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क्या सच में गुजरात में नकली शराब से होती है ज्यादा मौतें? तेजस्वी के दावे का सच

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नई दिल्ली

बिहार के छपरा में जहरीली शराब से 40 मौतों के बाद राज्य में सियासी पारा चरम पर है। पक्ष-विपक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। इस बीच, राज्य के डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि गुजरात में जहरीली शराब से ज्यादा मौतें होती हैं। तेजस्वी ने दावा किया कि अवैध शराब से होने वाली मौतों में बीजेपी शासित राज्य टॉप के 3-4 में आते हैं। तेजस्वी ने कहा कि चार महीने पहले तक बीजेपी के मंत्री के रिश्तेदार के घर में शराब मिलते थे। आइए इस बयान की सच्चाई जानते हैं।

तेजस्वी के दावे की पड़ताल
तेजस्वी यादव के बयान के बाद सवाल उठता है कि उन्होंने ये आंकड़ा कहां से दिया। तो उनके बयान की हकीकत भी जान लीजिए। दरअसल, 19 जुलाई 2022 को केंद्र सरकार ने लोकसभा में एक बयान दिया था। जिसमें नकली शराब से होने वाली मौतों का आंकड़ा दिया गया था। तेजस्वी ने इसी आंकड़े को अपने बयान में कोट में किया है।

क्या था वो आंकड़ा
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के सांसद कुंवर दानिश अली ने एक अतारांकित सवाल का केंद्र सरकार ने जवाब दिया था। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित जवाब दिया था। उन्होंने बताया था कि 2016, 2017, 2018, 2019, 2022 के दौरान नकली शराब से होने वाली मौतों का विवरण दिया था। मंत्री ने बताया था कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डेटा के अनुसार, इन 5 सालों में नकली शराब के कारण सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 6,172 लोगों की मौत हुई थी।

कहां हुई सबसे ज्यादा मौत
सरकार के आंकड़े के अनुसार, सबसे ज्यादा मौत के मामले में मध्य प्रदेश टॉप पर रहा। यहां 1,214 लोगों की मौत हुई थी। कर्नाटक में 909 मौतों हुई हैं। पंजाब में 725 मौतें नकली शराब पीने के कारण हुई थी। गुजरात में 5 सालों में नकली शराब से 50 मौतें हुई हैं। वहीं बिहार में पांच साल में 21 लोगों की मौत नकली शराब पीने से हुई है। उत्तर प्रदेश में नकली शराब से 5 सालों में 291 लोगों की मौत हुई है। 2016 में नकली शराब से 961, 2017 में 1,354, 2018 में 1,352, 2019 में 1,264 और 2020 में 893 मौतें हुई हैं।

गौरतलब है कि गुजरात में 1 मई 1960 से ही शराबबंदी लागू है जबकि बिहार में अप्रैल 2016 में शराबबंदी लागू हुई थी। हालांकि दोनों ही राज्यों में शराबबंदी के बाद भी चोरी-छिपे शराब की बिक्री जारी है। इसी साल गुजरात में जहरीली शराब से 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। अब बिहार के छपरा में भी जहरीले शराब के कारण 39 लोगों की मौत हो चुकी है।

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