दिल्ली एलजी ने रिजेक्ट की सिंगापुर दौरे की फाइल, सीएम केजरीवाल बोले- वो जरूर जाएंगे

नई दिल्ली

मानव जीवन को संविधान की तीन सूचियों में वर्णित विषयों में विभाजित नहीं किया जा सकता… दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सिंगापुर दौरे की फाइल रिजेक्ट होने के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी है। आज ही दिल्ली के एलजी वीके सक्सेसा ने कई बातों को पॉइंट करते हुए फाइल वापस भेज दी थी। जिसके बाद सीएम केजरीवाल ने का है कि यह बड़े गर्व की बात है कि दिल्ली के शासन मॉडल खासकर शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली के क्षेत्र में किए गए कार्यों की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है और इसे मान्यता भी मिल रही है।

सीएम केजरीवाल सिंगापुर जाने पर अड़े
एलजी को लिखे अपने पत्र में केजरीवाल ने कहा कि वर्ल्ड सिटीज समिट सिर्फ मेयर का सम्मेलन नहीं है। यह महापौरों, शहर के नेताओं, ज्ञान विशेषज्ञों आदि का सम्मेलन है और सिंगापुर सरकार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को आमंत्रित करने के लिए चुना है। केजरीवाल ने कहा है कि सिंगापुर सरकार ने मुझे पूरी दुनिया के शहरी नेताओं के सामने दिल्ली मॉडल पेश करने के लिए आमंत्रित किया है। यह हर देशभक्त भारतीय के लिए बहुत गर्व की बात है। हम सभी को इसे मनाना चाहिए और इस यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए अपनी पूरी कोशिश करनी चाहिए।

ऐसा हुआ तो पीएम कैसे जाएंगे- केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर हमारे देश में प्रत्येक संवैधानिक प्राधिकरण का दौरा इस आधार पर तय किया जाता है कि उस प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में कौन से विषय आते हैं, तो यह एक अजीब स्थिति और एक व्यावहारिक गतिरोध पैदा करेगा। सीएम केजरीवाल ने आगे कहा कि अगर ऐसा ही रहा तो प्रधानमंत्री कहीं नहीं जा सकेंगे क्योंकि वो अपने अधिकांश दौरों पर उन विषयों पर भी चर्चा करते हैं जो राज्य सूची में आते हैं और उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं। तब कोई भी मुख्यमंत्री कभी भी कहीं भी यात्रा नहीं कर पाएगा।

दिल्ली एलजी ने रद्द की फाइल
इसके अलावा डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी सरकार पर हमला किया है। दिल्ली के सीएम केजरीवाल को इसमें शामिल होने के लिए न्योता मिला था, जिसके बाद सीएम ने न्योता के लिए हामी भरते हुए अपनी फाइल एलजी ऑफिस भेजी थी। यही नहीं आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने संसद की ऊपरी सदन के सामने भी ये मामला उठाया था। दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने ‘आठवें विश्व शहर शिखर सम्मेलन और डब्ल्यूसीएस मेयर्स फोरम’ में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री रविंद केजरीवाल की सिंगापुर की विदेश यात्रा के संबंध में प्रस्ताव वापस कर दिया है। इसके साथ ही एलजी ने उन्हें इस सम्मेलन में शामिल नहीं होने की सलाह दी है। उनकी ओर से कहा गया है कि पहली नजर में ये ऐसा लगता है जैसे ये महापौरों का सम्मेलन है। ये सम्मेलन मुख्यमंत्री की उपस्थिति के अनुरूप नहीं है।

एलजी ने कहा, ये आपके दायरे में नहीं
एलजी ने बताया कि मंच की प्रकृति और अन्य उपस्थित लोगों के प्रोफाइल का ध्यानपूर्वक अध्ययन करने के साथ-साथ सम्मेलन पर क्या विचार-विमर्श किया जा रहा है, इन सब बातों को देखा गया है। उन्होंने कहा है कि ये कार्यक्रम मेयरों के लिए हैं न की सीएम के स्तर का है। सूत्रों ने कहा कि एलजी ने इस तथ्य को रेखांकित किया है कि सम्मेलन के विषय से संबंधित मुद्दों पर जीएनसीटीडी का विशेष अधिकार नहीं है और इसलिए मुख्यमंत्री के लिए इसमें शामिल होना अनुचित होगा।

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