मुझे बोलने दें सर, इतने दिनों से जमा है… अधीर भी गंभीर, आज संसद में धुल गए सारे गिले-शिकवे

नई दिल्ली

लोकसभा में अभी तक आक्रामक तेवरों में नजर आने वाले कांग्रेस दल के नेता अधीर रंजन चौधरी भी अलग अंदाज में नजर आए। कुछ दिन पहले राष्ट्रपत्नी बयान के बाद सत्तारूढ़ पक्ष के निशाने पर आए चौधरी ने आज लोकसभा अध्यक्ष से पर्याप्त मौके की मांग की। गौरतलब है कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे और शोर-गुल के कारण पिछले दो सप्ताह तक कार्यवाही काफी प्रभावित रही। आज लोकसभा में कांग्रेस के चार सांसदों के निलंबन की कार्यवाही वापस लेने के बाद महंगाई पर चर्चा शुरू हुई। गत मंगलवार को कांग्रेस के चार सदस्यों-मणिकम टैगोर, टी एन प्रतापन, जोतिमणि और राम्या हरिदास को आसन ने पूरे सत्र के लिए निलंबित करने का फैसला किया था।

अधीर रंजन बोले, इतनों दिनों से जमा हुआ है.. बोलने दीजिए
अधीर रंजन ने लोकसभा में कहा, ‘हम सबको आम लोगों के नुमांइदें होने के कारण इस सदन में चर्चा करने का मौका मिलता है। हम गांव, कस्बे, शहरों से चुनकर यहां आते हैं तो सिर्फ इसलिए कि आम लोगों की बात रख सकें और सरकार का ध्यान उस ओर दिलाया जा सके। यही हमारा फर्ज बनता है। आपने सत्र के पहले दिन सर्वदलीय बैठक बुलाई थी और उसमें बताया था कि सदन की उत्पादकता कम हुई है।’ इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जब उन्हें अपने विषय पर बोलने को कहा तो अधीर रंजन ने बिरला से उन्हें थोड़ा और बोलने देने की गुजारिश की। उन्होंने कहा, -आज बोलने दीजिए सर, इतनों दिन से जमा हुआ है। पीएम मोदी अपने मन की बात कर सकते हैं, तो मैं क्यों नहीं कर सकता हूं।
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लोकसभा अध्यक्ष की नसीहत-तख्तियां न लहराएं
इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों को सदन में तख्तियां नहीं लहराने की नसीहत दी। लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों का निलंबन वापस लिए जाने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन की सहमति से वह यह व्यवस्था दे रहे हैं कि अब कोई भी सदस्य आसन के निकट और आसन के सामने तख्तियां लेकर नहीं आएगा। इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विपक्ष को यह भरोसा दिलाना चाहिए कि उसके सदस्य सदन में तख्तियां लेकर नहीं आएंगे और आसन के सामने तख्तियां नहीं लहराएंगे। ओम बिरला ने कहा कि पिछले दिनों सदन में हुई घटनाओं ने हम सबको आहत किया है। मुझे भी आहत किया है और देश की जनता को भी पीड़ा पहुंची है।

कांग्रेस के सदस्यों का निलंबन वापस, लोकसभा में हंगामा खत्म
लोकसभा में शोर-शराबे के बाद सोमवार दोपहर दो बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तो नजारा बिल्कुल बदला हुआ था। न विपक्षी दलों की तरफ से कोई तख्तियां थीं, न ही शोर-शराबा। सभी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को ध्यान से सुन रहे थे। अभी तक लगातार सांसदों को शोर-शराबा न करने की हिदायत देने वाले बिरला भी संसद की परंपराओं की याद दिला रहे थे। दरअसल संसद में कामकाज सामान्य रूप से चलने की उम्मीद अब जग गई है। लोकसभा से निलंबित कांग्रेस के चारों सांसदों का निलंबन वापस ले लिया गया है। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सदन का कार्यवाही चलाने को लेकर सहमति बन गई।

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