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विधवा ने दो बेटियों संग अपनाया इस्लाम, हिंदू संगठनों और रिश्तेदारों ने कहा खाली करो घर

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नागपुर

एक महीने पहले नागपुर की रहने वाली एक महिला और उसकी दो बेटियों ने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कुबूल कर लिया। यह बात उनके रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों से छिपी रही। नागपुर में बड़ी संख्या में जब सामुहिक धर्मपरिवर्तन का मामला खुला तो तीनों के भी इस्लाम अपनाने की बात खुली। अब महिला और उसकी बेटियों को कम्प्ती स्थित उनका घर खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है।

बीते दिनों कम्प्ती में धर्म का विवाद तब जोरों से उठा था, जब नुपुर शर्मा के समर्थन में एक सोशल मीडिया पर एक समुदाय को निशाना बनाने वाली आपत्तिजनक पोस्ट सामने आई थी। इलाके में सांप्रदायिक तनाव हो गया था। इसके कुछ हफ्तों बाद फिर धर्म का मुद्दा तेज हो चला है। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को तनाव में डाल दिया है।

पति की अचानक मौत के बाद हिला परिवार
कम्प्ती के सूत्रों ने कहा कि महिला के पति को लकवा का दौरा पड़ा था और आखिरकार कुछ साल पहले उनका निधन हो गया। पति की मौत के बाद आर्थिक रूप से कमजोर परिवार बुरी तरह प्रभावित हुआ। कॉलेज में पढ़ने वाली अपनी बेटियों के साथ, महिला को गुजारा करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था।

मुस्लिम युवक ने की मदद
परिवार अपने घर के सामने एक युवा मुस्लिम दुकान के मालिक की मदद पर निर्भर होने लगा, जिसे महिला अपना बेटा कहने लगी। युवक ने परिवार को अपनी दुकान के परिसर में शरण दी है, जब तक उनका कहीं और रहने का इंतजाम नहीं हो जाता है।

मुस्लिम युवक को मानती हैं बेटा
जब महिला और उसकी बेटियों ने इस्लाम अपनाने का फैसला किया, तो हंगामा शुरू हो गया। परिवार के धर्म परिवर्तन के लिए युवक को पूरी तरह से दोषी ठहराया गया था। युवक ने कहा, ‘हमारे बीच एक परिवार जैसा बंधन है जिसका इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। जब तक किसी का इस्लाम के प्रति गहरा लगाव और आकर्षण नहीं है, तब तक धर्म इस तरह के धर्मांतरण को स्वीकार नहीं करता है।’युवक ने पिछले साल दिसंबर में अपने समुदाय में शादी की थी। उसने कहा, ‘मैं महिला के साथ मां-बेटे का रिश्ता साझा करता हूं और उसकी बेटियों को अपनी बहनें मानता हूं। मैंने केवल परिवार को खाली नैतिक समर्थन दिया है।’

युवक बोला- क्यों बना रहे दबाव?
दुकान के मालिक ने कहा कि विधवा के रिश्तेदार चाहते थे कि वह अपना घर खाली कर दे, और घर में आने वाले हर रिश्तेदार उसके ऊपर हिंदू धर्म में लौटने का दबाव बनाने लगे। युवक ने बताया, ‘कुछ वयस्क नागरिकों ने अपने संवैधानिक अधिकार के रूप में धर्म को चुना है। कोई उन्हें कुछ और चुनने के लिए क्यों कह रहे है?’

बड़ी संख्या में धर्म परिवर्तन का आरोप
इस बीच, कट्टरपंथी दक्षिणपंथी हिंदू कार्यकर्ताओं ने कहा कि कम्प्ती में धर्मांतरण बड़े पैमाने पर हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकर्षित करते हुए एक कार्यकर्ता ने कहा, ‘हमें कुछ युवाओं को अपने मूल समुदाय से जुड़े रहने और धर्म परिवर्तन नहीं करने के लिए राजी करना पड़ा।’ओल्ड कम्प्ती पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक राहुल सायर ने कहा कि पुलिस उन लोगों के नाम और विवरण मांग रही है जिन्होंने धर्म परिवर्तन किया है या जो लोग धर्म परिवर्तन के लिए उकसा रहे हैं। हालांकि अभी तक उकसाने वालों के नाम सामने नहीं आए हैं।

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