8.9 C
London
Saturday, May 9, 2026
Homeराज्यछत्तीसगढ़ में अब 76 फीसदी आरक्षण, विधानसभा में सर्वसम्मति से बिल पास

छत्तीसगढ़ में अब 76 फीसदी आरक्षण, विधानसभा में सर्वसम्मति से बिल पास

Published on

रायपुर

छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को आरक्षण बिल सर्वसम्मति से पास हो गया। इसके तहत छत्तीसगढ़ में अब अनुसूचित जनजाति को 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत और EWS को 4 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। जिसके बाद अब राज्य में कुल 76 फीसदी आरक्षण मिलेगा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सर्वसम्मति से राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जाति (SC) समुदायों के लिए उनकी आबादी के अनुपात के अनुसार प्रवेश और सरकारी नौकरियों में आरक्षण बढ़ाने वाले दो संशोधन विधेयक पारित किए। दोनों विधेयक- छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण) संशोधन अधिनियम और शिक्षण संस्थानों में प्रवेश से संबंधित एक संशोधन विधेयक शुक्रवार को विशेष सत्र के दौरान विधानसभा में पेश किए गए। मुख्यमंत्री ने सभी दलों से छत्तीसगढ़ में आरक्षण के नए प्रावधानों को नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया।

सीएम भूपेश बघेल ने कहा उत्सव मनाएं: विधेयक पारित होने के बाद सिलसिलेवार ट्वीट में सीएम भूपेश बघेल ने कहा, “छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण के लिए सर्वसम्मति से पारित विधेयक को केंद्र सरकार के पास भेजने का संकल्प भी विधानसभा में पारित हो गया है।”

अपने दूसरे ट्वीट में मुख्यमंत्री ने कहा, “इस‌ संकल्प में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि वह इस आरक्षण प्रावधान को नौंवी अनुसूची में शामिल करे। मुख्य विपक्षी दल भाजपा भी इस‌ संकल्प में साथ देती तो राज्य की जनता को और अच्छा लगता।” उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘बधाई! मनाइए उत्सव। अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 32%, अनुसूचित जाति के लिए 13%, पिछड़ा वर्ग के लिए 27% और ग़रीबों के लिए 4% आरक्षण विधेयक को विधानसभा ने सर्वसम्मति से पारित किया है।”

छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था संशोधन विधेयक सर्वसम्मति से पारित: सीएम बघेल ने कहा, “मैंने सभी दलों के नेताओं से अनुरोध किया है कि वे विधानसभा अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जी के पास चलें और आरक्षण प्रावधानों को नौवीं अनुसूची में शामिल करने का अनुरोध करें। हमें राज्य की जनता के हितों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देखने की ज़रूरत है।” उन्होंने बताया, “छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) संशोधन विधेयक, 2022 को भी विधानसभा ने सर्वसम्मति से पारित किया है। इस विधेयक को भी आज रात वरिष्ठ मंत्रिगण महामहिम राज्यपाल के पास हस्ताक्षर के लिए लेकर जाएंगे‌।”

एक और ट्वीट में मुख्यमंत्री ने लिखा, “अब आरक्षण छत्तीसगढ़ में बाक़ायदा एक क़ानून बन जाएगा। इस विधेयक पर तत्काल हस्ताक्षर करने का अनुरोध लेकर वरिष्ठ मंत्रिगण सदन की बैठक ख़त्म होते ही महामहिम राज्यपाल के पास जाएंगे। उम्मीद है कि यह औपचारिकता भी आज रात तक पूरी हो जाएगी।”

Latest articles

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने की विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा

भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर सीहोर स्थित कलेक्ट्रेट...

बीएचईएल में पांच दिवसीय पूर्ण अनुवाद प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

भोपाल। महाप्रबंधक (मानव संसाधन) टी. यू. सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को संपन्न हुआ।...

बीएचईएल में 4 वर्ष बाद होने वाले संयुक्त समिति चुनाव को लेकर एआईबीईयू ने कॉर्पोरेट प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

भोपाल। बीएचईएल भोपाल में 4 वर्ष बाद होने वाले संयुक्त समिति (जॉइंट कमेटी), प्लांट...

बीएचईएल में AGM से GM पदोन्नति हेतु इंटरव्यू

भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) में वर्ष 2026 की पदोन्नति प्रक्रिया के अंतर्गत...

More like this

CM भगवंत मान ने जालंधर-अमृतसर धमाकों को साज़िश बताया, BJP पर आरोप लगाया

नई दिल्ली। पंजाब के कई इलाकों में जालंधर और अमृतसर में सीमा सुरक्षा बल...

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...