11.1 C
London
Monday, May 18, 2026
Homeराज्यगजब! इस जुनून को सलाम, बुजुर्ग ने पहाड़ काट मंदिर तक बना...

गजब! इस जुनून को सलाम, बुजुर्ग ने पहाड़ काट मंदिर तक बना दीं 800 सीढ़ियां

Published on

जहानाबाद

बिहार की धरती जुनूनी लोगों से उर्वर रही है। इस कड़ी में गया के दशरथ मांझी के बाद एक और नाम जुड़ गया है। गनौरी पासवान का। जिन्होंने पहाड़ का सीना चीरकर सीढ़ियों की कतार लगा दी है। उन्होंने बाबा योगेश्वर के श्रद्धालुओं के लिए राह आसान कर दी है। जहानाबाद जिले के वनवरिया गांव के गनौरी पासवान का नाम इन दिनों खूब चर्चा में है। जहानाबाद के वनवरिया टोला के बैजू बिगहा निवासी 68 वर्षीय दिव्यांग गनौरी की मेहनत और हौसले ने सैकड़ों श्रद्धालुओं को योगेश्वर नाथ के मंदिर तक जाने का रास्ता मुहैया करा दिया है।

800 सीढ़ी का निर्माण
दरअसल, जहानाबाद जिले के वनवरिया पहाड़ी की ऊंची चोटी पर योगेश्वर नाथ का मंदिर है, मगर सीढ़ी नहीं होने से अधिकांश श्रद्धालु वहां चाह कर भी नहीं पहुंच पाते थे। वृद्ध और महिलाओं को ज्यादा परेशानी होती थी। बस इसी बात से परेशान गनौरी ने तकरीबन 800 फीट ऊंची पहाड़ी पर सपाट और सुगम रास्ता बनाने का प्रण ले लिया और फिर चापाकल मिस्त्री का काम छोड़कर पहाड़ी को सपाट बनाने में जुट गए।

वर्षों की मेहनत
गनौरी की वर्षों की मेहनत और हाल में 4 साल के अथक प्रयास से 2018 के अंत तक मंदिर तक 6 फीट चौड़ा रास्ता बना दिया गया। लेकिन, उस रास्ते पर भी आवागमन सुरक्षित नहीं था। तभी, उन्होंने रास्ते पर सीढ़ी बनाने की ठान ली और उनके मेहनत के बदौलत बगैर किसी सरकारी मदद के बगैर आज लगभग 800 फीट तक सीढ़ी भी बनकर तैयार है।

पत्नी तेतरी देवी का मिला साथ
लॉकडाउन से पहले श्रद्धालु महादेव के दर्शन के लिए कतार लगाए रहते थे। अब वृद्ध और दिव्यांग जन भी बड़े आराम से पहाड़ी की चोटी पर पहुंच कर योगेश्वर नाथ का दर्शन कर पाते हैं। गनौरी शुरुआती दिनों को याद करके बताते हैं कि कई बार तो लगता था कि नहीं हो पाएगा। लेकिन, उनकी पत्नी तेतरी देवी उन्हें हताश नहीं होने दिया और फिर बच्चों का साथ भी उन्हें मिलने लगा था। गनौरी कहते हैं, सीढ़ी निर्माण को लेकर पत्नी ने अपने जेवर तक गिरवी रख दिया।

बगैर सरकारी सहायता के बनाई सीढ़ी
गनौरी को इस साहसिक काम के लिए सरकार से कोई मदद मिली या नहीं यह सवाल सुनकर वो बड़ा उदास हो जाते हैं। स्थानीय निवासी कौशलेन्द्र शर्मा कहते हैं कि गनौरी के कुछ परिचित और मंदिर में आने वाले श्रद्धालु कभी कभार थोड़ा-बहुत सहयोग किया कर देते हैं। लेकिन, वो सहयोग नाम मात्र ही होता है। योगेश्वर नाथ के मंदिर तक सीढ़ी के निर्माण का पूरा श्रेय गनौरी पासवान की मेहनत और उसके लगन को जाता है। गनौरी और उनकी पत्नी तेतरी देवी का अरमान है कि बाबा योगेश्वर नाथ का मंदिर पर्यटन स्थल के रूप विकसित हो।

Latest articles

महंगाई का झटका: भोपाल समेत मप्र में CNG ₹3 महंगी, दो महीने में ₹5 तक बढ़े दाम

​शनिवार रात से लागू हुईं नई दरें, भोपाल में अब ₹93.75 प्रति किलो पहुंचे...

​भोपाल में दर्दनाक हादसा: तीसरी मंजिल से गिरकर पशु चिकित्सक की पत्नी की मौत

​निशातपुरा के संजीव नगर कॉलोनी की घटना, फोन पर बात करने के दौरान बिगड़ा...

भोपाल में सनसनीखेज वारदात: लिव-इन पार्टनर पर हथौड़े से हमला कर खुदकुशी की कोशिश

​पिपलानी थाना क्षेत्र के सोनागिरि की घटना ​भोपाल। पिपलानी थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक...

पर्यटन यात्रा और होटल प्रबंधन सहित सभी पारंपरिक विषयों में सहशिक्षा अध्ययन सुविधा

वाणिज्य और राजनीतिविज्ञान में पीएच डी हेतु शोध केन्द्र भोपाल। बाबूलाल लाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर...

More like this

लखपति दीदी मंजू की संघर्षगाथा बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल, सीएम साय ने लेमरू में चखा गुपचुप

रायपुर। राज्य सरकार के 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कोरबा...

सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज उन्नति’ की 5वीं उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अभिनव पहल ‘राजस्थान यूनिफाइड नेटवर्क फॉर न्यू एक्शन’ (राज...

पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरोंसिंह शेखावत को मुख्यमंत्री भजनलाल ने अर्पित की श्रद्धांजलि

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देश के पूर्व उपराष्ट्रपति और प्रदेश के...