12.4 C
London
Friday, February 27, 2026
Homeराज्यउद्धव के हाथ से सत्ता गई, अब गठबंधन पर संकट? कांग्रेस बोली-हमें...

उद्धव के हाथ से सत्ता गई, अब गठबंधन पर संकट? कांग्रेस बोली-हमें नुकसान

Published on

मुंबई

एकनाथ शिंदे की बगावत के चलते महाराष्ट्र की सत्ता से बेदखल होने वाले उद्धव ठाकरे अब महा विकास अघाड़ी में भी कमजोर पड़ते दिख रहे हैं। कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा का कहना है कि महाराष्ट्र में भाजपा को किनारे लगाने के लिए गठबंधन किया गया था, लेकिन इससे कांग्रेस को कोई फायदा नहीं हु्आ। उनका यह बयान शिवसेना के लिए एक संकेत माना जा रहा है। इसके जरिए कांग्रेस ने साफ किया है कि गठबंधन से उसे कोई फायदा नहीं हुआ है और चुनावी स्थिति के मामले में वह कमजोर ही हुई है। उन्होंने यह भी कहा है कि कांग्रेस में बहुत से लोग शिवसेना को एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर नहीं देखते हैं।

मिलिंद देवड़ा ने यह भी कहा कि गुजरात में भी कांग्रेस की राह बहुत ज्यादा आसान नहीं है और उसे जीत हासिल करने के लिए एकजुट होना होगा। इकनॉमिक टाइम्स से बातचीत में देवड़ा ने कहा कि शिवसेना के मुकाबले हमारी विचारधारा में बड़ा अंतर है और इसीलिए एक वर्ग उसे विश्वसनीय पार्टनर के तौर पर नहीं देखता है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से बाहर रखने के साझा उद्देश्य के तहत गठबंधन हुआ था। मैं और मेरे जैसे बहुत से लोग यह मानते हैं कि कांग्रेस से गठजोड़ का हमें बहुत ज्यादा फायदा नहीं मिला है। इसका सबसे ज्यादा फायदा शिवसेना को ही मिला है।

उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस अपना बेस बढ़ाने में नाकाम रही है तो वहीं शिवसेना लगातार कांग्रेस के कोर वोटर्स तक पहुंच बनाती रही है। उसने गठबंधन को एक सेतु के तौर पर इस्तेमाल किया और वोटरों को लुभाया है। यह गठबंधन धर्म के खिलाफ है और हमें बहुत से पार्टी नेताओं से शिकायत भी मिली है। मिलिंद देवड़ा के बयान से साफ है कि महा विकास अघाड़ी में सब कुछ ठीक नहीं है। खासतौर पर यह उद्धव ठाकरे के लिए बड़ी चुनौती है, जो एकनाथ शिंदे की बगावत झेल रहे हैं। इसके अलावा पार्टी में दावेदारी को लेकर भी संकट की स्थिति है। एकनाथ शिंदे गुट का कहना है कि वही असली शिवसेना हैं। ऐसे दौर में गठबंधन में भी असहमति का माहौल बनना उनके लिए चिंता की बात है।

Latest articles

दिल्ली शराब घोटाला केस: कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को किया बरी

Arvind Kejriwal और Manish Sisodia को दिल्ली शराब नीति से जुड़े मामले में बड़ी...

नियुक्ति की मांग को लेकर भोपाल की सड़कों पर उतरे वर्ग-2 के चयनित शिक्षक

भोपाल मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती वर्ग-2 के चयनित अभ्यर्थियों के सब्र का बांध अब टूट...

प्रदेश में जल्द शुरू होगी सीएम केयर योजना गंभीर बीमारियों का राज्य में ही होगा इलाज

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर तीखी चर्चा...

नई परिवहन नीति के विरोध में निजी बस ऑपरेटरों का हल्ला बोल 2 मार्च से बेमियादी हड़ताल का ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश की नई परिवहन नीति के विरोध में निजी बस संचालकों ने आंदोलन...

More like this

गोविंदपुरा को विकास की नई सौगात: राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया 5.65 करोड़ के सड़क कार्यों का भूमिपूजन

भोपाल राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में...

विश्वास का प्रतीक होती हैं सहकारिता संस्थाएं: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि...