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Monday, May 4, 2026
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रेसलर्स ने किया खुलासा- आंदोलन में कांग्रेस का नहीं था कोई हाथ, बीजेपी लीडर ने ली थी परमिशन

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भारतीय कुश्ती संघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आंदोलन करने वाले पहलवानों में शामिल साक्षी मलिक और उनके पति सत्यव्रत कादियान ने एक वीडियो जारी की। इसके जरिए उन्होंने इस आंदोलन की पूरी सच्चाई सबसे सामने जाहिर की और हर पहलू के बारे में बताया।

सत्यव्रत कादियान ने कहा कि हम पर आरोप लगाए गया कि ये आंदोलन कांग्रेस पार्टी के नेता दीपेंद्र हुड्डा के कहने पर हमने किया था, लेकिन ये सच नहीं है। इस आंदोलन की शुरुआत जनवरी 2022 में जब हुई थी तब इसकी परमिशन बीजेपी लीडर बबीता फोगाट और तीर्थ राणा ने ली थी। इसके बाद उन्होंने इसके परमिशन की कॉपी भी अपने वीडियो में दिखाई।

सत्यव्रत ने कहा कि 28 मई को होने वाली महिला महापंचायत का फैसला खाप पंचायत ने लिया। हमें तो मालूम भी नहीं था कि नई संसद का उद्घाटन होने वाला है। हम हरिद्वार गए और हमने अपने मेडल अपने परिवार वालों और कोच को वापस किए।। वहां क्या हो रहा था हमें नहीं पता। हम आंदोलनकारी नहीं है, हमें अनुभव नहीं है। हमें समझ नहीं आ रहा था कि कौन हमारे साथ है कौन हमारे खिलाफ है।

सत्यव्रत ने कहा कि महिलाओं महिला पहलवानों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा था उसके खिलाफ सब आवाज उठाना चाह रहे थे, लेकिन हममे एकता की कमी थी। हमने पहले इसके खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश भी की थी, लेकिन बात रेसलिंग फेडरेशन के प्रेसिडेंट तक पहुंच जाती थी और उस खिलाड़ी के करियर का बर्बाद करने की कोशिश होती थी। हमने सबसे बार-बार कहा है कि हमारी लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं है। हमारी लड़ाई सिर्फ बृजभूषण सिंह से हैं क्योंकि अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने काफी गलत काम किए हैं।

साक्षी मलिक ने वीडियो में बताया कि हम पर सवाल उठाए जा रहे थे कि हम इतने समय तक चुप क्यों थे। उन्होंने कहा कि सबसे पहले पहलवानों में एकता की कमी थी और हम एक साथ हो ही नहीं पाए। इसके बाद इसका दूसरा कारण ये था कि माइनर लड़की जिसने 161 और फिर 164 के बयान दिए। उसके कई दिन बाद उसने अपने बयान बदले क्योंकि उसके परिवार को डराया और धमकाया गया। तो हम सिंगल-सिंगल आवाज कैसे उठा सकते थे। कुश्ती में आने वाले ज्यादातर खिलाड़ी गरीब परिवार से होते हैं और उनमें हिम्मत की कमी होती है। उनमें ताकत नहीं है कि वो इतनी बड़ी व्यवस्था और इतने पॉवरफुल आदमी के खिलाफ आवाज उठा सके। जब भारत के टॉप रेसलर्स ने उनके खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन उन्हें किन-किन हालातों से गुजरना पड़ा।

साक्षी मलिक और सत्यव्रत कादियान ने खाप पंचायतों से नाराजगी को अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि अगर खाप पंचायत को उनकी कोई बात बुरी लगी तो वह माफी मांगते हैं और अपील करते हैं कि अफवाह पर ध्यान न दें। वहीं साक्षी मलिक ने इस वीडियो में कहा कि हम चाहेंगे कि आगे भी मुश्किल समय में आप हमारा साथ दें।

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