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जयशंकर थे ऑस्ट्रिया में और वहां के विदेश मंत्री ने की असहज करने वाली बात

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नई दिल्ली,

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को आस्ट्रिया दौरे पर पहुंचे लेकिन इस दौरान ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री अलेक्जेंडर शालेनबर्ग ने भारत को असहज करने वाली एक टिप्पणी कर दी. ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री ने सोमवार को कहा कि ऑस्ट्रिया में भारत से पिछले साल भारी संख्या में अवैध प्रवासी आए. मंत्री ने यह बयान दोनों देशों के बीच सोमवार को प्रवासन और आवाजाही (मोबिलिटी) साझेदारी समझौते पर हुए दस्तखत के बाद दिया. इस समझौते के बाद ऑस्ट्रिया में अवैध तरीके से रह रहे भारतीय नागरिकों को भारत सरकार वापस बुलाएगी. इसके बदले में ऑस्ट्रिया भारतीय छात्रों, विद्वानों और कुशल श्रमिकों के लिए आसान वीजा पॉलिसी सुनिश्चित करेगा.

ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री अलेक्जेंडर शालेनबर्ग और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को वियना में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. जयशंकर ने इस दौरान राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलन और चांसलर कार्ल नेहमर सहित कई अन्य ऑस्ट्रियाई नेताओं के साथ भी विस्तार से बात की. रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को हल करने के लिए उन्होंने बातचीत का आह्वान किया और भारत को ‘शांति’ और ‘तर्कशील’ देश बताया.

समझौते को बताया महत्वपूर्ण
ऑस्ट्रियाई मंत्री ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आज हमने एक व्यापक प्रवासन और आवाजाही साझेदारी समझौते पर दस्तखत किए हैं. उन्होंने कहा कि यह समझौता इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि पिछले साल ऑस्ट्रिया में शरण चाहने वालों की संख्या रिकॉर्ड एक लाख से ज्यादा पहुंच गई है. शोलनबर्ग ने कहा कि सर्बिया के रास्ते ऑस्ट्रिया में अवैध रूप से आने वाले भारतीयों की संख्या भी बहुत ज्यादा थी.

वीजा आवेदन में भारी बढ़ोतरी
ऑस्ट्रियाई मंत्री अलेक्जेंडर शालेनबर्ग ने कहा कि 2021 में भारत की ओर से ऑस्ट्रिया में शरण के लिए महज 600 आवेदन आए थे. लेकिन पिछले साल अचानक से यह संख्या बढ़कर 18 हजार पहुंच गई. उसके बाद हमने सर्बिया पर दबाव डाला कि वे अपनी वीजा उदारीकरण नीति में यूरोपीय यूनियन की नीति लागू करें. हम उनके शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने ये बदलाव किया.

मंत्री ने कहा कि समस्या प्रवासन की नहीं है, समस्या अवैध प्रवासन है. उन्होंने कहा कि हम स्पष्ट हैं कि हम अवैध प्रवासन नहीं चाहते हैं. प्रवासन को नियंत्रित करने का काम देश का है न कि किसी अपराधी या मानव तस्करों का. हालांकि, आस्ट्रियाई मंत्री शोलनबर्ग ने आस्ट्रिया के विकास में हजारों भारतीयों के योगदान की सराहना भी की.

क्या है इस समझौते में
व्यापक प्रवासन और गतिशीलता समझौते के अनुसार, भारत सरकार आस्ट्रिया में रह रहे अवैध अप्रवासियों को वापस बुलाने का काम करेगी, जबकि ऑस्ट्रिया भारतीय छात्रों, विद्वानों और कुशल श्रमिकों के लिए आवाजाही में आसानी सुनिश्चित करेगा.

आस्ट्रियाई मंत्री ने भारत को मित्र और सहयोगी देश बताते हुए कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय नियम कोपालन करने वाला देश है. रूस और यूक्रेन में जारी जंग पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यूक्रेन में जारी युद्ध ऑस्ट्रिया की राजधानी से केवल 500 किमी दूर हो रहा है. बहुपक्षीय मंचों में भारत की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, हम भारत पर भरोसा करते हैं.

व्यापक प्रवासन गतिशीलता समझौते पर टिप्पणी करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, “हम एक देश के रूप में वैश्विक कार्यस्थलों का संपूर्ण लाभ लेना चाहते हैं और भारत कानूनी प्रवासन और आवाजाही का एक मजबूत समर्थक है. उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासन न केवल इसमें शामिल लोगों को तमाम खतरों में डालता है बल्कि यह एक तरह से शोषक भी है.

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