16.4 C
London
Tuesday, May 5, 2026
Homeराजनीतिआना-जाना आसान लेकिन कांग्रेस में टिके रहना मुश्किल... अधीर रंजन का आजाद...

आना-जाना आसान लेकिन कांग्रेस में टिके रहना मुश्किल… अधीर रंजन का आजाद पर तंज

Published on

नई दिल्‍ली

रामलीला मैदान से कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी पार्टी छोड़कर जाने वालों पर खूब बरसे। कांग्रेस की ‘महंगाई पर हल्‍ला बोल’ रैली में चौधरी ने गुलाम नबी आजाद का नाम तो नहीं लिया मगर उनपर वार खूब किए। चौधरी ने कहा कि ‘कांग्रेस पार्टी में आना आसान है, कांग्रेस पार्टी से जाना आसान है लेकिन कांग्रेस पार्टी में टिके रहना सबसे कठिन है।’ लोकसभा में पार्टी के नेता ने राहुल गांधी की मौजूदगी में कहा, ‘आज जो सिपाही आए हैं, वे पद के लालच में रैली में नहीं आए हैं।’ चौधरी ने कहा, ‘जिंदगी में कितने दोस्‍त आए और कितने बिखर गए, कोई दो रोज के लिए, किसी ने दो कदम चलते ही हाथ जोड़ लिए… पर जिंदगी का दूसरा नाम है दरिया… वो तो बस बहता रहेगा चाहे रास्‍ते पर फूल गिरें या पत्‍थर…। कांग्रेस एक दरिया है।’ आजाद ने कुछ दिन पहले पार्टी नेतृत्‍व से नाराजगी जाहिर करते हुए कांग्रेस छोड़ दी थी। वह आज जम्‍मू में अपना राजनीतिक मंच लॉन्‍च करने वाले हैं।

उधर, जम्‍मू में कांग्रेस पर पलटवार करते हुए गुलाम नबी आजाद ने भी कसर बाकी नहीं रखी। आजाद ने कहा कि मेरे अलग पार्टी बनाने से कांग्रेस बौखला गई है। उन्‍होंने कहा कि ‘मेरे खिलाफ अफवाह फैलाई जा रही है, कांग्रेस अब ट्विटर तक सिमट गई है।’

दिल्ली में महंगाई को लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। रैली से पहले, छत्तीसगढ़ CM भूपेश बघेल ने कहा कि ‘राहुल जी के नेतृ्त्व में महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ जो हल्ला बोल का आयोजन हुआ है, देशभर से लोग आए हैं। देश में महंगाई और बेरोजगारी से लोग त्रस्त हैं। मुझे लगता है कि भारत सरकार इसे संज्ञान में लेगी और लोगों को महंगाई से राहत देगी।’

Latest articles

मप्र के कई जिलों में बारिश, डिंडौरी में ओले गिरे-टीन शेड उड़े, 39 जिलों में अलर्ट

भोपाल। मप्र में मंगलवार सुबह से धार, बड़वानी, झाबुआ सहित कई जिलों में बारिश...

चीन के हुनान में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 21 की मौत, 61 लोग घायल

बीजिंग। मध्य चीन के हुनान प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक खबर सामने...

बंगाल में नई सरकार का शपथग्रहण 9 मई को, सीएम चेहरे पर सस्पेंस बरकरार!

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के...

भारतीय राजनीति के कई पुराने किले ढहे, बंगाल में दीदी तो तमिलनाडु में स्टालिन हारे, शुभेंदु और विजय का चला जादू

नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजे लगभग साफ...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...