9.5 C
London
Tuesday, April 28, 2026
Homeराज्यनीतीश ताकते रह गए, KCR ने शुरू की विपक्षी एकता की पहल,...

नीतीश ताकते रह गए, KCR ने शुरू की विपक्षी एकता की पहल, 18 को करेंगे रैली

Published on

पटना

बिहार के सीएम नीतीश कुमार को उनकी पार्टी और सरकार में साथी आरजेडी के नेताओं ने विपक्ष का पीएम कैंडिडेट-पीएम मटेरियल बता कर खूब ढोल बजाया है। नीतीश पर विपक्षी दलों को एकजुट करने का भार आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद ने सौंपा। नीतीश कुमार अभी तक देश दौरे की योजना ही बना रहे हैं। इस बीच तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव (KCR) ने 18 जनवरी को खम्मम में रैली की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने पहले ही घोषणा की थी कि मकर संक्रांति के बाद वह राष्ट्रीय राजनीति में अपने दल का विस्तार करेंगे। रैली में विपक्षी दलों के नेताओं को बुलाने की बात है। केसीआर की रैली में शामिल होने के लिए बिहार के किन-किन दलों या नेताओं को न्यौता भेजा गया है, यह अब तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान सिंह ने रैली में शामिल होने की सहमति दे दी है। नीतीश कुमार की मानें तो वह विपक्ष को गोलबंद करने के प्रयास में जुटेंगे, लेकिन विधानसभा के बजट सत्र के बाद। उन्हें इंतजार है, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के समापन का। नीतीश का कहना है कि वह सबसे मिलेंगे। चूंकि राहुल गांधी अभी भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हैं, इसलिए अभी इस दिशा में कुछ करना मुनासिब नहीं। बजट सत्र तक राहुल की रैली भी समाप्त हो जाएगी।

JDU-RJD बताते रहे नीतीश को PM मटेरियल
बहरहाल इतना अब साफ हो गया है कि नीतीश कुमार का नाम विपक्षी खेमे की ओर से पीएम पद की रेस में नहीं दिखता। खुद नीतीश अपने को पीएम पद की रेस में शामिल होने से इनकार करते रहे हैं। भले ही जेडीयू और आरजेडी उनमें पीएम पद के सारे गुण देखते-गिनाते रहे हों। बिहार में सक्रिय आरजेडी और जेडीयू के अलावा उन्हें पीएम पद का कैंडिडेट दूसरे विपक्षी दलों ने अभी तक नहीं बताया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने तो नीतीश कुमार की उम्मीद पर उसी दिन पानी फेर दिया था, जब उन्होंने पार्टी और पीएम पद का चेहरा राहुल गांधी को बताया था। उससे पहले सलमान खुर्शीद ने इशारों-इशारों में संकेत दे दिया था कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे जरूर हैं, लेकिन कांग्रेसी गांधी परिवार के प्रति आस्थावान हैं। रही-सही कसर केसीआर ने निकाल दी है। हालांकि केसीआर महागठबंधन की सरकार बनते ही नीतीश से मिलने पटना जरूर आये थे।

लालू ने कहा था- नीतीश करेंगे केंद्र की राजनीति
महागठबंधन के साथ नीतीश के जुड़ने के वक्त ही लालू प्रसाद ने कहा था कि नीतीश कुमार नेशनल पॉलिटिक्स करेंगे। वह विपक्षी दलों को बीजेपी के खिलाफ गोलबंद करेंगे। आनन-फानन में नीतीश कुमार ने दिल्ली की दौड़ भी लगायी। उन्होंने लालू के प्रयास से सोनिया गांधी से मुलाकात की, लेकिन इसे अधिक प्रचारित इसलिए नहीं किया गया, क्योंकि सोनिया की ओर से कोई हरी झंडी नहीं मिली थी। विपक्ष के दूसरे नेताओं से मिल कर वह लौट आये थे। इसके बाद बिहार के सियासी फिजां में रुक-रुक कर यह चर्चा होती रही कि नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में जाएंगे। वह पीएम मटेरियल हैं। पीएम बनने के सारे गुण उनमें मौजूद हैं। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि नीतीश कुमार जो काम पहले करते हैं, वही काम दूसरे राज्य या केंद्र सरकार बाद में करते हैं। ऐसा कहने का उनका आशय साफ था कि नीतीश कुमार में पीएम बनने के सारे तत्व मौजूद हैं।

जगदानंद ने कहा था- नीतीश को मिला है लालू का आशीर्वाद
हाल के दिनों में आरजेडी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने यह कह कर हवा दे दी है कि नीतीश कुमार जरूर पीएम बनेंगे। लालू प्रसाद यादव ने उन्हें विजय का टीका लगा दिया है। इंद्र कुमार गुजराल और एचडी देवगौड़ा जैसे लोग लालू प्रसाद के आशीर्वाद से ही पीएम बने थे। इसलिए लालू का नीतीश को मिला आशीर्वाद जरूर उन्हें पीएम की कुर्सी पर बिठाएगा। हालांकि जेडीयू के वरिष्ठ नेता उपेंद्र कुशावाह ने उनकी बात को यह कह कर खारिज कर दिया था कि नीतीश कुमार को किसी नेता के आशीर्वाद की जरूरत नहीं है। उन्हें जनता का आशीर्वाद प्राप्त है। जन आशीर्वाद से ही वह पीएम बनेंगे।

ममता बनर्जी भी देख चुकी हैं पीएम पद का सपना
ममता बनर्जी भी तीसरी बार सीएम की कुर्सी हासिल करने के बाद बीजेपी के खिलाफ विपक्ष को गोलबंद करने की कोशिश की थी। उन्होंने दो-तीन बार दिल्ली की दौड़ लगायी और विपक्षी नेताओं से मुलाकात की। ममता बनर्जी कांग्रेस रहित विपक्ष की बात कहती थीं, जबकि शरद पवार ने उनके मंसूबे पर यह कह कर पानी फेर दिया कि कांग्रेस के बिना विपक्षी एकता का कोई अर्थ नहीं। उसके बाद से ममता बनर्जी खामोश हैं। उल्टे इनदिनों वह पीएम मोदी के करीब आती दिख रही हैं।

Latest articles

विधानसभा में 33% महिला आरक्षण का संकल्प पारित: CM बोले-कांग्रेस ने बहनों की क्षमता-आकांक्षाओं की पीठ में खंजर घोंपा

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र में सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन’...

मनरेगा ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल: 97.11% लक्ष्य पूरा कर रचा इतिहास, बड़े राज्यों को भी पछाड़ा

  रायपुर। छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से की शिष्टाचार भेंट, विकास और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने बेंगलुरु प्रवास के दौरान कर्नाटक के...

More like this

मनरेगा ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल: 97.11% लक्ष्य पूरा कर रचा इतिहास, बड़े राज्यों को भी पछाड़ा

  रायपुर। छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से की शिष्टाचार भेंट, विकास और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने बेंगलुरु प्रवास के दौरान कर्नाटक के...