21.4 C
London
Monday, June 15, 2026
Homeराजनीतिराज्यसभा के नए सांसदों के लिए आयोजित किया था ट्रेनिंग सेशन, 60...

राज्यसभा के नए सांसदों के लिए आयोजित किया था ट्रेनिंग सेशन, 60 में से सिर्फ 1 सांसद ने ही पूरा किया प्रशिक्षण

Published on

नयी दिल्ली

राज्यसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहली बार निर्वाचित करीब 60 में सिर्फ 20 सदस्यों ने ही हिस्सा लिया। राज्यसभा सचिवालय की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ सांसदों की तरफ से नए सांसदों को संसदीय कार्यवाही, नियमों और कानूनों के साथ ही संसदीय तौर तरीकों के बारे में बताया जाता है। सूत्रों ने बताया कि 30 और 31 जुलाई को हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 30 नवनिर्वाचित सांसदों में सिर्फ तीन ने ही इसमें हिस्सा लिया। तृणमूल कांग्रेस का एक ही नवनिर्वाचित सांसद है और उसने भी इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया।

बीजेपी के सिर्फ तीन सांसद ही पहुंचे
आम आदमी पार्टी के सात में सिर्फ दो ही सांसद पहुंचे जबकि जनता दल यूनाईटेड के दो सदस्यों ने इसमें शिरकत की। वाम दलों के पांच सांसदों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। प्रख्यात धाविका और राज्यसभा के लिए मनोनीत की गई पी टी ऊषा एकमात्र सांसद थीं जिन्होंने दो दिन बैठकों में हिस्सा लिया और सभी सत्रों के दौरान वह उपस्थित रहीं। प्रत्येक सत्र करीब 45 मिनट का था। विपक्ष के एक नेता ने कहा, ‘यह शर्मनाक है कि नवनिर्वाचित सांसदों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने की औपचारिकता को पूरा नहीं किया। खासकर, भाजपा के सदस्यों ने, जिसके 30 सांसदों में केवल तीन ही पहुंचे।’

विधेयकों के बारे में बताया नेताओं ने
सूत्रों ने बताया कि भाजपा ने राज्यसभा सचिवालय से आग्रह किया था कि वह इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को 23 और 24 जुलाई को आयोजित कर लें क्योंकि उसके सांसदों को 30 और 31 जुलाई को पहले से ही निर्धारित एक कार्यक्रम में शामिल होना है। हालांकि बात नहीं बन सकी क्योंकि राज्यसभा सचिवालय ने मुख्य वक्ताओं को समय दे दिया था। मुख्य वक्ताओं में भाजपा के वरिष्ठ नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी और भूपेंद्र यादव शामिल थे। उन्होंने विधेयकों के बारे में अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया।

टीएमसी सांसद ने उठाए जनहित के मुद्दे
तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओब्रायन ने जन हित के मुद्दे उठाने के बारे में नवनिर्वाचित सांसदों को बताया वहीं कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी ने संसदीय विशेषाधिकारों के बारे में अपनी राय रखी। कांग्रेस के ही जयराम रमेश ने भारतीय लोकतंत्र में राज्यसभा की भूमिका और उसके योगदान पर जानकारी साझा की। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की वंदना चव्हाण ने विभिन्न संसदीय समितियों के बारे में अपने विचार व्यक्त किए।

राज्यसभा सभापति का हुआ भाषण
राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने शनिवार को नवनिर्वाचित और मनोनीत सदस्यों को सदन में बेहतर प्रदर्शन करने, सुधार करने और समाज में बदलाव लाने का सुझाव दिया था। उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सदस्यों से सदन में नियमित रूप से उपस्थित रहने का भी सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था, ‘गरिमा, अनुशासन, समर्पण, प्रतिबद्धता से ही आप बेहतर बन सकेंगे।’

Latest articles

एनटीपीसी के नए सीएमडी चयन की प्रक्रिया तेज, 18 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शॉर्टलिस्ट

नई दिल्ली/भोपाल। देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक और सरकारी स्वामित्व वाली महारत्न कंपनी...

भारत-स्लोवाकिया के बीच कई अहम समझौते, पीएम मोदी बोले- टेक्नोलॉजी हमारे संबंधों का आधार

ब्रातिस्लावा। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके स्लोवाकियाई समकक्ष रॉबर्ट फिचो के बीच...

मप्र में बनेगा साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- डेटा सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती

भोपाल। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों और डेटा सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने...

मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज, भोपाल समेत 30 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले मौसम ने पूरी तरह करवट...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...