपने खास दोस्त दीपक सक्सेना को अचानक से दल बल के साथ मनाने पहुंचे थे। 20 मिनट तक बंद कमरे में बात हुई लेकिन कथित रूप से उनके दोस्त का दिल नहीं पिघला है। सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ यह कहकर निकल गए कि तुम पुत्रमोह में धृतराष्ट्र बन गए हो।
दीपक सक्सेना के बेटे बीजेपी में हो गए हैं शामिल
13 मार्च को, छिंदवाड़ा सीट से पूर्व विधायक सक्सेना और उनके बेटे अजय ने कांग्रेस छोड़ दी। अजय बीजेपी में शामिल हो गए लेकिन सीनियर सक्सेना अभी तक शामिल नहीं हुए हैं लेकिन अटकलें हैं कि वह जल्द ही उनके नक्शे कदम पर चल सकते हैं।
कमलनाथ को देखकर हैरान रह गए सक्सेना
कमलनाथ को अपने दरवाजे पर पाकर सक्सेना हैरान रह गए। कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि नाथ ने अपने लंबे समय के दोस्त से कुछ शब्द कहे। ‘क्या तुम अपने बेटे के प्यार के लिए धृतराष्ट्र बनोगे? या तुम वही सुदामा बने रहोगे जो तुम थे?’। बताया जा रहा है कि कमलनाथ ने ये सवाल अपने दोस्त दीपक सक्सेना से पूछा।
एक-एक कर छोड़ रहे साथ
चार दिन पहले, अमरवाड़ा (छिंदवाड़ा लोकसभा सीट का एक हिस्सा) से कांग्रेस विधायक कमलेश शाह जो कि नाथ के एक और विश्वासपात्र भी बीजेपी में शामिल हो गए। यह कांग्रेस के दिग्गज के लिए एक बड़ा झटका था, जो बीजेपी की ताकत के खिलाफ छिंदवाड़ा में अकेले लड़ रहे हैं।
छिंदवाड़ा मेयर भी शामिल
सोमवार को, छिंदवाड़ा नगर निगम के कांग्रेस महापौर विक्रम अहाके बीजेपी में शामिल हो गए। अहाके कमलनाथ के बेटे नकुल के बहुत करीबी माने जाते थे, जो वर्तमान में छिंदवाड़ा से सांसद हैं और इस बार कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।
हर दिन कमलनाथ को झटका
छिंदवाड़ा में कमलनाथ के खेमे में भगदड़ मची है। हर दिन पंचायत से लेकर नगर निगम तक के प्रतिनिधि बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। बीजेपी इस कवायद में लगी है कि कांग्रेस के आखिरी गढ़ को छिंदवाड़ा में ध्वस्त किया जा सके।
मैदान में कमलनाथ का पूरा परिवार
केवल कमलनाथ ही नहीं, उनका पूरा परिवार मैदान में है, जो मतदाताओं से भावनात्मक अपील कर रहा है। कमलनाथ की बहू, नकुल नाथ की पत्नी प्रिया नाथ ने मंगलवार को चौराई विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम उनके (कमलनाथ) लिए बहुत दुखी हैं। जिन्हें हम अपना मानते थे, जिन्हें हम परिवार की तरह प्यार करते थे और जिन्हें कमलनाथ ने आशीर्वाद दिया था, उन्होंने मुश्किल समय में हमें धोखा दिया है।’
मिशन छिंदवाड़ा में जुटी है बीजेपी
बीजेपी इस लोकसभा चुनाव में छिंदवाड़ा को कांग्रेस से छीनने के लिए दृढ़ है। उसकी रणनीति कमलनाथ के उस समर्थन को कमजोर करना है जो उन्होंने नौ बार जीती सीट पर बनाया है। यह सीट नागपुर में आरएसएस मुख्यालय से सिर्फ 110 किमी दूर है, फिर भी बीजेपी छिंदवाड़ा को केवल एक बार उपचुनाव में जीतने में कामयाब रही है। बीजेपी स्कोरशीट बदलना चाहती है।
पांच विधायकों के साथ पहुंचे थे कमलनाथ
दीपक सक्सेना के निवास पर कमलनाथ के साथ छिंदवाड़ा के पांच विधायक मौजूद थे, जिन्होंने पहले दीपक सक्सेना से चर्चा की। उसके बाद कमलनाथ दीपक से चर्चा करने पहुंचे। कमलनाथ ने बंद कमरे में उनसे चर्चा की। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो दीपक सक्सेना को उन्होंने नकुलनाथ के साथ प्रचार करने के लिए मनाया। हालांकि दीपक सक्सेना ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। ऐसा बताया जा रहा है।
