दिल्ली में नशे की सत्ता है… सुधांशु त्रिवेदी के हमले पर राघव चड्ढा बोले- क्या घोटाला हुआ, ये बताइए

नई दिल्ली

दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने केजरीवाल सरकार की आबकारी नीति 2021-22 में नियमों के कथित उल्लंघन और खामियों को लेकर इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश की है। इस फैसले के बाद एक बार फिर केंद्र और दिल्ली की सरकार आमने-सामने हैं। आम आदमी पार्टी और बीजेपी के नेता पूरे दिन एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे। वहीं इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान एक न्यूज चैनल पर बीजेपी प्रवक्ता सुंधाशु त्रिवेदी ने दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए ,वहीं AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत से बीजेपी बौखला गई है। पीएम मोदी के सपने में भी अरविंद केजरीवाल आने लगे हैं।

बीजेपी प्रवक्ता सुंधाशु त्रिवेदी ने कहा कि पहले सत्येंद्र जैन और पंजाब में सरकार आते ही इनके एक मंत्री का काम, फर्जी डिग्री में इनके विधायक पर आरोप लगे। 10 साल से कम समय में सत्ता का नशा नहीं नशे की सत्ता दिखाई पड़ रही है। शराब लॉबी पर इतनी मेहरबानी क्यों। शराब पीने की उम्र घटा दीजिए, पीने के घंटे बढ़ा दीजिए, ड्राई की संख्या घटा दीजिए। यह क्या दिखाता है। जो आरोप लगे उस पर इनको जवाब देना चाहिए और यह सावरकर पर जा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पहले भी कह चुके हैं कि इस सरकार की ओर से मनीष सिसोदिया को जेल में डालने की कोशिश की जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया में टेंडर निकाला गया लोगों ने अप्लाई किया। इसके लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट करना होता वो हुआ और जिसे नहीं मिला उसका डिपॉजिट वापस कर दिया गया तो इसमें घोटाला कहां हुआ।

वित्तीय वर्ष 2019-20 कमाई थी 4100 करोड़ की अगले साल नई आबकारी नीति लेकर आए तो 2020-21 5400 की आय हुई और 1300 करोड़ का फायदा नेताओं को फायदा नहीं सरकार का फायदा हुआ। कहां भ्रष्टाचार दिख रहा। सरकार का फायदा हुआ है पैसा नेताओं की जेब में नहीं गया है। इसके जवाब में सुधांशु त्रिवेदी एयरपोर्ट एरिया के एक दुकान का उदाहरण दिया और कहा कि यह कैसे हो गया कि जब मंजूरी नहीं थी तो लाइसेंस दे दिया गया और फिर रद्द कर दिया गया।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि आज सिंगापुर जाने को लेकर क्या कुछ नहीं कहा जा रहा और इनके नेता ने कोरोना के वक्त सिंगापुर वेरिएंट कह दिया। जबकि किसी देश का नाम नहीं ले सकते हैं। मेयर्स का प्रोग्राम है सीएम क्यों जाएं भला। सिंगापुर के लिए अचानक इतना प्यार क्यों उमड़ रहा।

About bheldn

Check Also

जिसने जुर्म किया है उसे ही जांच सौंप दी जाए तो… दिग्विजय सिंह ने NEET घोटाले में पीएम मोदी से कर दी बड़ी मांग

भोपाल नीट यूजी की परीक्षा के रिजल्ट को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय …