राजनीति की पिच पर शानदार बल्लेबाजी के बाद क्या गौतम गंभीर को BJP देगी रिटर्न गिफ्ट ?

नई दिल्ली

दिल्ली एमसीडी चुनाव में बीजेपी की हार के बावजूद एक ऐसे खिलाड़ी की चर्चा हो रही है जिसने क्रिकेट के मैदान के बाहर सियासत की पिच पर भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की है। जी हां बात हो रही है गौतम गंभीर की। जब तक गौतम गंभीर क्रिकेट के मैदान पर रहे वहां चर्चा हुई अब दिल्ली के सियासत में उनके बेहतर प्रदर्शन की चर्चा हो रही है। एमसीडी के चुनाव में बीजेपी भले ही हार गई लेकिन गौतम गंभीर के घरेलू मैदान पूर्वी दिल्ली में बीजेपी ने AAP को करारी मात दी है। दिल्ली के सभी बीजेपी सांसदों के बीच उनका प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है। एक ओर गौतम गंभीर की चर्चा है तो दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि दिल्ली में पार्टी का कोई लोकप्रिय चेहरा केजरीवाल के सामने नहीं था इस वजह से उसका पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। इन दोनों बातों का भी आपस में कनेक्शन हो सकता है। देखने वाली बात है कि सियासत की पिच पर शानदार बल्लेबाजी के बाद क्या गौतम गंभीर को 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी शीर्ष नेतृत्व उन्हें रिटर्न गिफ्ट देगी।

गौतम गंभीर दिल्ली में रहें या बाहर वह अपने इलाके की जनता का पूरा ख्याल रखते हैं। उनकी ओर से चलाई जा रही 1 रुपये की थाली की चर्चा दिल्ली के बाहर भी होती है। वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधने का कोई मौका नहीं चूकते। किसी मुद्दे पर घेरने की बात हो तो वह आगे नजर आते हैं। आज भी पूर्वी दिल्ली में बीजेपी की जीत के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी पर अपने ही अंदाज में तंज कसा। एमसीडी चुनाव में इस बार दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP के बड़े नेताओं ने कूड़े के पहाड़ का मुद्दा काफी उठाया था। एमसीडी चुनाव में पूर्वी दिल्ली के इलाके में जिस प्रकार पार्टी का प्रदर्शन रहा है उससे गौतम गंभीर का आत्मविश्वास जरूर बढ़ेगा।

पूर्वी दिल्ली से बीजेपी के सांसद और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर पार्टी के भीतर एक मात्र ऐसे सांसद हैं जिनके क्षेत्र में बीजेपी ने आप के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। गौतम गंभीर के इलाके पूर्वी दिल्ली में कुल 36 वार्ड हैं और अधिकांश सीटों पर बीजेपी और AAP के बीच सीधा मुकाबला था। आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेता इस इलाके से आते हैं और उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी का प्रदर्शन बेहतर होगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इसके पीछे एक बड़ी वजह गौतम गंभीर को भी माना जा रहा है। गंभीर के संसदीय क्षेत्र में 36 में 22 सीटें जीतने में बीजेपी कामयाब हुई। वहीं आम आदमी पार्टी को केवल 11 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। AAP के मुकाबले बीजेपी के खाते में दोगुनी सीट गई।

एमसीडी चुनाव में बीजेपी की हार के बाद एक बात यह कही जा रही है कि यदि दिल्ली में ब्रांड केजरीवाल के सामने कोई लोकप्रिय चेहरा होता तो नतीजे बेहतर होते। मोदी की लोकप्रियता दिल्ली में बरकरार है लेकिन इसके साथ ही राज्य स्तर पर एक मजबूत और लोकप्रिय चेहरे की जरूरत है। बीजेपी की तलाश गौतम गंभीर के नाम के साथ पूरी हो सकती है हालांकि यह फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को करना है। गौतम गंभीर के साथ एक और खास बात है कि उन पर किसी खास किस्म का कोई टैग नहीं है और वह सभी वर्गों के बीच लोकप्रिय हैं। ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि क्या इस शानदार प्रदर्शन के बाद पार्टी की ओर से क्या उन्हें कोई रिटर्न गिफ्ट मिलेगा।

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