9 C
London
Saturday, March 14, 2026
Homeहेल्थScience Behind A2 Ghee: देसी घी का भी अब 'A1' और 'A2' में...

Science Behind A2 Ghee: देसी घी का भी अब ‘A1’ और ‘A2’ में बंटवारा: क्या है सच कौन सा है ज्यादा फायदेमंद

Published on

Science Behind A2 Ghee: देसी घी, जो भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, उसका भी बंटवारा होगा, क्या आपने कभी सोचा था? वैसे तो इस बात पर चर्चा होती थी कि घी गाय के दूध का है या भैंस के दूध का, लेकिन अब घी की भी 2 कैटेगरी हैं जिसमें एक ज्यादा फायदेमंद और दूसरी कम, यह कैसे संभव है? दरअसल, देसी घी को A1 और A2 दो कैटेगरी में बांटा गया है. A1 वाला देसी घी कम फायदेमंद या कम प्रोटीन वाला होता है, वहीं A2 घी को ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. आइए जानते हैं इस पर विशेषज्ञों की राय.

भारत में बिकते हैं 2 तरह के घी: A1 vs A2

FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) ने भारतीय कंपनियों को दूध और सभी दूध उत्पादों को 2 लेबल के साथ बेचने की अनुमति दी है, जिसमें A1 और A2 शामिल हैं. इन दोनों के बीच के अंतर की बात करें तो बाजार में फिलहाल अंतर कीमत का है. जहां A1 घी ₹1000 प्रति किलोग्राम में उपलब्ध है, वहीं A2 देसी घी ₹3000 प्रति किलोग्राम में उपलब्ध है. यह कीमत का बड़ा अंतर ग्राहकों के मन में सवाल पैदा करता है.

क्या हैं मुख्य अंतर?

इन दोनों घी के बीच का अंतर गायों के दूध से जुड़ा है. A1 दूध विदेशी नस्ल की गायों से लिया जाता है, जबकि A2 दूध भारतीय गायों से प्राप्त होता है. A2 घी को बीटा कैसीन प्रोटीन का स्रोत माना जाता है, जो भारतीय गायों में अधिक होता है. A2 घी को अमीनो एसिड का स्रोत माना जाता है और इसे आसानी से पचने वाला घी कहा जाता है.

लेकिन, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाणीकरण अभी तक नहीं मिला है. ऐसे में इसे किस आधार पर ज्यादा फायदेमंद कहा जा सकता है?

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

इंडियन डेयरी एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएस सोढ़ी ने एक निजी एजेंसी को बताया है कि दोनों तरह के दूध में प्रोटीन फैटी एसिड से आता है. ऐसे में किसी एक को बेहतर कैसे माना जा सकता है? वह कहते हैं कि घी वसा (फैट) का एक स्रोत है जिसमें प्रोटीन भी पाया जाता है. लेकिन इस बात पर कोई शोध या अध्ययन नहीं हुआ है कि यह शरीर के लिए कितना फायदेमंद होगा.

वहीं, अन्य विशेषज्ञ डायटीशियन डॉ. विभूति रस्तोगी भी इसे कंपनियों की मार्केटिंग रणनीति बताती हैं और कहती हैं कि अभी तक कोई वैज्ञानिक आधार नहीं मिला है. इसे सामान्य घी से अधिक फायदेमंद मानना सही नहीं है. अगर दोनों तरह के घी कंपनी द्वारा मशीनों से निकाले जा रहे हैं, तो क्या मशीनें भी घी में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ा या घटा सकती हैं?

यह भी पढ़िए: भेल कर्मचारियों को वेतन के साथ मिलेगा पीपीपी बोनस

कंपनियां क्यों बताती हैं इसे फायदेमंद?

दरअसल, ऐसे घी की बिक्री के लिए कंपनियां यह बताती हैं कि A2 घी के लिए दूध देसी गायों से लिया जाता है और घी निकालने के लिए पारंपरिक बिलोना प्रक्रिया का भी उपयोग किया जाता है. इस पारंपरिक तरीके को अक्सर मशीनीकृत उत्पादन की तुलना में बेहतर माना जाता है, जिससे ग्राहक आकर्षित होते हैं. हालांकि, बिना वैज्ञानिक प्रमाण के, यह केवल एक दावा ही रह जाता है.

Latest articles

महिला समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार, सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि महिला शक्ति न केवल परिवार, बल्कि समाज...

बीएचईएल में गूंजा मजदूर-किसान एकता का नारा, नुक्कड़ नाटक से नए श्रम कानूनों का विरोध

भोपाल बीएचईएल  गेट क्रमांक 5 पर आज मजदूर-किसान एकता का नया जोश देखने को मिला।...

लाड़ली बहनों के खातों में पहुंचे 1836 करोड़, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी 122 करोड़ की सौगात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की सवा करोड़ लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात...

ईरान-इजराइल युद्ध की आंच: देशभर में एलपीजी के लिए हाहाकार, 2 हजार का सिलेंडर 4 हजार में

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग की चिंगारी अब भारत के आम जनजीवन...

More like this

भीषण सड़क हादसा बस की टक्कर से बाइक सवार दंपती की मौत

भोपाल बैरसिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार दंपती को...

अयोध्या नगर में एलएलबी की छात्रा ने फांसी लगाकर की खुदकुशी

भोपाल अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली कानून (एलएलबी) की एक छात्रा ने देर...

लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराने पर 6 निजी अस्पतालों को नोटिस — 31 मार्च के बाद संचालित पाए जाने पर होगी कार्रवाई

भोपाल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने लाइसेंस और पंजीयन का नवीनीकरण नहीं...